BRICS समिट: मेहमानों को गिफ्ट में मिला बिहार का सत्तू, ओडिशा की कॉफी और गुजरात का स्टोल

The CSR Journal Magazine

18वें BRICS समिट में ‘लोकल टू ग्लोबल’ की गूंज: विदेशी मेहमानों के विशेष उपहारों में बिहार का सत्तू, ओडिशा की कॉफी और गुजरात की हस्तशिल्प कला

राजधानी दिल्ली का भारत मंडपम एक बार फिर ऐतिहासिक और वैश्विक कूटनीति का गवाह बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। 12 और 13 सितंबर 2026 को भारत की अध्यक्षता में आयोजित होने जा रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के लिए कूटनीतिक तैयारियों के साथ-साथ मेहमानों के स्वागत-सत्कार को भी बेहद अनूठा और भव्य बनाया गया है। इस बार भारत आने वाले ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, ईरान, यूएई और सऊदी अरब सहित 11 पूर्ण सदस्य देशों और 10 सहयोगी देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा देश-विदेश से जुटे लगभग 1,400 मीडियाकर्मियों को जो विशेष ‘वेलकम गुडी बैग’ (मीडिया किट) दिया जा रहा है, वह कूटनीतिक जगत में चर्चा का विषय बन गया है।

गुडी बैग में समाई भारतीय संस्कृति और परंपरा

विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा तैयार किए गए इस विशेष काले रंग के बैग में केवल पारंपरिक कूटनीतिक दस्तावेज नहीं हैं, बल्कि इसमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, कृषि विविधता और कलात्मक कौशल को समेटते हुए बिहार का खांटी सत्तू, ओडिशा की मशहूर कोरापुट कॉफी और गुजरात का ब्लॉक-प्रिंटेड स्टोल शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल सरकार की ‘इंडिया स्टोरी’ और ‘लोकल टू ग्लोबल‘ की नीति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ावा देने का एक ठोस जरिया है, जो भारत की सॉफ्ट पावर को आर्थिक ताकत में बदलने का काम कर रही है।

बिहार का स्वाद: सत्तू और मखाने की वैश्विक एंट्री

इस गुडी बैग को खोलते ही सबसे पहले जो चीजें ध्यान खींचती हैं, वे हैं बिहार की मिट्टी से जुड़े पारंपरिक खाद्य उत्पाद। विदेश मंत्रालय ने बिहार सरकार के सहयोग से इस किट में विशेष रूप से सत्तू और मखाना को शामिल किया है। सत्तू, जो बिहार की अनूठी पाक शैली का हिस्सा है और देश भर में प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत माना जाता है, उसे विदेशी पत्रकारों और मेहमानों के लिए एक बेहतरीन पारंपरिक पेय के रूप में पेश किया गया है। इसके साथ ही बिहार का प्रीमियम मखाना (फॉक्स नट्स) भी इस बैग का हिस्सा है। केले के चिप्स के बाद मखाने को भारत का ‘गो-टू स्नैक’ माना जाता है। इसके जरिए वैश्विक प्रतिनिधियों को भारत के बेहद लोकप्रिय और पौष्टिक स्नैक का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। बिहार के मुख्यमंत्री ने भी इसे हर बिहारी के लिए गर्व की बात बताते हुए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।

ओडिशा की महक: कोरापुट की 100% शुद्ध अरेबिका कॉफी

कॉफी के शौकीनों के लिए इस बैग में ओडिशा के पहाड़ी और आदिवासी बहुल क्षेत्र कोरापुट की प्रसिद्ध कॉफी को शामिल किया गया है। पूर्वी घाट की ऊंची पहाड़ियों पर वहां के छोटे और जनजातीय किसानों द्वारा उगाई जाने वाली यह 100% शुद्ध ‘अरेबिका कॉफी’ ओडिशा के तेजी से उभरते कॉफी उद्योग की कहानी बयां करती है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस कॉफी को पेश करने का उद्देश्य सीधे तौर पर वहां के मेहनती जनजातीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है।

गुजरात की कला: शाही ब्लॉक-प्रिंटेड स्टोल

भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और बुनकरों की कला को प्रदर्शित करने के लिए इस किट में गुजरात का पारंपरिक ब्लॉक-प्रिंटेड स्टोल रखा गया है। बेहद बारीक और बारीक कारीगरी से सजे इस स्टोल को अधिकारियों ने ‘शाही और बेहद खूबसूरत’ (एब्सोल्यूटली रीगल) करार दिया है। यह सुंदर स्टोल विदेशी मेहमानों को भारत की सदियों पुरानी कपड़ा और छपाई कला से रूबरू कराएगा।

आधुनिक सुविधाओं और तकनीक से लैस है यह बैग

इस उपहार बैग की खासियत सिर्फ इसके पारंपरिक उत्पाद ही नहीं हैं, बल्कि इसे आधुनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बेहद स्मार्ट तरीके से डिजाइन किया गया है। इस ब्रिक्स-ब्रांडेड काले बैग में एक इन-बिल्ट चार्जिंग पोर्ट दिया गया है। इसकी मदद से शिखर सम्मेलन की भागदौड़ भरी रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार और प्रतिनिधि चलते-फिरते भी अपने मोबाइल, लैपटॉप या डिजिटल कैमरों को आसानी से चार्ज कर सकेंगे। इसके अलावा, इस मीडिया किट के अंदर ‘ब्रिक्स 2026’ के लोगो वाला एक विशेष कॉफी मग, एक पानी की बोतल, एक खूबसूरत टोट बैग, फ्रिज मैग्नेट और कार्यक्रम की कवरेज नोट करने के लिए एक विशेष डायरी और पेन जैसी व्यावहारिक और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी प्रदान की गई हैं।

वेलकम किट बना चर्चा का विषय

भारत मंडपम में स्थापित विशेष इंटरनेशनल मीडिया सेंटर से रिपोर्टिंग करने वाले वैश्विक पत्रकारों के लिए यह गुडी बैग भारत के विभिन्न राज्यों की संस्कृति और जायके की एक खिड़की बन गया है, जो गंभीर कूटनीतिक चर्चाओं के बीच भारत की ‘विविधता में एकता’ का संदेश पूरी दुनिया को दे रहा है।

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