दिल्ली में उद्योग मित्र पोर्टल लॉन्च: कारोबारियों को एक ही क्लिक पर मिलेंगे सभी लाइसेंस और NOC

The CSR Journal Magazine

दिल्ली में ‘उद्योग मित्र पोर्टल’ लॉन्च, कारोबारियों के लिए जागी नई उम्मीद: लाइसेंस और NOC की राह हुई आसान

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के व्यापारिक और औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा देने के लिए सोमवार को दिल्ली सचिवालय में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए बहुप्रतीक्षित ‘दिल्ली उद्योग मित्र’ (Delhi Udyog Mitra) पोर्टल को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी उपस्थित रहे। इस डिजिटल क्रांति से दिल्ली के लगभग 8 लाख से अधिक व्यापारियों, उद्यमियों और एमएसएमई (MSMEs) को सीधे तौर पर सहूलियत मिलेगी। अब उन्हें नए उद्योग लगाने, फैक्ट्रियां स्थापित करने या अपने मौजूदा व्यापार का विस्तार करने के लिए विभिन्न सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे।

सिंगल विंडो सिस्टम से खत्म होगा ‘दफ्तरों का चक्कर’

राजधानी में अब तक नया व्यवसाय शुरू करने के लिए कारोबारियों को फायर विभाग, पर्यावरण विभाग, दिल्ली नगर निगम (MCD), राजस्व विभाग सहित तमाम सरकारी दफ्तरों की चौखट पर महीनों तक भटकना पड़ता था। इस जटिल व्यवस्था और फाइलों के लंबे इंतजार को खत्म करने के लिए ही इस पोर्टल को एक ‘अम्ब्रेला प्लेटफॉर्म’ के रूप में विकसित किया गया है। इस एकीकृत (Integrated) सिंगल-विंडो डिजिटल मंच के माध्यम से कारोबारी सिर्फ एक सिंगल लॉग-इन ID की मदद से सभी आवश्यक स्वीकृतियों, विभिन्न श्रेणियों के लाइसेंस और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
वर्तमान क्षमता: वर्तमान में इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिल्ली सरकार के 15 से अधिक प्रमुख विभागों की 50 से ज्यादा महत्वपूर्ण सेवाएं लाइव कर दी गई हैं।
आगामी विस्तार योजना: उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट किया कि अगले महीने तक इस पोर्टल का व्यापक विस्तार किया जाएगा। इसके बाद इस पर 21 विभागों की 100 से अधिक सेवाएं पूरी तरह से एकीकृत हो जाएंगी, जिससे व्यापारियों को व्यापारिक मंजूरियां पाना बेहद सुगम हो जाएगा।

पूरी पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन एप्लीकेशन ट्रैकिंग

इस पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शिता है। अब तक आवेदन जमा करने के बाद कारोबारी यह नहीं जान पाते थे कि उनकी फाइल किस स्तर पर या किस अधिकारी के पास अटकी हुई है। ‘दिल्ली उद्योग मित्र पोर्टल’ इस समस्या का पूर्ण समाधान लेकर आया है-
रियल-टाइम स्टेटस: आवेदनकर्ता अपने घर या कार्यालय में बैठकर अपनी एप्लिकेशन का स्टेटस रीयल-टाइम ट्रैक कर सकेंगे कि उनकी फाइल पर क्या कार्रवाई हुई है।
शिकायत निवारण प्रणाली: यदि किसी स्तर पर अधिकारियों द्वारा अनावश्यक रूप से देरी की जाती है, तो आवेदक सीधे इसी पोर्टल पर अपनी शिकायत (Grievance) दर्ज करा सकेंगे।
समयबद्ध निपटान: दिल्ली सरकार के अधिकारियों को प्रत्येक सेवा और लाइसेंस को जारी करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की गई है, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और व्यापार को गति मिलेगी।

नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से जुड़ाव: डिजिटल भारत की ओर कदम

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पोर्टल के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि यह डिजिटल मंच केवल दिल्ली स्तर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे केंद्र सरकार के ‘नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम’ (NSWS) के साथ पूरी तरह से एकीकृत (इंटीग्रेट) किया गया है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प और देश में उद्योगों को वन-क्लिक सर्विस देने की दूरदर्शिता के अनुकूल है। केंद्र और राज्य के डिजिटल सिस्टम के आपस में जुड़ जाने से देश-विदेश के बड़े निवेशकों को भी दिल्ली में अपनी विनिर्माण (Manufacturing) या सेवा क्षेत्र की इकाइयां लगाने में बेहद आसानी होगी।

कैबिनेट मंत्रियों और व्यापारिक संगठनों की प्रतिक्रिया

लॉन्चिंग के दौरान उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा, “पिछले 50 सालों में दिल्ली के व्यापारिक इतिहास में ऐसा क्रांतिकारी काम नहीं हुआ है, जो आज हमारी सरकार ने कर दिखाया है। यह दिल्ली के आर्थिक विकास के पहिये को तेज करने वाला कदम है। इस पोर्टल के माध्यम से नए उद्योग तेजी से खुलेंगे, जिससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।” दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक महासंघों और चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी सरकार के इस कदम की सराहना की है। विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के प्रतिनिधियों का कहना है कि लंबे समय से एक ऐसी केंद्रीकृत डिजिटल व्यवस्था की मांग की जा रही थी। कागजी कार्रवाई और मानवीय हस्तक्षेप (Human Intervention) कम होने से व्यापारियों का कीमती समय बचेगा और वे पूरी ऊर्जा अपने व्यवसाय को बढ़ाने में लगा सकेंगे।

स्टार्टअप्स और MSME के लिए ‘संजीवनी’

दिल्ली को देश की ‘स्टार्टअप राजधानी’ भी माना जाता है। नए दौर के युवा उद्यमियों (Entrepreneurs) के पास बेहतरीन आइडिया होते हैं, लेकिन वे सरकारी नियमों और अनुमतियों के पचड़े में फंसकर हतोत्साहित हो जाते हैं। ‘दिल्ली उद्योग मित्र’ पोर्टल इन नए स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए एक बड़ा सहारा साबित होगा-
गाइडेंस टूल: पोर्टल पर नए व्यापार के अनुकूल कौन-कौन से लाइसेंस अनिवार्य हैं, किस उद्योग के लिए क्या मानक तय हैं, इसकी विस्तृत जानकारी और गाइडलाइंस भी उपलब्ध कराई गई हैं।
एक ही स्थान पर दस्तावेजीकरण: सभी दस्तावेजों को डिजिटल फॉर्मेट में अपलोड करने की सुविधा होने से बार-बार अलग-अलग विभागों को भौतिक रूप से कागज सौंपने की जरूरत पूरी तरह खत्म हो गई है।

राजधानी के कारोबारियों में उत्साह

दिल्ली सरकार का यह ‘उद्योग मित्र पोर्टल’ महज एक वेबसाइट नहीं है, बल्कि यह दिल्ली को व्यापार और निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। यह पोर्टल ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की रैकिंग में भी दिल्ली को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में ला खड़ा करेगा। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि तकनीकी रूप से पोर्टल को हमेशा अप-टू-डेट रखा जाए और विभागों को मिलने वाले आवेदनों का निपटारा बिना किसी देरी के डिजिटल माध्यम से ही किया जाए। यदि यह व्यवस्था धरातल पर पूरी मुस्तैदी से काम करती है, तो निश्चित रूप से दिल्ली की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा उछाला देखने को मिलेगा और यह राजधानी के कारोबारियों के सुनहरे भविष्य के लिए एक नई उम्मीद की किरण साबित होगा।

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