‘इंडियन आइडल 16’ को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। शो की टीआरपी मजबूत रहने की वजह से इसे एक्सटेंशन भी मिला। इसी बीच सिंगिंग रियलिटी शोज की लोकप्रियता और उनकी टीआरपी को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। हाल ही में नेहा कक्कड़ ने शो की घटती लोकप्रियता से जुड़ी बातों को खारिज करते हुए अपनी राय रखी। दरअसल, साल 2024 में राज शामानी के पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान सिंगर सुनिधि चौहान ने रियलिटी शोज के बदलते स्वरूप पर खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि शुरुआती दौर में रियलिटी शो का हिस्सा बनना उन्हें काफी पसंद था, क्योंकि उस समय चीजें उन्हें ज्यादा वास्तविक लगती थीं। हालांकि, बाद में उन्हें लगा कि शो के कंटेंट और उसे पेश करने के तरीके में काफी बदलाव आ गया है। सुनिधि के मुताबिक, पहले रियलिटी शोज में जो कुछ होता था, वह काफी हद तक वास्तविक होता था, लेकिन बाद में टीवी पर दिखने वाली चीजों में एडिटिंग और तय किए गए नैरेटिव का दखल बढ़ गया। उन्होंने यह भी कहा था कि मेकर्स कुछ खास कंटेस्टेंट्स को आगे बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देते थे। उनके लिए यह बात हैरान करने वाली थी कि जिस कंटेस्टेंट को एक एपिसोड में खूब तारीफ मिलती है, वही अगले एपिसोड में शो से बाहर हो जाता है।
‘मैंने रियलिटी शोज से दूरी बना ली’
सुनिधि ने बताया था कि इन चीजों ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया था और इसी वजह से उन्होंने रियलिटी शोज में काम करना कम कर दिया। बाद में उन्होंने ‘द वॉयस इंडिया’ में काम किया, लेकिन वहां भी उन्होंने अपनी कुछ शर्तें रखी थीं, जिन्हें शो की टीम ने स्वीकार किया। उन्होंने कहा था कि उन्हें इस बात की संतुष्टि थी कि शो में दर्शकों को जो सुनने को मिल रहा था, वह वास्तविक था। सुनिधि ने साफ कहा था कि उन्हें किसी तरह का धोखा पसंद नहीं है। उनके मुताबिक, जब तक उन्हें शो का तरीका सही लगा, तब तक उन्होंने उसका हिस्सा बनकर खुशी महसूस की, लेकिन बाद में उन्होंने रियलिटी शोज से दूरी बना ली।
कंटेस्टेंट्स को लेकर लगाए थे गंभीर आरोप
सुनिधि ने ‘दिल है हिंदुस्तानी’ का उदाहरण देते हुए कहा था कि शो में कॉम्पिटिशन को लेकर ऐसी कहानियां तैयार की जाती थीं, जो पूरी तरह वास्तविक नहीं थीं। उन्होंने दावा किया था कि एक बार उन्हें एक कंटेस्टेंट के बारे में अच्छी बातें कहकर उसे आगे बढ़ाने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। सुनिधि ने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ कंटेस्टेंट्स को पहले से चुनकर आगे बढ़ाने की कोशिश की जाती थी। उनके मुताबिक, ऐसे कंटेस्टेंट्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट तक किए जाते थे, ताकि उनके जीतने के बाद उनके साथ आगे काम किया जा सके।
‘रातोंरात सफलता मिल जाती है’
साल 2021 में ईटाइम्स को दिए इंटरव्यू में भी सुनिधि चौहान रियलिटी शोज को लेकर अपनी राय जाहिर कर चुकी थीं। उन्होंने कहा था कि आज के समय में रियलिटी शोज कलाकारों के लिए एक बड़ा मंच हैं, जहां उन्हें जल्दी पहचान और सफलता मिल सकती है। हालांकि, उनका मानना था कि इसका एक नुकसान यह भी है कि कलाकारों में लंबे संघर्ष और कड़ी मेहनत करने की इच्छा कम हो सकती है। सुनिधि ने बताया था कि जब उन्होंने ‘इंडियन आइडल 5’ और ‘इंडियन आइडल 6’ में जज की भूमिका निभाई थी, तब उन्हें कंटेस्टेंट्स की तारीफ करने के लिए कहा जाता था। उन्होंने कहा था कि यही वजह है कि उन्होंने बाद में रियलिटी शो में जज के तौर पर काम करने से दूरी बना ली।
नेहा कक्कड़ ने सुनिधि के बयान पर क्या कहा?
अब एक हालिया इवेंट में नेहा कक्कड़ ने रियलिटी शोज की टीआरपी और ‘इंडियन आइडल’ की लोकप्रियता को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने शो की लोकप्रियता कम होने के दावे को खारिज करते हुए कहा कि जब तक वह ‘इंडियन आइडल’ का हिस्सा थीं, तब तक शो की टीआरपी काफी अच्छी थी। नेहा ने इसी दौरान सुनिधि चौहान के बयान पर तंज कसते हुए कहा, ‘अंगूर तभी खट्टे लगते हैं, जब वे मिलते नहीं हैं।’ उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके मुताबिक ‘इंडियन आइडल’ स्क्रिप्टेड नहीं है। नेहा ने कहा कि सभी लोग सामान्य बैकग्राउंड से आते हैं और अगर किसी कंटेस्टेंट की कहानी सुनकर उन्हें भावुकता महसूस होती है, तो यह स्वाभाविक प्रतिक्रिया है।

