पश्चिम एशिया संकट पर ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में LPG- PNG की नीति और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन पर हुई चर्चा

The CSR Journal Magazine
पश्चिम एशिया संकट के चलते देश के ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अगुवाई में एक अहम बैठक हुई। इसमें मुख्य फोकस LPG पर निर्भरता कम करने और PNG कनेक्शनों को बढ़ावा देने पर था। मंत्री समूह ने इलेक्ट्रिक वाहनों और इंडक्शन हीटर के उपयोग को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। इस बैठक में खाद्य और उपभोक्ता मंत्री प्रल्हाद जोशी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, और भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी भी शामिल हुए।

इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन

बैठक में इलेक्ट्रिक Vehicles की खरीद और इस्तेमाल को बढ़ावा देने के बारे में भी चर्चा की गई। साथ ही, इंडक्शन हीटर के निर्माण और उसके प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए उपायों पर विचार हुआ। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इंडक्शन हीटर में उपयोग होने वाले बर्तनों की कीमतें कम की जा सकती हैं। इस तरह के उपायों से उपभोक्ताओं को लाभ पहुँचाने और ऊर्जा की बचत करने की कोशिश की गई।

बिजली की दरें और उपभोक्ता संतोष

मंत्रियों ने इस बात पर भी मंथन किया कि क्या बिजली की दरें दिन में कम की जा सकती हैं, ताकि लोग अधिकतर दिन के समय बिजली का इस्तेमाल करें। इस पहल से उपभोक्ताओं को राहत मिलने के साथ-साथ बिजली के खर्च में कमी आएगी। इसके अलावा, अन्य ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ाने के लिए भी कई विचार सामने आए।

सचिवों की अगली बैठक में प्रेजेंटेशन

बैठक में यह तय किया गया कि संबंधित सचिव अगले सत्र में सभी मामलों पर प्रेजेंटेशन देंगे। यह प्रजेंटेशन बैठक में चर्चा किए गए सभी मुद्दों से संबंधित होंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी संस्तुतियाँ और सुझाव सही तरीके से संवादित किए जाएं। ऐसा करना आवश्यक है ताकि ऊर्जा क्षेत्र को लेकर आम जनता को बेहतर जानकारी मिल सके।

ईंधन की कमी की अफवाहें निराधार

बैठक के दौरान, सरकारी तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने कहा कि उनके पेट्रोल पंप पर्याप्त ईंधन से भरे हैं। उन्होंने लोगों को अफवाहों पर विश्वास न करने की सलाह दी। ये अफवाहें आपूर्ति व्यवस्था को बाधित कर सकती हैं।

भारत की ईंधन आपूर्ति में मजबूती

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने कुछ क्षेत्रों में ईंधन की कमी की खबरों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि भारत पेट्रोल और डीजल का शुद्ध निर्यातक है, और उसके पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन का पर्याप्त भंडार है। कंपनी पूरी तरह से ईंधन की आपूर्ति करने के लिए प्रतिबद्ध है।

युद्ध का प्रभाव और LPG की स्थिति

संकट काल में युद्ध के कारण कच्चे तेल, LNG, और LPG की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है। हालाँकि, भारत पश्चिम अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, और अमेरिका से पर्याप्त कच्चा तेल प्राप्त करने में सफल रहा है। युद्ध का सबसे अधिक असर LPG पर पड़ा है, क्योंकि देश अपनी कुल मांग का लगभग 60 फीसदी आयात से पूरा करता है, जिसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है।

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