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September 11, 2026

मन का बोझ अकेले न उठाएं: मानसिक परेशानी में मिलेगी 24 घंटे मदद, जानिए Tele-MANAS की पूरी जानकारी

The CSR Journal Magazine

सरकार की Tele-MANAS सेवा 14416 पर 24 घंटे उपलब्ध, तनाव, चिंता और भावनात्मक परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए परामर्श की सुविधा

जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं, जब जिम्मेदारियों, काम के दबाव, पारिवारिक समस्याओं, आर्थिक चिंता, रिश्तों में तनाव या भविष्य को लेकर असमंजस के कारण व्यक्ति खुद को मानसिक रूप से बेहद परेशान महसूस करने लगता है। ऐसी स्थिति में समस्या को अकेले सहते रहने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करना और समय रहते विशेषज्ञ सहायता लेना बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार ने देशभर के लोगों के लिए राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत Tele-MANAS सेवा शुरू की है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी महसूस होने पर लोग 14416 पर संपर्क कर सहायता और परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार Tele-MANAS यानी Tele Mental Health Assistance and Networking Across States को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के डिजिटल घटक के रूप में विकसित किया गया है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 के केंद्रीय बजट में राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की घोषणा की थी और 10 अक्टूबर 2022 को इसे शुरू किया गया। इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान बनाना है, खासकर उन लोगों तक जो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों या परामर्श सेवाओं तक आसानी से नहीं पहुंच पाते।

तनाव को कमजोरी समझना पड़ सकता है भारी

मानसिक परेशानी हमेशा किसी गंभीर मानसिक बीमारी का संकेत नहीं होती। कई बार लगातार तनाव, काम का दबाव, अकेलापन, चिंता, नींद में परेशानी, पारिवारिक विवाद या किसी कठिन घटना के बाद व्यक्ति भावनात्मक रूप से अस्थिर महसूस कर सकता है। ऐसी स्थिति में किसी से बात करना और समय रहते उचित सहायता प्राप्त करना समस्या को गंभीर होने से रोकने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञ सहायता लेने में झिझक या सामाजिक संकोच के कारण अनेक लोग अपनी परेशानी लंबे समय तक किसी को नहीं बताते। सरकार की Tele-MANAS व्यवस्था इसी अंतर को कम करने का प्रयास करती है। इसका उद्देश्य लोगों को शुरुआती स्तर पर सुनना, समझना, परामर्श देना और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें आगे की मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार सेवा में परामर्श के साथ मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जुड़ी सेवाओं और जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत उपचार सेवाओं तक पहुंच बनाने की व्यवस्था भी शामिल है।

14416 पर कैसे मिलेगी मदद?

Tele-MANAS की सेवा लेने के लिए देश के किसी भी हिस्से से 14416 पर फोन किया जा सकता है। सरकार ने इसके लिए एक वैकल्पिक टोल-फ्री नंबर 1800-89-14416 भी उपलब्ध कराया है। सेवा चौबीसों घंटे संचालित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। कॉल करने वाले व्यक्ति को अपनी समस्या के अनुसार सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। Tele-MANAS व्यवस्था को कई स्तरों पर काम करने के लिए तैयार किया गया है। प्रारंभिक स्तर पर प्रशिक्षित परामर्शदाता लोगों की समस्याएं सुनते हैं और जरूरत के अनुसार उन्हें आगे की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यदि मामला अधिक गंभीर या विशेषज्ञ हस्तक्षेप वाला हो, तो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सेवाओं और संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है। इसका उद्देश्य केवल फोन पर बातचीत तक सीमित रहना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर व्यक्ति को निरंतर मानसिक स्वास्थ्य देखभाल से जोड़ना है।

दूरदराज के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण सुविधा

भारत जैसे विशाल देश में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की समान पहुंच लंबे समय से एक चुनौती रही है। बड़े शहरों में मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और परामर्श केंद्र अपेक्षाकृत अधिक उपलब्ध हो सकते हैं, लेकिन छोटे शहरों, ग्रामीण क्षेत्रों और दूरदराज के इलाकों में विशेषज्ञ तक पहुंच आसान नहीं होती। Tele-MANAS का एक प्रमुख उद्देश्य इसी कमी को कम करना है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कार्यक्रम का लक्ष्य देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 24 घंटे टेली-मानसिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उन लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिनके लिए आमने-सामने किसी विशेषज्ञ तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

केवल गंभीर बीमारी होने पर ही नहीं, परेशानी महसूस होने पर भी लें मदद

मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेने के लिए किसी व्यक्ति का गंभीर मानसिक रोग से पीड़ित होना जरूरी नहीं है। जीवन में लंबे समय तक चलने वाला तनाव भी व्यक्ति की नींद, काम करने की क्षमता, रिश्तों और रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर सकता है। लगातार बेचैनी, अत्यधिक चिंता, मन उदास रहना, सामाजिक गतिविधियों से दूरी बनाना या ऐसी परेशानियां जिनसे व्यक्ति अकेले निपट नहीं पा रहा हो, ऐसी स्थितियों में किसी भरोसेमंद व्यक्ति या मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से बात करना उपयोगी हो सकता है। Tele-MANAS की आधिकारिक व्यवस्था का उद्देश्य मानसिक परेशानी को शुरुआती स्तर पर पहचानकर सहायता उपलब्ध कराना और जरूरत पड़ने पर आगे की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। सरकार के अनुसार कार्यक्रम में परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से परामर्श, आगे की चिकित्सा सेवाओं से संपर्क और अनुवर्ती सहायता जैसी सुविधाओं को नेटवर्क के रूप में विकसित किया जा रहा है।

20 से अधिक भाषाओं में सहायता का विस्तार

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बातचीत में भाषा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। व्यक्ति अपनी भावनाओं और समस्याओं को उसी भाषा में अधिक सहजता से व्यक्त कर सकता है जिसमें वह सामान्य रूप से बातचीत करता है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार Tele-MANAS ने विभिन्न भारतीय भाषाओं में परामर्श उपलब्ध कराने की दिशा में विस्तार किया है। दिसंबर 2024 तक उपलब्ध सरकारी आंकड़ों में परामर्शदाताओं द्वारा 20 से अधिक भाषाओं में बातचीत किए जाने का उल्लेख है। यह व्यवस्था खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जो अंग्रेजी में अपनी मानसिक या भावनात्मक परेशानी स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में सहज नहीं हैं। अपनी पसंद की भाषा में बातचीत होने से व्यक्ति अपनी समस्या को अधिक खुलकर बता सकता है और सहायता लेने की प्रक्रिया उसके लिए कम कठिन हो सकती है।

फोन से आगे बढ़ रही है सेवा

Tele-MANAS को समय के साथ केवल आवाज आधारित परामर्श तक सीमित नहीं रखा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार Tele-MANAS मोबाइल एप भी शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। इसके अलावा वीडियो परामर्श सुविधा को भी आगे बढ़ाया गया है। इस व्यवस्था का व्यापक उद्देश्य ऐसा मानसिक स्वास्थ्य नेटवर्क तैयार करना है जिसमें शुरुआती बातचीत से लेकर विशेषज्ञ सहायता और जरूरत पड़ने पर आमने-सामने उपचार सेवाओं तक व्यक्ति को जोड़ा जा सके। सरकार के अनुसार यह राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के डिजिटल हिस्से के रूप में काम करता है।

मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने की जरूरत

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में मौजूद झिझक और गलत धारणाएं समस्या को और बढ़ा सकती हैं। कई लोग तनाव या अवसाद जैसी परेशानियों को कमजोरी समझते हैं या यह मान लेते हैं कि समय के साथ समस्या अपने आप ठीक हो जाएगी। लेकिन यदि परेशानी लगातार बनी रहती है या व्यक्ति के सामान्य जीवन को प्रभावित करने लगती है, तो विशेषज्ञ सहायता लेना उचित कदम हो सकता है। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह समझना है कि मदद मांगना कमजोरी नहीं है। जिस तरह शारीरिक बीमारी में डॉक्टर से सलाह ली जाती है, उसी तरह मानसिक और भावनात्मक परेशानी में भी प्रशिक्षित पेशेवर की सहायता ली जा सकती है।

समय पर मदद कई मुश्किलों को बढ़ने से रोक सकती है

सरकार की Tele-MANAS पहल का मूल संदेश यही है कि मानसिक परेशानी को छिपाने या अकेले सहने के बजाय समय रहते किसी से बात की जाए। परिवार का सदस्य, दोस्त, शिक्षक, सहकर्मी या कोई भरोसेमंद व्यक्ति शुरुआती स्तर पर भावनात्मक सहारा दे सकता है, जबकि लगातार या गंभीर परेशानी की स्थिति में मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर से संपर्क करना अधिक उचित है। अगर कोई व्यक्ति खुद को संभालने में कठिनाई महसूस कर रहा है या उसकी मानसिक स्थिति तेजी से बिगड़ रही है, तो इंतजार करने के बजाय तत्काल सहायता लेना जरूरी है। ऐसी स्थिति में Tele-MANAS के 14416 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। सरकार की यह सेवा मानसिक स्वास्थ्य सहायता को लोगों के करीब लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
महत्वपूर्ण: यदि किसी व्यक्ति को तत्काल खतरा हो, वह खुद को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोच रहा हो या उसकी सुरक्षा को लेकर तत्काल चिंता हो, तो केवल फोन परामर्श का इंतजार न करें—उसे अकेला न छोड़ें और नजदीकी अस्पताल या स्थानीय आपातकालीन सेवा से तुरंत संपर्क करें। Tele-MANAS से भी 14416 पर सहायता ली जा सकती है।

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