सिंधु जलसंधि पर पाकिस्तान की गिड़गिड़ाहट, भारत ने दिया जोरदार जवाब

The CSR Journal Magazine
इस्लामाबाद/नई दिल्ली: पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मुहम्मद इशाक डार ने भारत को एक स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भारत ने सिंधु जल संधि के अंतर्गत Pakistan को आवंटित पानी से वंचित करने की कोशिश की, तो उसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ और नागरिकों के प्रति पाकिस्तान की लगातार गतिविधियों पर भारत ने एक स्पष्ट रुख अपनाया है।

भारत का कठोर संदेश

एक वरिष्ठ भारतीय सूत्र ने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना चाहिए कि जब तक वह भारतीय नागरिकों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाता रहेगा, तब तक भारत से बिना किसी जवाब की अपेक्षा नहीं की जा सकती है। भारत ने यह स्पष्ट किया है कि ‘खून और पानी साथ नहीं बह सकते,’ जो पानी और सुरक्षा को एक-दूसरे से जोड़कर देखने की उनकी नीति को दर्शाता है।

ब्रिटेन से लेकर अमेरिका तक की कोशिशें

इशाक डार ने भारत में पूर्व प्रधानमंत्री के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी जो पानी के ‘हथियार के तौर पर इस्तेमाल’ को लेकर चिंतित थे। डार ने इसे उठाते हुए ब्रिटेन में भी भारत की कड़ी आलोचना की। उन्होंने यह दावा किया कि सिंधु जल संधि (IWT) पूरी तरह से वैध और लागू है और यह भारत का एकतरफा निर्णय है जो पाकिस्तान के लिए अस्वीकार्य है।

संघर्ष का समय

वाशिंगटन में आयोजित एक सेमिनार में डार ने कहा कि सिंधु जल संधि को अब अपनी सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 1960 में हुई संधि के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक था कि दोनों देश राजनीतिक विवादों को दरकिनार करें। जल के स्रोत लाखों लोगों की जिंदगी से जुड़े हैं और इन पर राजनीति का प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।

जलवायु परिवर्तन और सहयोग की आवश्यकता

इसके अतिरिक्त, डार ने बातचीत और पारदर्शिता के जरिए डेटा साझा करने की वकालत की है। उनका कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण सहयोग की आवश्यकता अब बहुत बढ़ गई है। उन्होंने जल सुरक्षा को पाकिस्तान की आर्थिक और खाद्य सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी है।

इंटरनेशनल तंत्र में समस्या

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान में सिंधु जल संधि का अस्तित्व एक गंभीर मुद्दा बन गया है। उनका मानना है कि यदि जल संधि को समाप्त किया गया तो इससे क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस बीच, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान अपनी आतंकवादी गतिविधियों को नहीं रोकेगा, तब तक किसी प्रकार का सहयोग मुश्किल होगा।

संभावित परिणाम

पाकिस्तान के लगातार प्रयासों और भारत के स्पष्ट खड़े होने से यह देखने की बात होगी कि इस सबका क्षेत्रीय स्थिरता पर क्या असर पड़ेगा। वर्तमान स्थिति में दोनों देशों के बीच जल संसाधनों को लेकर बढ़ती तकरार चिंता का विषय है और इसके परिणाम दूरगामी हो सकते हैं। इस मसले पर इंटरनेशनल समुदाय का ध्यान भी तेजी से बढ़ता जा रहा है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos