Madhya Pradesh Rains: अतिवृष्टि प्रभावित इलाकों में सीएम मोहन यादव ने दिए सख्त निर्देश, बोले- बीमारी फैलने से रोकें

The CSR Journal Magazine
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा में रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर अतिवृष्टि और राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में अभी भी बाढ़ का पानी है, वहां राहत शिविरों को बेहतर तरीके से संचालित किया जाए। शिविरों में पर्याप्त खाद्य सामग्री, पीने का साफ पानी और चिकित्सा सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध रहें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिवृष्टि में जिन लोगों के घर या खाने-पीने का सामान नष्ट हुआ है, उन्हें तत्काल आरबीसी 6 (4) के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाए। पानी उतर चुके इलाकों में भी प्रशासनिक अमला सक्रिय रहे और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

जल स्रोतों की जांच, बीमारी रोकने पर जोर

सीएम ने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों और नगरीय वार्डों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। सभी जल स्रोतों और हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर आदि के जरिए क्लोरीनेशन कराया जाए, ताकि दूषित पानी से बीमारी फैलने का खतरा न रहे। मुख्यमंत्री ने बुखार और सर्दी-जुकाम जैसे सामान्य दिखने वाले मामलों को भी गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। प्रभावित क्षेत्रों में विशेष चिकित्सा शिविर लगाने और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को फील्ड में सक्रिय रखने को कहा गया। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्थिति में महामारी जैसी स्थिति नहीं बननी चाहिए।

पशुओं के लिए भी जरूरी इंतजाम

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के इलाज के लिए पशु चिकित्सा विभाग की टीमों को भेजने के निर्देश दिए गए। गौशालाओं और अन्य स्थानों पर पशुओं के लिए पर्याप्त चारा, पानी और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। यदि बाढ़ के कारण किसी पशु की मौत हुई है तो उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया जाए, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा न रहे।

फसल खराब हुई तो तुरंत होगा सर्वे

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि फसल क्षति की सूचना मिलते ही मौके पर सर्वे कराया जाए। यदि बुवाई शुरुआती दौर में थी और फसल खराब हो गई है तो किसानों को बीज आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, चिकित्सा और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में फील्ड पर रहने के निर्देश दिए। प्रभावित इलाकों के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर मौके पर भेजने को कहा गया।

Madhya Pradesh Rains: गुलाब नगर में जलभराव का लिया जायजा

समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा के गुलाब नगर में जलभराव वाले इलाके का निरीक्षण भी किया। उन्होंने मौके पर अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।

24 से 27 अगस्त के बीच भी सतर्क रहने के निर्देश

Madhya Pradesh Rains: मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते दो दिनों से बारिश थमने के बाद अधिकांश लोग राहत शिविरों से अपने घर लौट चुके हैं। जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं या जिन क्षेत्रों में जनहानि और पशुहानि हुई है, उन्हें नियमानुसार मुआवजा और जरूरी सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि 24 से 27 अगस्त 2026 के बीच कुछ जिलों में फिर वर्षा चक्र सक्रिय होने की संभावना है। ऐसे में संभावित प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव की सभी व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कम बारिश को देखते हुए किसानों पर भी फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 20 फीसदी कम बारिश हुई है। ऐसे में कृषि विभाग को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों को बढ़ावा देने और किसानों को जरूरी सलाह देने के निर्देश दिए गए हैं।

आगे क्या?

सरकार का फोकस अब अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम, फसल और पशु क्षति के आकलन तथा आने वाले दिनों में संभावित बारिश को देखते हुए तैयारी पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया है कि राहत कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर लोगों की मदद सुनिश्चित करें।

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