Japanese fever vaccine India: भारत में 60 हजार करोड़ लगाएगा जापान, देश में बनेगी जापानी बुखार की वैक्सीन

The CSR Journal Magazine
भारत और जापान के बीच आर्थिक और तकनीकी साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। जापान की कई कंपनियां भारत में बड़े निवेश की तैयारी कर रही हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापानी कंपनियों से भारत में निवेश बढ़ाने की अपील की है। जापान की ओर से अगले कुछ वर्षों में करीब 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश को भारत लाने पर जोर दिया जा रहा है। जापानी कंपनियों की दिलचस्पी खास तौर पर फार्मा, ऑटोमोबाइल, कैपिटल गुड्स, मशीनरी, केमिकल, सेमीकंडक्टर और तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में है। भारत के बड़े बाजार, युवा कार्यबल और बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को जापानी कंपनियां निवेश के लिए बड़ा अवसर मान रही हैं।

जापानी बुखार की वैक्सीन भी भारत में बनेगी

इस पूरी खबर में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा एक अहम अपडेट भी सामने आया है। जापान की फार्मा कंपनी मिजी सिका फार्मा भारत में जापानी बुखार की वैक्सीन बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को तकनीक देगी। इसके बाद सीरम इंस्टीट्यूट भारत में वैक्सीन का उत्पादन करेगा। कंपनी के मुताबिक, अगले साल के अंत तक भारत में जापानी बुखार की वैक्सीन का निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। जापानी बुखार एक गंभीर वायरल बीमारी है। भारत में खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में इसके मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में देश में ही वैक्सीन बनने से इसकी उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य

Japanese fever vaccine India: भारत और जापान के बीच निवेश बढ़ाने की दिशा में यह कदम व्यापक रणनीति का हिस्सा है। जुलाई 2026 में हुए 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद जापान ने अगले दशक में भारत में 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य रखा है। पीयूष गोयल ने जापानी कंपनियों को भरोसा दिया है कि भारत सरकार निवेश से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने और कारोबार की प्रक्रिया को आसान बनाने पर काम कर रही है।

AI और सेमीकंडक्टर पर भी जोर

भारत और जापान के बीच सहयोग अब सिर्फ पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। दोनों देश AI, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, बैटरी, ऊर्जा और नई पीढ़ी की मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में भी साथ काम कर रहे हैं। भारत में पहले से ही 1,400 से अधिक जापानी कंपनियां काम कर रही हैं। इनमें ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत-जापान के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 27.5 अरब डॉलर रहा।

Japanese fever vaccine India: उत्तर प्रदेश भी जापानी निवेश के केंद्र में

जापानी निवेश के लिए उत्तर प्रदेश को भी अहम केंद्र के तौर पर पेश किया जा रहा है। राज्य में बड़े औद्योगिक क्लस्टर, बेहतर कनेक्टिविटी, जेवर एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे और जापान समर्थित वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी सुविधाएं निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। पीयूष गोयल ने जापानी कंपनियों को भारत के साथ-साथ उत्तर प्रदेश को भी मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में देखने का न्योता दिया है।

भारत-जापान साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार

भारत और जापान के बीच बढ़ते निवेश से देश में नई तकनीक, रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर जापानी बुखार की वैक्सीन का भारत में उत्पादन शुरू होना स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अहम कदम होगा। वहीं AI, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में मदद कर सकती है।

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