तमिलनाडु में महिलाओं को मिलेगी मुफ्त बस यात्रा की सौगात, 84 लाख को फायदा

The CSR Journal Magazine

तमिलनाडु में महिलाओं को मिलेगी फ्री बस यात्रा का मौका, 84 लाख महिलाओं को होगा फायदा!

तमिलनाडु सरकार ने महिला सशक्तिकरण और समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को संबल देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार की नई कल्याणकारी योजना के तहत अब तमिलनाडु की 84 लाख से अधिक महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित इस योजना का मुख्य उद्देश्य कामकाजी महिलाओं, कॉलेज जाने वाली छात्राओं और छोटे व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं के दैनिक यात्रा खर्च को समाप्त कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के अंतर्गत राज्य परिवहन निगम (TNSTC) की साधारण नगर बसों (Ordinary Town Buses) में महिलाओं से कोई किराया नहीं लिया जाएगा। सरकार के इस कदम से न केवल महिलाओं की सामाजिक गतिशीलता (Mobility) बढ़ेगी, बल्कि उनके मासिक बजट में भी बड़ी बचत देखने को मिलेगी।

योजना की प्रमुख विशेषताएं और लाभ

किराया मुक्त सफर: तमिलनाडु की सभी साधारण सरकारी बसों में महिलाएं पूरी तरह निशुल्क यात्रा कर सकेंगी।
84 लाख महिलाओं को सीधा लाभ: इस महत्वाकांक्षी योजना के दायरे में राज्य की लगभग 84 लाख महिलाएं, युवतियां और छात्राएं शामिल होंगी।
बजट में बड़ी राहत: रोज़ाना काम पर जाने वाली महिलाओं के यात्रा खर्च में भारी कटौती होगी, जिससे वे इन पैसों को अपने परिवार के पालन-पोषण और बच्चों की शिक्षा पर खर्च कर सकेंगी।
समानता और सशक्तिकरण: मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

साधारण से लेकर डीलक्स-एक्सप्रेस बसों तक मिलेगा मुफ्त सफर

अब तक महिलाएं केवल साधारण सरकारी नगर बसों में ही मुफ्त यात्रा कर पा रही थीं। लेकिन ‘वेत्री पयनम’ योजना के तहत इसका दायरा बहुत बड़ा कर दिया गया है। अब महिलाएं और ट्रांसजेंडर यात्री कॉर्पोरेशन और नगर पालिका सीमाओं के भीतर चलने वाली निम्नलिखित बसों में पूरी तरह मुफ्त सफर कर सकेंगे।
एक्सप्रेस बसें (Express Buses)
डीलक्स बसें (Deluxe Buses)
लिमिटेड स्टॉप सर्विस (LSS)
मोफुसिल साधारण बसें (Mofussil Ordinary)
पहाड़ी रास्तों पर चलने वाली घाट साधारण बसें (Ghat Ordinary) (40 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए)

12,692 सरकारी बसें शामिल, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की तरह ETM लिंक

इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य सरकार परिवहन निगम की 12,692 नामित बसों को इसके दायरे में ला रही है। यह संख्या राज्य के सातों परिवहन निगमों द्वारा संचालित कुल बसों के बेड़े का लगभग 69 प्रतिशत है। ये बसें रोजाना राज्यभर में करीब 1.65 लाख सिंगल ट्रिप लगाएंगी। अधिकारियों के मुताबिक, महिलाओं को बिना किसी परेशानी के टिकट जारी करने के लिए सभी बसों को इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनों (ETMs) से जोड़ने का काम पूरा कर लिया गया है।

महिला सशक्तिकरण की नई दिशा

राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने इस योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं और मुफ्त यात्रा के लिए विशेष ‘जीरो-टिकट’ या पास जारी करने की व्यवस्था की जा रही है।आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि इस योजना से राज्य के श्रम बल (Labor Force) में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। जब महिलाओं का परिवहन खर्च शून्य हो जाएगा, तो वे दूर-दराज के इलाकों में भी जाकर काम करने के लिए प्रेरित होंगी। तमिलनाडु सरकार का यह कदम देश के अन्य राज्यों के लिए भी महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन मॉडल साबित हो सकता है।

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