Gen Z ने ‘क्यूट’ की परिभाषा बदल दी, अब इमोशनल रिस्पांस है अहम

The CSR Journal Magazine
आज की युवा पीढ़ी के लिए ‘क्यूट’ सिर्फ सुंदरता नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा है। किसी छोटे बच्चे की हंसी, पपी की शरारत या बिल्ली का उछलना देखकर हम अक्सर कहते हैं- कितना क्यूट है! लेकिन Gen Z और मिलेनियल्स के लिए क्यूट होने का मतलब अब केवल देखने में अच्छा होना नहीं रह गया है। उनके लिए प्यार जताना, छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखना और खास लोगों को याद करने वाले मैसेज भेजना भी क्यूट है। सर्वे के अनुसार, 37 फीसदी युवा इसे अपनी भावनाओं से जोड़ते हैं, जबकि 25 फीसदी के लिए दूसरों के प्रति संवेदनशील होना भी क्यूट का हिस्सा है।

पुरानी और नई पीढ़ी की सोच में अंतर

सर्वे में यह भी सामने आया है कि बेबी बूमर्स यानी पुरानी पीढ़ी के लोग क्यूट शब्द को ज्यादातर प्यारे दिखने वाली चीजों से जोड़ते हैं। इनमें से 80 फीसदी ने क्यूट को देखने में मनमोहक चीजों से जोड़ा है। वहीं, Gen Z और मिलेनियल्स के लिए क्यूट होने के मायने कुछ अलग हैं। 34 फीसदी युवा ऐसी चीजों को क्यूट मानते हैं, जो उन्हें खुशी देती हैं, जबकि बेबी बूमर्स में ऐसा सोचने वालों की हिस्सेदारी मात्र 13 फीसदी है।

छोटे इशारे भी क्यूट

सर्वे में एक और दिलचस्प तथ्य सामने आया है। 45 साल से कम उम्र के लोगों के लिए प्यार जताने वाले छोटे-छोटे इशारे बहुत मायने रखते हैं। Gen Z और मिलेनियल्स में 46 फीसदी लोगों ने माना कि किसी का प्यार भरा व्यवहार उन्हें क्यूट लगता है। इसके अलावा, किसी दोस्त का ऐसा मैसेज भेजना जो उसे आपकी याद दिलाए, युवाओं को खासा पसंद आता है। Gen Z और मिलेनियल्स में 36 फीसदी लोगों ने इसे क्यूट माना, जबकि पुरानी पीढ़ी में यह आंकड़ा 11 फीसदी रहा।

खुशियों का जरिया, दयालुता और प्यार का महत्व

सर्वे में शामिल लोगों ने यह भी बताया कि क्यूट और दिल को सुकून देने वाले पल उनकी जिंदगी में कितने अहम हैं। 82 फीसदी लोगों ने माना कि ऐसे पल उन्हें खुशी दे सकते हैं। मुश्किल वक्त में ऐसे पल उन्हें सुकून देते हैं। करीब 69 फीसदी लोगों ने माना कि ऐसे खुशनुमा पलों की अहमियत पिछले पांच सालों में बढ़ गई है। 84 फीसदी लोग अपनी पसंद की क्यूट चीजों को खुलकर पसंद करने में सहज महसूस करते हैं। 41 फीसदी लोगों का मानना है कि अगर समाज में दयालुता और प्यार जताने के तरीके ज्यादा खुलकर सामने आएं, तो दुनिया बेहतर हो सकती है। ऐसे में लोग बिना झिझक अपने प्यार और अपनापन जाहिर कर सकेंगे।

जापानी कंपनी का सर्वे, खुशियों का साधन

यह रिसर्च जापानी कंपनी सैनरियो ने कराई है, जो हैलो किटी जैसे मशहूर किरदारों के लिए जानी जाती है। कंपनी ने पेरिस में अपने ‘बियांड क्यूट’ कार्यक्रम के दौरान यह सर्वे कराया। इसका मकसद यह समझना था कि नई पीढ़ी के लिए क्यूट होने का मतलब कैसे बदल रहा है। सैनरियो से जुड़ी वेलबीइंग एक्सपर्ट और चार्टर्ड साइकोलॉजिस्ट सूजी रीडिंग के अनुसार, क्यूट चीजों को पसंद करने का मतलब केवल उनका अच्छा दिखना नहीं है। असल बात यह है कि वे हमें कैसा महसूस कराती हैं। रोजमर्रा की जिंदगी में खुशी देने वाली छोटी-छोटी चीजों और भावनात्मक जुड़ाव के लिए जगह बनाना हमारी खुशहाली के लिए फायदेमंद हो सकता है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos