राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026: देशभर के 48 शिक्षकों को मिलेगा सम्मान, 5 सितंबर को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

The CSR Journal Magazine
देशभर में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने की तैयारी पूरी हो गई है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए कुल 48 शिक्षकों के नामों की घोषणा की है। चयनित शिक्षकों को 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी। इस बार पुरस्कार के लिए अलग-अलग राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से शिक्षकों का चयन किया गया है। सूची में सरकारी स्कूलों के साथ केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, पीएम श्री स्कूल और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों से जुड़े शिक्षक भी शामिल हैं।

किस राज्य से कितने शिक्षक चुने गए?

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 की सूची में उत्तर प्रदेश से तीन शिक्षक चुने गए हैं। इनमें डॉ. रेनू त्रिपाठी, डॉ. इफ्तिखार खान और शालिनी कुशवाहा शामिल हैं। वहीं पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार से दो-दो शिक्षकों का चयन हुआ है। इसके अलावा देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से एक-एक शिक्षक को पुरस्कार के लिए चुना गया है। इस तरह पुरस्कार की सूची किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले शिक्षकों को इसमें जगह दी गई है।

यूपी से चुने गए तीन शिक्षक

उत्तर प्रदेश से चुने गए शिक्षकों में डॉ. रेनू त्रिपाठी, डॉ. इफ्तिखार खान और शालिनी कुशवाहा शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रेनू त्रिपाठी राजकीय इंटर कॉलेज, गाजियाबाद, इफ्तिखार खान राजकीय इंटर कॉलेज, बलिया और शालिनी कुशवाहा कंपोजिट स्कूल, रसूलाबाद से जुड़ी हैं। इन शिक्षकों ने पढ़ाई को बेहतर बनाने, विद्यार्थियों के विकास और स्कूलों में नए तरीकों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया है। राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन उनके योगदान की बड़ी पहचान माना जा रहा है।

स्कूल शिक्षा से जुड़े संस्थानों को भी जगह

इस साल की सूची में सिर्फ राज्य सरकारों के स्कूलों के शिक्षक ही नहीं हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, सैनिक स्कूल, पीएम श्री स्कूल और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों से जुड़े शिक्षकों को भी पुरस्कार के लिए चुना गया है। इससे साफ है कि पुरस्कार के दायरे में अलग-अलग तरह के स्कूलों में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को शामिल किया गया है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में बच्चों की पढ़ाई को बेहतर बनाने वाले शिक्षकों के योगदान को भी पहचान दी गई है।

कैसे होता है राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य?

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों को सम्मान देना है, जिन्होंने सामान्य शिक्षण से आगे बढ़कर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके सर्वांगीण विकास के लिए उल्लेखनीय काम किया हो। शिक्षकों के नवाचार, बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार, स्कूल के माहौल को बेहतर बनाने और समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने जैसे कामों को भी इस सम्मान में महत्व दिया जाता है।

5 सितंबर को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

चयनित 48 शिक्षकों के लिए 5 सितंबर 2026 खास दिन होगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। यह सम्मान शिक्षकों के व्यक्तिगत योगदान की पहचान के साथ-साथ उनके स्कूलों, विद्यार्थियों और पूरे शिक्षा समुदाय के लिए भी गर्व का मौका होगा।

आगे क्या?

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षकों की उपलब्धियां दूसरे शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनेंगी। देशभर के अलग-अलग राज्यों और शैक्षणिक संस्थानों से चयन होने से यह संदेश भी जाता है कि शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम करने के लिए किसी एक इलाके तक सीमित रहना जरूरी नहीं है। बेहतर शिक्षण और बच्चों के विकास के लिए किए गए प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।

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