अंबानी परिवार के महंगे स्मार्टफोन्स के बीच चमकी 500 की अनोखी स्लेट, बच्चों की सादगी ने जीता दिल

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अंबानी परिवार के स्मार्टफोन और बच्चों की अनोखी स्लेट ने खींचा ध्यान, Jio इवेंट में दिखे महंगे स्मार्टफोन्स

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स की भव्य लिस्टिंग (Jio Listing Ceremony) के दौरान देश के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी और उनके बेटों के पास आईफोन के बेहद महंगे प्रीमियम और लेटेस्ट मॉडल देखे गए, जबकि इवेंट में सबसे ज्यादा ध्यान अंबानी परिवार के छोटे बच्चों के हाथों में मौजूद मात्र ₹500 की कीमत वाले ‘नो-स्क्रीन’ LCD राइटिंग पैड (अनोखी डिजिटल स्लेट) ने खींचा, जिसने सोशल मीडिया पर ‘स्क्रीन-फ्री पैरेंटिंग’ की एक नई बहस शुरू कर दी है। मुंबई में आयोजित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में रिलायंस जियो के आईपीओ/लिस्टिंग के इस एतिहासिक क्षण में जहां कंपनी ने वैल्यूएशन के नए रिकॉर्ड बनाए, वहीं टेक जगत में इस बात की सबसे ज्यादा चर्चा रही कि दुनिया की सबसे बड़ी टेक और टेलीकॉम कंपनियों में से एक के मालिक खुद अपने घर के बच्चों को स्मार्टफोन की लत से बचाने के लिए कितनी सादगी भरी और अनुशासित पैरेंटिंग का पालन कर रहे हैं।

डिजिटल क्रांति के नायकों के हाथ में दिखे दुनिया के सबसे महंगे गैजेट्स: मुकेश, आकाश और अनंत के प्रीमियम आईफोन्स

मुंबई के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में जब जियो प्लेटफॉर्म्स की घंटी बजी, तो मंच पर व्यापारिक जगत की चमक के साथ-साथ अंबानी परिवार के पर्सनल गैजेट्स ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। आमतौर पर बेहद निजी रहने वाले अंबानी परिवार के स्मार्टफोन मॉडल्स इस बड़े कॉर्पोरेट इवेंट में साफ तौर पर कैमरों में कैद हुए। खास बात यह रही कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुखिया मुकेश अंबानी से लेकर उनके दोनों बेटे- आकाश अंबानी और अनंत अंबानी, सभी वैश्विक टेक दिग्गज ऐपल (Apple) के ‘आईफोन’ इकोसिस्टम के यूजर निकले, लेकिन तीनों के पास आईफोन के अलग-अलग और बेहद खास वेरिएंट्स देखे गए।

मुकेश अंबानी का आईफोन एयर (iPhone Air)

इवेंट के दौरान सबसे पहले रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी के हाथों में ऐपल का प्रीमियम iPhone Air दिखाई दिया। यह डिवाइस अपने बेहद पतले, हल्के और स्लीक डिजाइन के लिए जाना जाता है, जो कॉर्पोरेट जगत के शीर्ष अधिकारियों की पहली पसंद माना जाता है। अपनी सादगी और तकनीकी मजबूती के लिए पहचाने जाने वाले मुकेश अंबानी इस डिवाइस को बेहद सहजता से इस्तेमाल करते नजर आए।

आकाश अंबानी और उनका आईफोन ड्युओ (iPhone Duo)

रिलायंस जियो के कप्तानी संभाल रहे आकाश अंबानी के पास ऐपल का लेटेस्ट और सबसे चर्चित फोल्डिंग फोन iPhone Duo देखा गया। टेक समीक्षकों के बीच बेहद प्रतिष्ठित माना जाने वाला यह फोल्डेबल प्रीमियम स्मार्टफोन मल्टीटास्किंग और आधुनिक बिजनेस ऑपरेशन्स के लिए बेहतरीन है। इवेंट में आकाश अंबानी को इस बड़े और अनूठे फोल्डिंग आईफोन पर कुछ महत्वपूर्ण चीजों को ट्रैक करते हुए स्पॉट किया गया, जिसने गैजेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

अनंत अंबानी का आईफोन 17 प्रो मैक्स (iPhone 17 Pro Max)

जियो के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद, छोटे बेटे अनंत अंबानी को मुंबई के प्रसिद्ध बाबुलनाथ मंदिर के बाहर देखा गया, जहां उनके हाथ में ऐपल का सबसे टॉप-एंड फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 17 Pro Max मौजूद था। यह फोन अपनी बेहतरीन कैमरा क्वालिटी, जबरदस्त प्रोसेसिंग पावर और टाइटेनियम फिनिश के कारण इस समय दुनिया के सबसे महंगे और शक्तिशाली स्मार्टफोन्स की सूची में शुमार है।

महफिल चुरा ले गई ₹500 की अनोखी ‘एलसीडी स्लेट’, अंबानी के पोते-पोतियों ने पेश की सादगी की मिसाल

जियो के इस इवेंट में एक तरफ जहां अरबों रुपये का मार्केट कैपिटलाइजेशन जुड़ रहा था और मंच पर महंगे स्मार्टफोन्स चमचमा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ मंच के केंद्र में ईशा अंबानी और आकाश अंबानी के नन्हे बच्चे (मुकेश अंबानी के पोते-पोती) अपनी ही एक अलग मासूम दुनिया में व्यस्त थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों में देखा गया कि ईशा अंबानी के नन्हे बेटे कृष्णा अपने मामा अनंत अंबानी की गोद में बैठे हुए थे और पूरी तरह से नीले रंग की एक बेहद साधारण डिजिटल स्लेट (LCD Writing Pad) पर कुछ लिखने और चित्र बनाने में मग्न थे। शुरुआत में कार्यक्रम में उपस्थित लोग और ऑनलाइन वीडियो देख रहे दर्शक यह भांप नहीं पाए कि आखिर देश के सबसे अमीर बच्चों के हाथ में यह कौन सा नया हाई-टेक टैबलेट है। कई लोगों को लगा कि यह कोई विशेष कस्टमाइज्ड आईपैड या कोई रोबोटिक स्क्रीन डिवाइस है। परंतु जब टेक एक्सपर्ट्स ने इस डिवाइस को ध्यान से देखा, तो सच्चाई सामने आई। यह कोई महंगा गैजेट नहीं, बल्कि बाजार में आम तौर पर मिलने वाला ₹500 की कीमत का एक साधारण एलसीडी डूडल पैड था, जिसमें न तो कोई इंटरनेट कनेक्टिविटी होती है, न कोई कैमरा, न ही कोई ऐप और न ही आंखों को नुकसान पहुंचाने वाली कोई चमकीली लाइट या ब्लू-रे स्क्रीन।

LCD स्लेट ने टेक जगत और पैरेंट्स को प्रभावित किया

शून्य स्क्रीन रेडिएशन: यह पैड पूरी तरह से ‘नॉन-ग्लो’ (बिना चमक वाली) स्क्रीन पर आधारित है, जिससे बच्चों की नाजुक आंखों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता।
नो-इंटरनेट, नो-डिस्ट्रैक्शन: इसमें किसी भी प्रकार का इंटरनेट, यूट्यूब, सोशल मीडिया या गेमिंग ऐप नहीं चलाया जा सकता। बच्चा केवल इसके साथ आने वाले प्लास्टिक स्टाइलस (पेन) से स्क्रीन पर ककहरा लिख सकता है या कार्टून बना सकता है।
वन-टच इरेज़ बटन: इस स्लेट के निचले हिस्से में एक सिंगल बटन होता है, जिसे दबाते ही पूरा लिखा हुआ कंटेंट गायब हो जाता है और बच्चे दोबारा उस पर नई डूडलिंग या राइटिंग प्रैक्टिस कर सकते हैं।

पैरेंटिंग एक्सपर्ट्स ने की अंबानी परिवार की तारीफ: अमीर हो या आम, बच्चों के लिए डिजिटल डिटॉक्स जरूरी

अंबानी परिवार के इस पैरेंटिंग स्टाइल का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है, और देश-विदेश के चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट और पैरेंटिंग एक्सपर्ट्स इस पर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आज के दौर में जब आम परिवारों में भी माता-पिता अपने दो-तीन साल के रोते हुए बच्चों को चुप कराने के लिए या खुद को व्यस्त रखने के लिए उनके हाथों में यूट्यूब या रील्स चलाकर स्मार्टफोन थमा देते हैं, ऐसे समय में एशिया के सबसे अमीर परिवार ने सार्वजनिक मंच पर बच्चों को स्मार्टफोन से दूर रखकर एक बड़ा संदेश दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी और बहू श्लोका मेहता ने अपने बच्चों की परवरिश में ‘स्क्रीन-फ्री’ या पर्दारहित माहौल को प्राथमिकता देकर यह साबित किया है कि बच्चों के मानसिक विकास के लिए धैर्य और रचनात्मक विकल्प कितने जरूरी हैं। इवेंट के दौरान जब नन्हे कृष्णा ने बीच में फोन खेलने की थोड़ी ज़िद भी की, तो पूरे परिवार ने बिना गुस्सा किए या बिना फोन दिए, उन्हें बेहद प्यार और सहजता से संभाला।

WHO की गाइडलाइंस और अंबानी परिवार का संदेश

स्मार्टफोन/टैबलेट (बड़ों के लिए): मुकेश, आकाश और अनंत अंबानी द्वारा बिजनेस ऑपरेशन्स, मल्टीटास्किंग और कनेक्टिविटी के लिए iPhone Air, Duo और 17 Pro Max जैसे टॉप-एंड डिवाइसेस का उपयोग किया गया।
एलसीडी राइटिंग पैड (बच्चों के लिए): ईशा अंबानी के बच्चों के लिए नो-इंटरनेट, नो-ऐप्स, ₹500 का बजट-फ्रेंडली डूडल पैड, जो रचनात्मकता बढ़ाता है और आंखों को सुरक्षित रखता है। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर बने नियमों की याद दिला दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार:
 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी प्रकार की डिजिटल स्क्रीन (मोबाइल, टीवी, टैबलेट) के संपर्क में बिल्कुल नहीं लाना चाहिए।
2 से 4 वर्ष के बच्चों का पूरे दिन का स्क्रीन टाइम 1 घंटे से भी कम होना चाहिए।
अंबानी परिवार ने अपने इस कदम से देश के करोड़ों अभिभावकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जब डिजिटल और इंटरनेट साम्राज्य के मालिक अपने बच्चों को स्मार्टफोन की लत से बचाने के लिए ₹500 की स्लेट थमा सकते हैं, तो आम अभिभावकों को भी अपने बच्चों के सुनहरे भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य के लिए तकनीक के प्रति कड़े नियम बनाने चाहिए।

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