Delhi Building Collapse Updates: दिल्ली में PG का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, रेंट भी होगा तय… नए बिल की तैयारी

The CSR Journal Magazine
दिल्ली सरकार अब एक नया बिल लाने की योजना बना रही है, जिससे हर पीजी को सरकारी लाइसेंस लेना होगा। सत्य निकेतन में हाल ही में हुई बिल्डिंग गिरने की घटना ने इसे एक जरूरी कदम बना दिया है। ‘पेइंग गेस्ट एकोमोडेशन रेगुलराइजेशन एंड वेलफेयर बिल’ के अंतर्गत हर पीजी को रजिस्ट्रेशन कराने के साथ ही सुरक्षा और सुविधा के प्रावधान किए जाएंगे।

Delhi Building Collapse Updates: क्या-क्या होंगे नए नियम?

दिल्ली सरकार के नए PG बिल में कई महत्वपूर्ण नियम शामिल होंगे। हर पीजी को सरकारी मंजूरी प्राप्त करनी होगी और उसे एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा। यह जानकारी सरकारी GovPG पोर्टल पर उपलब्ध होगी, जिससे छात्रों को आसानी होगी।

किराए की मनमानी पर रोक, CCTV और सुरक्षा प्रणाली का प्रभावी उपयोग

नए नियमों के तहत पीजी के किराए की सीमा तय की जाएगी, जिसे ‘Rent Band’ कहा जाएगा। इसके अलावा, सिक्योरिटी डिपॉजिट अधिकतम तीन महीने के किराए तक रखा जा सकेगा और इसे 30 दिन के भीतर वापस करना होगा। अचानक निकासी के मामले में भी छात्रों को 30 दिन का नोटिस देना आवश्यक होगा। बिल में यह भी आवश्यक किया जाएगा कि सभी पीजी में CCTV कैमरा लगाना पड़ेगा और कम से कम 30 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखनी होगी। इसके अतिरिक्त, 15 या उससे अधिक छात्रों वाले पीजी में लाइसेंस प्राप्त सिक्योरिटी गार्ड होना अनिवार्य होगा।

बाहरी लोगों के प्रवेश पर नियम, शिकायतों के लिए ऑनलाइन तंत्र

Delhi Building Collapse Updates: PG में बाहरी लोगों की एंट्री सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक ही होगी। सभी विजिटर्स की एंट्री रजिस्टर में दर्ज करनी पड़ेगी। हर पीजी में वार्डन की व्यवस्था भी करनी होगी, जो आपातकालीन स्थिति में त्वरित पहुंच सुनिश्चित करेगा। छात्र अब ऑनलाइन शिकायत करने की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। सरकारी GovPG पोर्टल पर छात्र अपने PG की जानकारी देख सकेंगे और शिकायत दर्ज कर सकेंगे। शिकायत की स्थिति को भी ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा, जिससे छात्रों को पारदर्शिता मिलेगी।

कॉलेजों में एकोमोडेशन कमेटी का गठन, PG ऑपरेटर के लिए विशेष प्रोत्साहन

एकोमोडेशन रेगुलराइजेशन बिल के तहत कॉलेज और विश्वविद्यालयों में एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी में फैकल्टी, छात्र प्रतिनिधि, नगर निगम और पुलिस के अधिकारी शामिल होंगे। यह कमेटी नियमों का पालन कराने और विवादों का समाधान करेगी। बिल में यह भी कहा गया है कि जो PG अनुशासन का पालन करेंगे, उन्हें ‘सर्टिफाइड स्टूडेंट-फ्रेंडली PG’ का दर्जा दिया जाएगा। यह उन्हें विशेष लाभ और विभिन्न प्रोत्साहनों का अधिकारी बनाएगा।

चुनौतियों का सामना

हालांकि, हजारों छोटे और अनौपचारिक PG को रजिस्टर कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसके लिए एक सिंगल-विंडो सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी, ताकि प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके। अभी यह केवल एक प्रस्तावित बिल है, जिसे लागू करने के लिए प्रक्रिया का पालन करना होगा।

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