CM विजय का Deepfake बनाकर ठगी, राजस्थान से आरोपी गिरफ्तार

The CSR Journal Magazine
राजस्थान के अलवर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसने AI तकनीक का इस्तेमाल करके तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का फर्जी वीडियो बनाया था। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाकर लोगों से आर्थिक मदद के नाम पर ठगी की गई। तमिलनाडु क्राइम ब्रांच-CID की साइबर क्राइम टीम ने राजस्थान पुलिस के सहयोग से लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र से आरोपी शयाबू खान को पकड़ा। आरोपी पर आरोप है कि उसने मुख्यमंत्री की आवाज और चेहरे की नकल करते हुए हिंदी में लोगों से मदद मांगने वाला वीडियो बनाया था।

जब ठगी की कहानी शुरू हुई

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब तमिलनाडु पुलिस की साइबर टीम ने सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो को ट्रैक किया। वीडियो में AI की मदद से विजय को गरीबों की आर्थिक सहायता के लिए लोगों से अपील करते हुए दिखाया गया। वीडियो के अंत में लोगों से एक मोबाइल या WhatsApp नंबर पर संपर्क करने को कहा गया। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर डिजिटल सबूत इकट्ठा करना शुरू किया।

ट्रैस करते हुए पहुंची अलवर

जांच के दौरान ठगी करने में इस्तेमाल हुआ मोबाइल नंबर और डिजिटल गतिविधियों की कड़ियां राजस्थान तक पहुंचीं। तमिलनाडु से एक पुलिस अधिकारी 11 सितंबर को अलवर पहुंचे और स्थानीय पुलिस की मदद से जांच आगे बढ़ाई गई। अंततः लक्ष्मणगढ़ के बुटोली गांव के निवासी शयाबू खान तक पुलिस पहुंची। उसके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में डीपफेक वीडियो और ठगी से जुड़े सबूत मिले।

आरोपी के पास मिले अन्य डीपफेक वीडियो

अलवर पुलिस के अनुसार, आरोपी के मोबाइल से कई अन्य नेताओं के भी कथित डीपफेक वीडियो मिले हैं। पुलिस को यह संदेह है कि इसी तरह के वीडियो मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों और पुलिस अधिकारियों की पहचान चुराकर भी बनाये गए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का वीडियो विशेष रूप से हिंदी में तैयार किया गया था, जिसमें गरीब बच्चों की मदद के लिए चंदा देने की अपील की गई। इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाए गए थे।

जांच का दायरा बढ़ाते हुए

जांच में यह भी सामने आया है कि मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी ऐसे ठगी के मामले हुए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी के इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं, और आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े गिरोह का हिस्सा था। अलवर पुलिस ने आरोपी को दबोचने के बाद उसके मोबाइल और अन्य सबूत तमिलनाडु पुलिस को सौंप दिए हैं।

आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी

रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और कंप्यूटर प्रोसेसर भी जब्त किए गए हैं। उसे तमिलनाडु ले जाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पुलिस अब यह पता करने में जुटी है कि इस फर्जी ठगी की रकम कितनी थी, पीड़ितों की संख्या क्या है, और नेटवर्क की पूरी कार्यप्रणाली कैसे काम करती थी।

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