अटलांटिक महासागर में इस साल सितंबर का आधा महीना गुजर चुका है, लेकिन अभी तक एक भी हरिकेन नहीं बना है। यह स्थिति पिछले 112 सालों में पहली बार देखी जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के लिए यह असामान्य सन्नाटा कई प्रश्न उठा रहा है। 2026 में हरिकेन का न बनना चिंता का विषय है क्योंकि ऐसे तूफान समुद्र व वातावरण के तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
क्या है इसके पीछे की वजहें?
अटलांटिक में तूफानों की कमी के पीछे कई निम्नलिखित कारण हैं। इस बार प्रशांत महासागर में एल नीनो की स्थिति बहुत मजबूत है, जो अटलांटिक में हरिकेन बनने में बाधा डाल रही है। इसके अलावा, सहारा रेगिस्तान से आने वाली सूखी हवा और धूल भी नमी को कम कर रही है। मौसम का वातावरण अनियंत्रित रहने से भी तूफानों के विकास में रुकावट आ रही है।
तूफानों की भूमिका
हरिकेन सिर्फ एक तबाही लाने वाले तूफान नहीं होते, बल्कि वे समुद्र के गर्म पानी को ठंडा करने में भी मदद करते हैं। यह प्रक्रिया समुद्र के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद आवश्यक है। हरिकेन के साथ बारिश भी होती है, जो पानी के चक्र का अहम हिस्सा होती है। इस साल, बारिश की कमी होने के चलते कई क्षेत्रों में जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
क्या जलवायु परिवर्तन है इसकी वजह?
वैज्ञानिकों का मानना है कि बढ़ता जलवायु परिवर्तन और धरती का तापमान भी इस असामान्य स्थिति के पीछे हो सकता है। गर्म समुद्र से अधिक भाप बनती है, जो वायुमंडल में अधिक स्थिरता ला सकती है। इससे हवा के ऊपर उठने की प्रक्रिया कमजोर पड़ सकती है, जिससे हरिकेन बनने की संभावना कम होती है।
किस तरह का असर होगा?
यदि हरिकेन कम आते हैं, तो समुद्र का पानी गर्म रह सकता है, जिसका प्रभाव समुद्री जीवों और मौसम पर पड़ेगा। इसके अलावा, बारिश की कमी से खेती पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे अनाज की कमी बढ़ सकती है। हालांकि, अगर तूफान देर से पैदा होते हैं, तो उनकी दिशा बदलने की संभावना भी बढ़ सकती है। इस साल तूफानों की कमी एक दुर्लभता है जो पहले सिर्फ 1907 और 1914 में हुई थी।
अंतिम समय तक क्या होगा?
हरिकेन सीजन 30 नवंबर तक चलता है, और विशेषज्ञों का कहना है कि अभी भी आकांक्षा है कि अगले कुछ महीनों में हरिकेन बन सकते हैं। हालांकि, अगर सीजन पूरे बिना हरिकेन के गुजर जाए, तो यह एक ऐतिहासिक घटना होगी। समुद्री तूफानों की अप्रत्याशित चुप्पी निश्चित रूप से एक चिंता का विषय है, और इसके प्रभावों को समझने के लिए और अध्ययन की आवश्यकता है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!