देश की पहली बुलेट ट्रेन की तस्वीर आई सामने: सूरत-बिलिमोरा के बीच इस साल दौड़ने की उम्मीद

The CSR Journal Magazine
भारत की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सोमवार को सामने आई। रेलवे मंत्रालय ने इस शानदार रेल सेवा की तस्वीर दिल्ली में गेट नंबर 4 पर प्रदर्शित की।预计 इसी साल सूरत से बिलिमोरा के बीच (करीब 50 किलोमीटर) बुलेट ट्रेन का परिचालन शुरू होगा।

जापान का सहयोग, देश का सपना

यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) के तहत तैयार किया जा रहा है, जिसमें जापान सरकार की तकनीकी और वित्तीय मदद ली जा रही है। पूरा प्रोजेक्ट 508 किलोमीटर लंबा है और इसमें गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा और नगर हवेली से होकर गुजरने की योजना है।

स्टेशनों का काम तेजी से चल रहा है

इस परियोजना के अंतर्गत कुल 12 स्टेशन बनाए जाने हैं, जिनमें से 8 स्टेशनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन स्टेशनों में वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, आनंद, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं।

बुनियादी ढांचे में गति

प्रोजेक्ट में शामिल 17 नदी पुल तैयार हो चुके हैं, जबकि नर्मदा और तापी जैसी बड़ी नदियों पर पुल के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। महाराष्ट्र में भी चार नदी पुलों पर कार्य जारी है। ठाणे, सूरत और साबरमती में रेक डिपो का निर्माण भी जोरशोर से चल रहा है।

अंडर-सी टनल का बड़ा महत्व

इस प्रोजेक्ट का एक विशेष और महत्वपूर्ण हिस्सा अंडर-सी टनल है, जो लगभग 21 किलोमीटर लंबी है। इसमें से महाराष्ट्र के घनसोली और शिलफाटा के बीच 4.8 किलोमीटर टनल का काम पहले ही पूरा हो चुका है।

भविष्य की उच्च गति यात्रा

रेल मंत्रालय का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से देश में हाई स्पीड रेल के लिए नई तकनीक विकसित करने का अवसर मिलेगा। इसमें ट्रैक निर्माण, एडवांस सिग्नलिंग और ट्रेन मेंटेनेंस जैसी क्षमताओं का विस्तार होगा।

कर्मचारियों का प्रशिक्षण जारी

NHSRCL ने जापानी एजेंसियों के साथ मिलकर हाई स्पीड रेल स्टाफ की ट्रेनिंग के लिए कार्यक्रम शुरू किया है। हाल ही में इस ट्रेनिंग के लिए 14 जूनियर मैनेजर्स को जापान भेजा गया था।

बढ़ती हुई लागत, लेकिन प्रोजेक्ट पर विश्वास

इस प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत 1.08 लाख करोड़ रुपये थी, लेकिन अब यह अनुमानित 1.6 से 2 लाख करोड़ रुपये के बीच पहुंचने की उम्मीद है। पूरी परियोजना के 2030 तक तैयार होने की संभावना है।

जल्द शुरू होगी बुलेट ट्रेन

बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ चलेगी, जिससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच सफर केवल दो से ढाई घंटे में पूरा होगा।

सुरक्षा पर खास ध्यान

इस बुलेट ट्रेन में एक अनोखा अर्थक्वेक वार्निंग सिस्टम लगाया जा रहा है। यह सिस्टम भूकंप आने पर तुरंत बिजली सप्लाई बंद कर देगा और ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोक देगा।

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