साहित्यकार वेद राही का 93 साल की उम्र में निधन, साहित्य अकादमी पुरस्कार से थे सम्मानित

The CSR Journal Magazine
प्रसिद्ध साहित्यकार वेद राही का बीते रविवार, 1 नवंबर 2026 को निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे और उन्होंने महाराष्ट्र के ठाणे जिले में अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। वेद राही को उनके अद्भुत साहित्यिक योगदान के लिए जाना जाता था।

अंतिम संस्कार और परिवार

उनका अंतिम संस्कार रविवार दोपहर ठाणे के कोपरी श्मशान घाट में किया गया। इस दुखद पल में उनके परिवार में उनकी दो बेटियां, गीतांजलि और पूनम, और अन्य परिजन शामिल थे। उनके निधन ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे साहित्यिक समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है।

साहित्य अकादमी का शोक संदेश

साहित्य अकादमी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. वरुण गुलाटी ने एक शोक संदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि वेद राही आधुनिक डोगरी साहित्य के स्तंभों में से एक थे। उन्होंने अपनी कहानियों, उपन्यासों और कविताओं के माध्यम से डोगरी भाषा को समृद्ध किया।

सम्मान और पुरस्कार

वेद राही को 1983 में उनके डोगरी कहानी संग्रह ‘आले’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था। इसके अलावा, उन्हें साहित्य अकादमी के सर्वोच्च सम्मान महत्तर सदस्यता से भी नवाजा गया था। उनके योगदान को देखते हुए यह पुरस्कार उनके लिए एक महत्वपूर्ण मान्यता थी।

सांस्कृतिक विरासत की क्षति

डॉ. वरुण गुलाटी ने कहा कि वेद राही के निधन से भारतीय साहित्य, हिंदी सिनेमा और जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी रचनाएं न केवल डोगरी भाषा में बल्कि हिंदी साहित्य में भी महत्वपूर्ण स्थान रखती थीं।

साहित्य और कला जगत की प्रतिक्रियाएं

वेद राही के निधन पर साहित्य और कला जगत से जुड़ी कई हस्तियों ने दुख व्यक्त किया है। उनके योगदान को याद करते हुए कई लेखकों और कलाकारों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी है। यह दर्शाता है कि वेद राही का प्रभाव कितना व्यापक था।

वेद राही का साहित्यिक सफर

वेद राही का साहित्यिक सफर काफी प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया। उनकी कहानियाँ और कविताएँ न केवल मनोरंजन करती थीं, बल्कि गहरे संदेश भी देती थीं। उनकी लेखनी ने कई पाठकों के दिलों में एक खास स्थान बनाया।

भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा

वेद राही की रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी। उनका साहित्यिक योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी कहानियाँ और कविताएँ आज भी लोगों को सोचने पर मजबूर करती हैं। वेद राही का नाम हमेशा साहित्य के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।

साहित्य अकादमी की श्रद्धांजलि

साहित्य अकादमी ने समस्त साहित्य जगत की ओर से उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। शोक संदेश में परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं। यह उनके योगदान को मान्यता देने का एक प्रयास है। वेद राही का साहित्य हमेशा जीवित रहेगा।

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