कांग्रेस सांसदों का UPI MDR चार्ज पर विरोध, BJP ने उठाए सवाल

The CSR Journal Magazine
यूपीआई (Unified Payments Interface) के तहत 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर शुल्क लगाने को लेकर भारत सरकार और कांग्रेस पार्टी के बीच तकरार बढ़ गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस निर्णय का विरोध करते हुए इसे ‘UPI टैक्स’ करार दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। इस पर भाजपा ने बचाव करते हुए दावा किया है कि कांग्रेस के कई सांसद भी इस प्रस्ताव का समर्थन कर चुके हैं।

भाजपा का जवाब, कांग्रेस पर आरोप

सरकारी सूत्रों के अनुसार, संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति ने UPI के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) और आय के उचित ढांचे पर जोर दिया था। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय का कहना है कि समिति की बैठक में कांग्रेस के पांच सदस्य—पी. चिदंबरम, मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, किशोरी लाल और के. गोपीनाथ—शामिल थे और उन्होंने इस रिपोर्ट पर कोई आपत्ति नहीं उठाई।

समिति की रिपोर्ट क्या कहती है?

वित्तीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि UPI के लिए एक टिकाऊ आय मॉडल जरूरी है। उन्हें चिंता थी कि अगर शून्य-MDR मॉडल जारी रहा तो इससे भुगतान सेवा देने वाली कंपनियों पर निर्भरता बढ़ेगी। समिति ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजटीय प्रावधान लगभग 2,000 करोड़ रुपये है, जबकि उद्योग की अनुमानित परिचालन लागत 20,700 करोड़ रुपये है।

UPI शुल्क संरचना में नया बदलाव

नए शुल्क संरचना के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के कारोबारी UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। यह शुल्क ग्राहक से नहीं, बल्कि व्यापारी से लिया जाएगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर अधिकतम सीमा 300 रुपये रखी गई है। छोटे व्यापारियों को भी राहत देने के लिए ऐसे लेनदेन पर शुल्क नहीं लगेगा, जो महीने में एक लाख रुपये तक होते हैं।

राहुल गांधी की प्रतिक्रिया

राहुल गांधी ने इस नए शुल्क के खिलाफ आवाज उठाते हुए इसे ‘UPI टैक्स’ बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला आम जनता पर बोझ डालेगा और इससे अमेरिका को लाभ होगा। पार्टी ने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है। इस पर सरकार का कहना है कि यह शुल्क ग्राहक पर नहीं लगाया जा रहा है और इसका उद्देश्य UPI प्रणाली की वित्तीय स्थिरता को सुनिश्चित करना है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR का मकसद न केवल UPI को मजबूत करना है, बल्कि साइबर सुरक्षा और नेटवर्क ढांचे में निवेश बनाए रखना भी है। इस नई व्यवस्था से छोटे कारोबारियों और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा। हालाँकि, अब देखना होगा कि यह विवाद कैसे आगे बढ़ता है और कांग्रेस सरकार के सामने अपने दावों के लिए क्या ठोस सबूत पेश कर पाती है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos