कौशांबी में 11 मौतों के बाद ताबड़तोड़ एक्शन: पटाखा गोदाम पर चला बुलडोजर, आरोपी का एनकाउंटर

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मोहम्मदपुर मनौरी में हुए हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद प्रशासन ने आरोपी के अवैध पटाखा गोदाम पर बुलडोजर चलाया और पुलिस ने मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मामले में छह नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वहीं ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में पुलिस अधिकारियों और सिपाहियों पर भी कार्रवाई की गई है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि प्रतिबंध और लाइसेंस से जुड़ी कार्रवाई के बावजूद पटाखा निर्माण और भंडारण कैसे जारी रहा।

धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकान भी प्रभावित हुए

घटना 31 अगस्त 2026 को पिपरी थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर मनौरी में हुई। पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई मकान भी प्रभावित हुए। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। हादसे में मरने वालों में कई बच्चे भी शामिल बताए गए हैं।

2024 में लाइसेंस सस्पेंड होने की बात आई सामने

हादसे के बाद जांच में एक गंभीर सवाल सामने आया है। प्रशासन के मुताबिक शुरुआती जानकारी में पता चला है कि संबंधित फैक्ट्री का लाइसेंस 2024 में ही सस्पेंड किया जा चुका था। इसके बावजूद वहां पटाखा निर्माण और भंडारण कैसे चलता रहा, अब इसकी जांच की जा रही है। यही सवाल प्रशासनिक और पुलिस स्तर की जिम्मेदारी को लेकर भी उठ रहा है।

आरोपी के गोदाम पर चला बुलडोजर

हादसे के बाद प्रशासन ने मुख्य आरोपी मोहम्मद आदिल के गोदाम पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया। दूसरे स्थानों पर मौजूद अवैध पटाखा भंडारण की भी जांच की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक एक अन्य गोदाम से बड़ी मात्रा में पटाखे और बारूद बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने आरोपियों की संपत्ति पर भी नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।

पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी गिरफ्तार

हादसे के बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। 1 सितंबर की सुबह पुलिस ने मुख्य आरोपी नौशाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फैक्ट्री और गोदाम के संचालन में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे।

तीन पुलिस अधिकारियों समेत कई पर गिरी गाज

हादसे के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। लापरवाही के आरोप में पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह, चायल चौकी प्रभारी अमित द्विवेदी और पूर्व चायल चौकी प्रभारी मनीष पाल को लाइन हाजिर किया गया है। इसके अलावा बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को निलंबित किया गया है। पुलिस अधीक्षक की ओर से यह कार्रवाई ड्यूटी में लापरवाही और फैक्ट्री संचालन की सूचना पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोपों के बाद की गई है।

छह लोगों पर FIR, दो महिलाएं हिरासत में

मामले में पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनके खिलाफ BNS और विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने दो महिलाओं शबाना और साइना को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण में जो भी लोग शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

CM योगी ने मुआवजे का किया ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताया है। PMNRF से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल

कौशांबी हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब फैक्ट्री का लाइसेंस 2024 में सस्पेंड हो चुका था, तो वहां पटाखा निर्माण और बारूद का भंडारण कैसे जारी रहा? अब पुलिस और प्रशासन की जांच इसी सवाल के जवाब पर केंद्रित है। आरोपी की गिरफ्तारी, गोदाम पर बुलडोजर कार्रवाई और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद यह साफ है कि मामले में जिम्मेदारी तय करने की कोशिश तेज कर दी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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