17 बार कॉल करने के बाद भी एटा DM ने नहीं उठाया फोन, मंत्री बेबी रानी मौर्य भड़कीं

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने एटा के जिलाधिकारी अरविंद सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को उन्होंने बताया कि उन्होंने डीएम को 17 बार फोन किया, लेकिन उन्होंने न तो कॉल रिसीव की और न ही कोई प्रतिक्रिया दी। इस लापरवाही से मंत्री नाराज हो गईं और स्पष्ट रूप से इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।

प्रोटोकॉल की अनदेखी से बढ़ी स्थिति

मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि कार्यक्रम से पहले उन्हें कलेक्ट्रेट में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाना था, लेकिन वहां कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई। मंत्री के स्वागत के लिए उपजिलाधिकारी भी नहीं भेजे गए थे। जब जिलाधिकारी ने प्रस्तुति के समय गुलदस्ता भेंट करने की कोशिश की, तो मंत्री ने स्पष्टतः उसे लेने से मना कर दिया।

मंत्री का पीए भी बना शिकार

मंत्री ने आगे बताया कि उनका व्यक्तिगत सहायक भी लगातार फोन कर रहा था, लेकिन बिना किसी उत्तर के उनकी कॉल अनुत्तरित रहीं। मंत्री ने डीएम से कहा कि यदि वह मंत्री का फोन नहीं उठाएंगे, तो आम जनता की समस्याओं का क्या होगा।

मुख्यमंत्री को लिखने की दी चेतावनी

नाराज मंत्री ने जिलाधिकारी को स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्यशैली कदापि स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वह मुख्यमंत्री को इस मामले में लिखने को तैयार हैं। इस दौरान जिलाधिकारी सफाई देते नजर आए, परंतु मौके पर मौजूद अन्य अधिकारी और कर्मचारी असहज दिखाई दिए।

प्रशासन की नौकरी पर उठते सवाल

बेबी रानी मौर्य ने मंच पर ही जनता के सामने अपनी बात रखी, जिसमें उन्होंने यह भी कहा कि यदि अधिकारी एक मंत्री का फोन नहीं उठा सकते, तो आम जन की समस्याओं का समाधान कैसे करेंगे। यह स्थिति सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मामले ने यूपी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एमपी नियमों का पालन जरूरी

बेबी रानी मौर्य की नाराजगी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक अधिकारियों को प्रोटोकॉल का पालन करना आवश्यक है। इस घटना से एक बार फिर यह साफ हो जाता है कि अधिकारियों का आम लोगों और जनप्रतिनिधियों के प्रति किस प्रकार का रवैया होता है।

भविष्य के लिए सबक

यह स्थिति केवल एटा की नहीं, बल्कि अन्य जिलों में भी प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न खड़ा करती है। इस घटना से सरकार को आवश्यक सुधार करने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी समस्याएँ भविष्य में न हों। इस घटना से सभी अधिकारियों को सीख मिलनी चाहिए कि जनता और जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos