त्योहारी सीजन से पहले हवाई किराए में हो रही 50-100% की बढ़ोतरी ने आम यात्रियों के लिए समस्याएं बढ़ा दी हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर इस बढ़ोतरी पर लगाम लगाने की मांग की है। इस पत्र में CTI ने विमान कंपनियों के मनमानी बर्ताव की आलोचना की है। विशेषकर त्योहारों की इस भीड़ में जब कई लोग अपने घरों की ओर लौटना चाहते हैं, इस वृद्धि ने उनकी जेब पर गहरा असर डाला है।
टिकटों की कीमतें चढ़ी आसमान पर
CTI के अनुसार, हाल में सस्ती टिकटें अचानक ही दोगुनी से भी अधिक कीमत पर बिक रही हैं। उन्होंने बताया कि इंडिगो और एयर इंडिया जैसी कंपनियाँ हाल के महीनों में विमान किराए में 50% से 100% तक की बढ़ोतरी कर चुकी हैं, जिससे मध्यम और अपर मध्यम वर्ग के यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ डाला गया है। इस क्रम में, कुछ रूटों पर हवाई किराए में अत्यधिक वृद्धि देखने को मिली है।
कितनी बढ़ी हैं किराये की कीमतें?
दिल्ली से मुंबई का हवाई किराया पहले 10,000 रुपए था, जो अब 18,000 से 25,000 रुपए के बीच पहुंच गया है। इसी प्रकार, दिल्ली से अहमदाबाद का किराया 10,000 से 12,000 रुपए था, जो अब 18,000 से 20,000 रुपए हो चुका है। दिल्ली से बैंगलोर का किराया भी 12,000-15000 रुपए से बढ़कर अब 30,000-35,000 रुपए हो गया है। दिल्ली से कोलकाता की उड़ान का किराया पहले 11,000 रुपए था, जो अब 20,000 रुपए हो गया है।
कंपनियों की मनमानी पर चिंता
CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि वर्तमान में विमान कंपनियों ने घरेलू उड़ानों की क्षमता में भी कमी की है, जिससे स्थिति और भी खराब हो गई है। विशेषकर त्योहारों के दौरान, जब यात्रियों की संख्या बढ़ती है, तब ऐसी ऊंची कीमतों का होना स्पष्ट रूप से विमान कंपनियों की मनमानी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई की जाए।
किराये में बढ़ोतरी और एयरलाइंस का घटता प्रदर्शन
गोयल ने कहा कि हाल ही में इंडिगो और एयर इंडिया ने क्रमशः 4.5% और 8.8% सीटें घटाई हैं। ऐसे में जब प्रतियोगिता और यात्रियों की मांग दोनों बढ़ रही हैं, फिर भी कंपनियों द्वारा कीमतों में बढ़ोतरी समझ से परे है। CTI का मानना है कि इस सूरत में सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!