CM Yogi Development Projects: विकास परियोजनाओं में देरी पर CM योगी सख्त, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

The CSR Journal Magazine
लखनऊ में हुई स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की प्रमुख विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ परियोजनाओं की घोषणा या मंजूरी तक सीमित नहीं है। हर काम तय समय में जमीन पर उतरना चाहिए और उसका लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण, टेंडर, विभागों के बीच तालमेल या किसी अन्य स्तर पर अगर कोई काम अटका है तो उसे तुरंत दूर किया जाए। धीमी रफ्तार वाली परियोजनाओं की नियमित समीक्षा हो और लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।

एक्सप्रेसवे को विकास का नया कॉरिडोर बनाने पर जोर

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी विकास की बड़ी जरूरत है। एक्सप्रेसवे को सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने वाली सड़क के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इनके आसपास उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने की योजना होनी चाहिए, ताकि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिले। बैठक में बताया गया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 6 अगस्त को टेंडर जारी हो चुका है और सितंबर में चयन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। वहीं फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 91.28 प्रतिशत भूमि प्राप्त हो चुकी है। आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80.43 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 84.82 प्रतिशत और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 79.27 प्रतिशत भूमि मिल चुकी है।

भूमि अधिग्रहण में तेजी के निर्देश

CM Yogi Development Projects: मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे की योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए सत्यापन पूरा हो चुका है। अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को जमीन से जुड़े काम में तेजी लाने को कहा, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो।

CM Yogi Development Projects: ग्रेटर नोएडा लॉजिस्टिक्स हब को मिलेगी रफ्तार

बैठक में ग्रेटर नोएडा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने इसे तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उनका जोर उत्तर प्रदेश को देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन का मजबूत केंद्र बनाने पर है। इसके साथ ही उन्नाव के एक्वा बिजनेस प्रोजेक्ट में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए। सरकार का मानना है कि ऐसी परियोजनाओं से औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

ज्यादा लाइन लॉस वाले इलाकों पर होगी नजर

बिजली व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अत्यधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाइन लॉस के वास्तविक कारणों की पहचान कर ठोस कार्रवाई की जाए। बिजली चोरी, बिलिंग और वसूली की व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ज्यादा लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में संबंधित डिस्कॉम अधिकारियों की भी जवाबदेही तय करने को कहा गया।

अस्पताल और होटल की फायर सेफ्टी पर भी सख्ती

स्वास्थ्य संस्थानों, अस्पतालों और होटल-गेस्ट हाउस में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा हुई। योगी ने कहा कि जनसुरक्षा के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने फायर NOC से जुड़ा प्रभावी डिजिटल डेटाबेस तैयार करने और NOC की वैधता खत्म होने से पहले ही नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए।

डिजिटल लाइब्रेरी से युवाओं को मिलेगा फायदा

CM Yogi Development Projects: गांवों में बनाई जा रही डिजिटल लाइब्रेरियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें सिर्फ किताबें रखने की जगह न बनाकर ग्रामीण विद्यार्थियों और युवाओं के लिए पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल ज्ञान के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। सभी जरूरी काम 30 सितंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

शून्य गरीबी अभियान में आवास पर जोर

बैठक में शून्य गरीबी अभियान की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 12.50 लाख चिन्हित परिवारों में से करीब 9 लाख परिवार आवास के लिए पात्र पाए गए हैं। इनमें करीब 4.50 लाख परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में हैं, जबकि लगभग 5 लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभ पहुंचाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने सभी पात्र परिवारों को आवास सुविधा से जोड़ने के निर्देश दिए।

श्रमिकों के लिए लेबर अड्डों की भी होगी जांच

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए बने लेबर अड्डों का सर्वे कराने को कहा। यहां पेयजल, शौचालय, सफाई, स्नान, चिकित्सा और भोजन जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा निर्माणाधीन गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और मेरठ के मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय की भी समीक्षा हुई। योगी ने दोनों परियोजनाओं में निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा का खास ध्यान रखने को कहा।

जवाबदेही तय करने पर सरकार का फोकस

बैठक से साफ है कि सरकार अब सिर्फ योजनाओं और परियोजनाओं की घोषणा करने के बजाय उनके समय पर पूरा होने और जमीन पर असर दिखने पर जोर दे रही है। भूमि अधिग्रहण से लेकर बिजली, फायर सेफ्टी और ग्रामीण विकास तक अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

जनता तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

CM योगी का संदेश साफ है कि प्रदेश में चल रही बड़ी परियोजनाओं में अब अनावश्यक देरी नहीं चलेगी। एक्सप्रेसवे को उद्योग और रोजगार से जोड़ने के साथ बिजली व्यवस्था, फायर सेफ्टी, डिजिटल शिक्षा, आवास और श्रमिक सुविधाओं पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है। तय समय में काम पूरा नहीं होने या लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय करने की नीति पर सरकार आगे बढ़ रही है।

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