आजकल हमारी जिंदगी पूरी तरह से स्मार्ट गैजेट्स से घिरी हुई है। स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, ओटीटी प्लेटफॉर्म और कनेक्टेड कारें हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल हो गई हैं। जबकि ये सभी तकनीकें हमारे लिए सुविधाजनक हैं, इसी के साथ हमारी निजता को भी खतरा बढ़ा दिया है। कई बार हम बिना समझे-समझे सहमति देते हैं, जिससे हमारी व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो जाती है।
कनेक्टेड डिवाइस का असर
स्मार्टफोन का जिक्र करते हैं। कई एप्स आपके फोन की बैकग्राउंड में चलकर आपकी बातें सुनते हैं और आपको लक्षित विज्ञापन दिखाते हैं। इसके अलावा, GPS और सेंसर आपकी गतिविधियों को ट्रैक करते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि smart TV आपको क्या देख रहे हैं, ये ट्रैक करता है? कुछ टीवी ऑटोमैटिक कंटेंट रिकॉग्निशन के जरिए आपकी पसंद जान लेता है, और यह भी संभव है कि उसमें लगे माइक्रोफोन आपकी बातचीत रिकॉर्ड कर रहे हों।
स्मार्ट स्पीकर की निगरानी
स्मार्ट स्पीकर जैसे Alexa और Google Home हमेशा आपके कमांड का इंतजार कर रहे होते हैं। ये हर समय बातचीत सुनते हैं और कभी-कभी ये बातचीत कंपनियों के पास रिकॉर्ड हो जाती है। इसके अलावा, Wi-Fi routers भी आपकी गतिविधियों की निगरानी करने में सक्षम हैं। नवीनतम अध्ययन दिखाते हैं कि ये routers कमरे में मौजूद लोगों की गतिविधियों को उच्च सटीकता से पहचान सकते हैं।
कनेक्टेड कारों का डेटा संग्रह
आधुनिक कनेक्टेड कारें भी अब डेटा चोरी का एक बड़ा साधन बन गई हैं। कार की सीटों, डैशबोर्ड और अन्य जगहों पर लगे सेंसर आपकी जानकारी रिकॉर्ड करते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 25 में से 19 कारें अपना डेटा बेचने की इच्छुक हैं। इस तकनीकी युग में हमारी कारें भी हमारी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
OTT प्लेटफॉर्म की संयुक्त निगरानी
अमेरिका में टेक्सास के अटॉर्नी जनरल ने Netflix पर मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि स्ट्रीमिंग सेवा ने बच्चों सहित यूजर्स की गतिविधियों पर नजर रखी और बिना स्पष्ट सहमति के जानकारी इकट्ठा की। यह साबित करता है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म भी निजी जानकारी के संग्रह में संलग्न हैं।
निजता को सुरक्षित रखने के उपाय
यदि आप अपनी निजता की रक्षा करना चाहते हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने होंगे। एप्स को केवल जरूरी परमिशन दें, और ‘Allow All’ जैसी अनुमतियों से बचें। माइक्रोफोन और कैमरा को केवल उपयोग के दौरान सक्रिय करें, और नियमित रूप से एप्स की परमिशन की समीक्षा करें। एक मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और उसे समय-समय पर बदलते रहें।
सुरक्षा के लिए तकनीकी उपाय
जहां संभव हो, पासकी और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करें। अपनी कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम में अनावश्यक एप्स को न रखें, और नियमित रूप से सॉफ्टवेयर अपडेट करें। Bluetooth और Wi-Fi ऑटो-कनेक्ट जैसी सुविधाओं को बंद रखें ताकि आपकी निजता को और बेहतर तरीके से सुरक्षित रखा जा सके।
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