ठाणे में 113 करोड़ रुपये की क्रिप्टोकरेंसी ठगी के मुख्य आरोपी अमित लखनपाल को दुबई (UAE) में गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ आरोप है कि उसने खुद को वित्त मंत्रालय का अधिकारी बताकर लोगों को ठगा। यह ठगी मुंबई में की गई थी। इसके लिए ठाणे पुलिस ने एक रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने UAE अधिकारियों को लखनपाल की लोकेशन की जानकारी दी थी।
बड़े दावे और जालसाजी
लखनपाल ने वर्षों 2017-18 के दौरान निवेशकों को अपनी कथित क्रिप्टोकरेंसी, मनी ट्रेड कॉइन (MTC) में निवेश करने के लिए आकर्षित किया। उसने स्टार होटलों में सेमिनार आयोजित कर उन्हें विश्वास दिलाया कि MTC को सरकार की मान्यता मिलने वाली है। लेकिन जांच के दौरान यह सामने आया कि MTC से जुड़े कई स्कीम और एक्सचेंज शुरू किए गए थे, जिनमें Coin Deposit Ratio, MTC Banque, MTCX India और Cryptozaniya शामिल थे।
मोह माया और निवेशकों का पैसा
प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, आरोपियों ने MTC क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में हेराफेरी की। इसके बाद ट्रेडिंग और पैसे निकालने की सुविधाएं बंद कर दी गईं, जिससे निवेशकों का पैसा डूब गया। मामले में लखनपाल के साथ-साथ ताहा हाफिज काजी, सचिन वसंत शेलार, कोमल भीमराव शिरसाठ और अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच चल रही है।
फरार होने की साजिश, पत्नी के लिए भी पासपोर्ट
पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद लखनपाल और उसके συνεργियों ने भारत से फरार होने का प्रयास किया। ED के अनुसार, उसने Antigua और Barbuda का पासपोर्ट हासिल किया और दुबई में फर्जी पहचान के साथ रहने लगा। जांच में सामने आया कि ठाणे में तैनात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी उसके कामकाज का हिस्सा था, जिसका पुलिस जांच कर रही है। लखनपाल की पत्नी भारत में रुकी हुई थी, लेकिन सूत्रों के अनुसार उसने 2023-24 के दौरान तीन बार देश छोड़ने की कोशिश की, लेकिन एयरपोर्ट पर रोक दी गई। बाद में लखनपाल ने उसकी सहायता के लिए भी Antigua का पासपोर्ट हासिल किया। इसी के चलते वह पिछले साल भारत से बाहर चली गई।
ब्लॉकचेन और क्रिप्टो ठगी का मामला
इस तरह के मामलों में निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। कई बार सुनहरे सपने दिखाकर लोग उनसे ठगी करते हैं। Lakhpas और MTC की जैसे योजनाओं में निवेश करने से पहले पूरी जानकारी लेना बेहद जरूरी है। सरकारी मान्यता के बिना कोई भी योजना संदिग्ध हो सकती है। अमित लखनपाल की गिरफ्तारी के बाद, भारत सरकार ने उसे UAE से प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संबंधित एजेंसियों ने मामले की पूरी जानकारी मांगी है। इस केस ने क्रिप्टोकरेंसी के बाजार में फैल रहे धोखाधड़ी के मामलों को एक बार फिर से उजागर कर दिया है।
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