ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा दी है। यह दौरा खासतौर पर व्यापार, तकनीक और प्रतिभा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर केंद्रित रहा है। चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के किसी चांसलर की यह यात्रा भारत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 14 से 17 अप्रैल तक चल रहे इस दौरे में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
व्यापार की नई संभावनाएं
भारत और ऑस्ट्रिया के बीच लगभग 3.5 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है, जिसे बढ़ाने की योजना है। प्रस्तावित भारत-EU फ्री ट्रेड के लागू होने से व्यापार और निवेश में तेज़ी आने की उम्मीद है। ऑस्ट्रियाई कंपनियां भारत में निर्माण, रेलवे और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। वहीं, भारत की बढ़ती IT क्षमता को देखते हुए ऑस्ट्रिया यहाँ निवेश को बढ़ाने के मूड में है।
छह महत्वपूर्ण समझौतों का ऐलान
इस दौरे के दौरान छह महत्वपूर्ण समझौतों का ऐलान किया गया। इनमें शामिल हैं:
ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन पर सहयोग, खाद्य सुरक्षा और मानकों पर सहयोग, निवेश बढ़ाने के लिए फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म, रक्षा सहयोग और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप, काउंटर-टेररिज्म पर संयुक्त कार्य समूह और स्किल डेवलपमेंट की मान्यता। इसके अलावा, साइबर सुरक्षा संवाद और स्टार्टअप ब्रिज जैसी पहलों की घोषणा की गई है।
रक्षा और सुरक्षा में सहयोग
भारत और ऑस्ट्रिया ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति जताई है। इस संबंध में एक संयुक्त कार्य समूह का गठन किया जाएगा, जो रक्षा उद्योग और तकनीक पर ध्यान केंद्रित करेगा। दोनों देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को बढ़ाने की बात भी हुई।
ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्र में साझेदारी
ऊर्जा सहयोग, खासकर रिन्यूएबल सेक्टर में, इस दौरे का अहम हिस्सा रहा। ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण और इलेक्ट्रिक ग्रिड जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। हाई-टेक सहयोग, जिसमें क्वांटम टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा शामिल हैं, को दोनों देशों के रिश्ते का केंद्रीय स्तंभ माना जा रहा है।
युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए नए अवसर
2023 में साइन हुआ माइग्रेशन और मोबिलिटी एग्रीमेंट पहले से ही प्रभावी है, जिससे ऑस्ट्रिया में भारतीय प्रोफेशनल्स और छात्रों की संख्या बढ़ रही है। वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम के तहत हर साल 1830 युवाओं को एक साल तक काम करने का अवसर मिलेगा। नर्सिंग और हेल्थकेयर सेक्टर में भी भारतीय पेशेवरों के लिए मौके खुलेंगे।
शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों की मजबूती
ऑस्ट्रिया के तकनीकी विश्वविद्यालयों ने भारतीय छात्रों के लिए विशेष ‘फोकस इंडिया’ पहल शुरू की है। इस पहल के तहत इंजीनियरिंग और तकनीकी मास्टर्स प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एक समर्पित पोर्टल बनाया गया है। यह न केवल शिक्षा को, बल्कि दीर्घकालिक तकनीकी और आर्थिक सहयोग को
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