Oracle Layoffs 2026: AI और Cloud की दौड़ के बीच छंटनी का साया, भारत के IT सेक्टर में बढ़ी चिंता

The CSR Journal Magazine

Oracle में फिर छंटनी का खतरा: AI और Cloud के दौर में बदल रही IT नौकरियों की तस्वीर, भारतीय युवाओं पर भी असर

दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल Oracle में कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कमी के बाद एक बार फिर संभावित छंटनी की खबरों ने वैश्विक IT इंडस्ट्री और खासकर भारत के टेक जॉब मार्केट में चिंता बढ़ा दी है। Oracle ने वित्त वर्ष 2026 में अपनी वैश्विक workforce में करीब 21,000 कर्मचारियों की कमीदर्ज की। कंपनी की कुल कर्मचारी संख्या 31 मई 2026 तक करीब 1.41 लाख रह गई, जो एक साल पहले लगभग 1.62 लाख थी। यानी कर्मचारियों की संख्या में करीब 13 फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है—इन 21,000 कर्मचारियों की कमी को पूरी तरह “AI की वजह से हुई छंटनी” कहना सही नहीं होगा। Oracle ने अपनी फाइलिंग में Workforce Adjustments के पीछे प्रबंधन और उत्पादों में बदलाव, प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे, रणनीतिक बदलाव, अधिग्रहण और AI तकनीकों को अपनाने जैसे कई कारण बताए हैं।

फिर से छंटनी की खबरों से बढ़ी चिंता

सितंबर 2026 की शुरुआत में Oracle में एक और संभावित Restructuring की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी के कुछ मैनेजरों से ऐसे पदों की पहचान करने को कहा गया है जिन्हें खत्म किया जा सकता है और कुछ टीमों में कर्मचारियों की संख्या में दोहरे अंकों तक कटौती की संभावना बताई गई है। हालांकि, Oracle ने इस नई संभावित छंटनी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। 1 सितंबर को छंटनी की संभावना की चर्चा भी हुई थी, लेकिन उस तारीख को संभावित बड़े पैमाने पर कटौती की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई। कुछ रिपोर्टों में अब सितंबर के मध्य या बाद की तारीखों की संभावनाओं का उल्लेख किया गया है। इसलिए फिलहाल इन खबरों को रिपोर्टेड/संभावित छंटनी के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि पक्की घोषणा के रूप में।

भारत पर क्यों पड़ सकता है बड़ा असर?

भारत Oracle के लिए महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग केंद्र है। कंपनी के यहां इंजीनियरिंग, क्लाउड, सपोर्ट और अन्य तकनीकी टीमें मौजूद हैं। अप्रैल 2026 में रिपोर्टों के अनुसार Oracle India में करीब 10,000 नौकरियों में कटौती हुई थी। हालांकि, उस समय भी यह आंकड़ा कंपनी की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तृत आधिकारिक घोषणा के रूप में नहीं आया था और मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया था। यही वजह है कि Oracle की नई संभावित Restructuring को भारतीय IT Professionals बहुत करीब से देख रहे हैं। यदि कंपनी वैश्विक स्तर पर लागत कम करने के लिए व्यापक Workforce Restructuring करती है, तो भारत की बड़ी Engineering और Technology Workforce भी प्रभावित हो सकती है।

दिलचस्प बात: छंटनी के साथ AI और Cloud पर भारी निवेश

Oracle के मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कंपनी एक तरफ कर्मचारियों की संख्या घटा रही है, वहीं दूसरी तरफ AI और cloud infrastructure पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है। कंपनी AI के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए data centres, computing capacity और cloud infrastructure का विस्तार कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में Oracle का capital expenditure करीब 55.7 अरब डॉलर रहा। यानी कहानी केवल “Oracle कारोबार छोटा कर रही है” की नहीं है। असल बदलाव यह है कि कंपनी अपने संसाधनों को पारंपरिक और कम प्राथमिकता वाले कामों से हटाकर AI, cloud और high-value technology infrastructure की तरफ ले जा रही है।

Cloud कारोबार में भी तेज वृद्धि

Oracle के लिए cloud और AI इस समय सबसे महत्वपूर्ण growth areas में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में Oracle की cloud infrastructure revenue में सालाना आधार पर करीब 77 फीसदी वृद्धि हुई। इससे IT professionals के लिए एक बड़ा संदेश निकलता है—कंपनियां टेक्नोलॉजी से पीछे नहीं हट रही हैं, बल्कि वे टेक्नोलॉजी में निवेश का तरीका बदल रही हैं। जहां पहले बड़ी संख्या में developers, testers, support staff और traditional IT operations की जरूरत होती थी, वहीं अब कंपनियां कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम कराने के लिए Automation, AI-assisted Development और Cloud Platforms का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं।

क्या AI नौकरियां खा रहा है?

यह सवाल अब IT industry में सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। Oracle की regulatory filing में खुद कहा गया है कि AI technologies को अपनाने और लागू करने से workforce में कमी आई है और भविष्य में भी इसका असर पड़ सकता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि AI हर तरह की IT नौकरी खत्म कर देगा। असल बदलाव काम की प्रकृति में दिखाई दे रहा है। उदाहरण के लिए, पहले एक developer को basic code लिखने, documentation तैयार करने, unit tests बनाने या debugging के कुछ शुरुआती कामों में काफी समय लग सकता था। अब AI-assisted coding tools इन कार्यों को तेजी से पूरा करने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में कंपनियों को केवल “code लिखने वाले” कर्मचारियों की बजाय ऐसे professionals की जरूरत बढ़ सकती है जो:
  • complex systems समझते हों,
  • AI-generated code की जांच कर सकें,
  • architecture डिजाइन कर सकें,
  • cybersecurity समझते हों,
  • cloud infrastructure संभाल सकें,
  • data और AI models के साथ काम कर सकें,
  • और business requirements को technology में बदल सकें।

Freshers के लिए चुनौती ज्यादा बड़ी क्यों?

भारत में हर साल लाखों युवा Engineering और IT Education पूरी करके नौकरी के बाजार में प्रवेश करते हैं। पारंपरिक entry-level IT jobs में Coding, Testing, Application support और Basic maintenance जैसे काम बड़ी संख्या में उपलब्ध होते थे। लेकिन AI tools इन कामों के कुछ हिस्सों को automate कर रहे हैं। इसका मतलब यह हो सकता है कि कंपनियां पहले की तुलना में कम freshers के साथ समान स्तर का काम कर पाएं। 2026 में भारतीय IT sector की hiring भी दबाव में रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जून में भारत में overall white-collar hiring में वृद्धि हुई, लेकिन technology recruitment में सालाना आधार पर करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। वहीं Hyderabad और Chennai जैसे शहरों में Global Capability Centres (GCCs) के विस्तार से technology hiring को सहारा मिला। इसलिए freshers के लिए सिर्फ degree या basic programming knowledge पर्याप्त नहीं रह सकती।

किन IT skills की मांग बढ़ सकती है?

बदलते IT job market में कुछ skills विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
1. Artificial Intelligence और Machine Learning- AI models, generative AI, machine learning और AI applications की समझ professionals को नए अवसर दे सकती है।
2. Cloud Computing- AWS, Microsoft Azure और Oracle Cloud Infrastructure जैसे cloud platforms की समझ महत्वपूर्ण होती जा रही है। Cloud architecture, deployment, security और cost optimisation जैसे क्षेत्रों में specialised professionals की जरूरत बनी रह सकती है।
3. Data Engineering- AI और analytics की नींव अच्छे data infrastructure पर टिकी होती है। इसलिए data engineering, data pipelines, databases और distributed systems का ज्ञान उपयोगी रहेगा।
4. Cybersecurity- AI और cloud के बढ़ते इस्तेमाल के साथ cybersecurity risks भी बढ़ते हैं। Cloud security, identity management, threat detection और application security जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता की मांग बनी रह सकती है।
5. DevOps और Cloud Infrastructure- सॉफ्टवेयर को तेजी से develop, deploy और operate करने के लिए DevOps और infrastructure automation skills महत्वपूर्ण हैं।
6. Backend और Distributed Systems- बड़े पैमाने पर चलने वाले applications और cloud services के लिए मजबूत backend engineering की आवश्यकता खत्म नहीं होने वाली। बल्कि AI applications के विस्तार के साथ scalable backend systems की जरूरत बढ़ सकती है।
7. AI-assisted Software Development- अब केवल programming language सीखना पर्याप्त नहीं है। Developers को यह भी सीखना होगा कि AI coding tools का इस्तेमाल कैसे किया जाए, उनके output को कैसे validate किया जाए और सुरक्षित तथा maintainable code कैसे बनाया जाए।
8. Domain Knowledge + Technology- Finance, healthcare, manufacturing, retail या telecom जैसे किसी क्षेत्र की समझ के साथ technology skills रखने वाले professionals भी अधिक मूल्यवान हो सकते हैं।

Oracle की छंटनी से भारतीय IT कंपनियों को भी फायदा?

इस कहानी का एक दूसरा पहलू भी है। बड़े टेक कंपनियों से निकले अनुभवी professionals भारतीय IT companies और Global Capability Centres के लिए talent pool बन सकते हैं। अप्रैल में Oracle India layoffs की खबरों के बाद industry experts ने भी संकेत दिया था कि cloud, data और AI में विस्तार कर रही भारतीय IT कंपनियां Oracle के अनुभवी कर्मचारियों को आकर्षित कर सकती हैं। Oracle का Cloud ERP, Fusion, NetSuite और OCI जैसे products का ecosystem बड़ा है, इसलिए इन technologies का अनुभव रखने वाले professionals के लिए अन्य कंपनियों में अवसर बन सकते हैं।

भारत में IT नौकरियों का भविष्य कैसा होगा?

भारत का IT sector खत्म होने की स्थिति में नहीं है, लेकिन IT jobs का स्वरूप जरूर बदल रहा है।एक तरफ traditional IT services में automation और AI productivity बढ़ा रहे हैं, दूसरी तरफ AI infrastructure, cloud computing, cybersecurity, data engineering और GCCs में नए अवसर पैदा हो रहे हैं। यानी आने वाले समय में सवाल यह कम होगा कि “IT में नौकरी है या नहीं?” और ज्यादा महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि “किस तरह की IT skill के लिए कंपनियां ज्यादा भुगतान करने को तैयार हैं?”

सिर्फ Coding नहीं, Problem Solving जरूरी

नए दौर के IT professional के लिए सबसे जरूरी बात यह होगी कि वह खुद को केवल एक programming language तक सीमित न रखे।यदि किसी व्यक्ति को Java, Python या किसी अन्य language का ज्ञान है, तो उसके साथ cloud, databases, APIs, system design और AI tools की समझ उसे ज्यादा मजबूत उम्मीदवार बना सकती है। इसी तरह freshers को केवल certificates इकट्ठा करने की बजाय वास्तविक projects पर काम करना चाहिए। GitHub portfolio, cloud projects, AI-based applications, internships और problem-solving क्षमता नौकरी पाने में मददगार हो सकती है।

Oracle का मामला IT सेक्टर के लिए बड़ा संकेत

Oracle की कहानी यह दिखाती है कि AI एक साथ नौकरी खत्म भी कर सकता है और नई नौकरियां पैदा भी कर सकता है। अंतर इस बात से तय होगा कि कर्मचारी और कंपनियां कितनी तेजी से बदलती तकनीक के अनुरूप खुद को तैयार करती हैं। Oracle ने एक तरफ करीब 21,000 कर्मचारियों की workforce reduction देखी है, वहीं दूसरी तरफ cloud infrastructure और AI पर भारी निवेश जारी रखा है। इसलिए इसे केवल “Oracle में 21 हजार नौकरियां गईं” के रूप में देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी। बड़ी तस्वीर यह है कि टेक इंडस्ट्री low-value repetitive work से high-skill, AI-enabled और infrastructure-heavy technology work की तरफ बढ़ रही है।

IT प्रोफेशनल्स के सिर लटकी तलवार

Oracle में संभावित नई छंटनी की खबरों ने भारत के IT professionals और freshers के सामने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा किया है। हालांकि नई छंटनी की संख्या और भारत पर उसके वास्तविक प्रभाव की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कंपनी की 2026 में करीब 21,000 कर्मचारियों की workforce reduction और AI-cloud infrastructure पर भारी निवेश एक स्पष्ट बदलाव की ओर इशारा करता है।

तकनीक के साथ चलने का वक्त

आने वाले वर्षों में IT sector में सबसे सुरक्षित वही career नहीं होगा जिसमें केवल routine coding या support work आता हो। बेहतर संभावनाएं उन professionals के लिए बन सकती हैं जो AI + Cloud + Data + Cybersecurity + Software Engineering जैसी skills को जोड़कर काम कर सकें। IT नौकरी बाजार खत्म नहीं हो रहा है, वह बदल रहा है और इस बदलाव में सबसे बड़ी ताकत वही होगी, जो नई तकनीक को खतरे के बजाय अपने काम की productivity बढ़ाने वाले tool के रूप में इस्तेमाल करना सीख ले।

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