UP Samuhik Vivah Yojana 2026: बेटियों के सम्मानजनक विवाह का सहारा बनी योगी सरकार, सामूहिक विवाह योजना ने पकड़ी रफ्तार

The CSR Journal Magazine
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए लगातार मददगार साबित हो रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सरकार आर्थिक सहायता के साथ आयोजन की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक प्रदेश में 17,758 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 72,448 सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत अब तक 72,787 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जांच के बाद 20,042 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 7,245 आवेदन अपात्र पाए गए। सरकार का जोर पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने पर है।

पीलीभीत सबसे आगे, शाहजहांपुर दूसरे स्थान पर

UP Samuhik Vivah Yojana 2026: सामूहिक विवाह कराने के मामले में पीलीभीत इस समय प्रदेश में सबसे आगे है। जिले में अब तक 1,271 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। वहीं 1,063 विवाह के साथ शाहजहांपुर दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा सुल्तानपुर में 1,040 और रामपुर में 1,031 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया है। अलग-अलग जिलों में लगातार आयोजित किए जा रहे सामूहिक विवाह समारोहों से योजना को जमीनी स्तर पर तेजी मिल रही है और जरूरतमंद परिवारों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

आर्थिक मजबूरी बेटी की शादी में न बने रुकावट

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव किसी बेटी के सम्मानजनक विवाह में बाधा न बने। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसी सोच को जमीन पर उतारने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचे। इसके लिए तकनीक आधारित सत्यापन व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि अपात्र लोगों को योजना का लाभ न मिले और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंच सके।

ई-केवाईसी और डिजिटल सत्यापन से बढ़ेगी पारदर्शिता

समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह के मुताबिक योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। आवेदकों के सत्यापन के लिए ई-केवाईसी की व्यवस्था लागू की गई है। इसके अलावा ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए आय और जाति प्रमाण पत्रों का डिजिटल सत्यापन किया जा रहा है। सरकार जल्द ही आधार आधारित भुगतान व्यवस्था भी लागू करने की तैयारी में है। इसके बाद योजना की अनुदान राशि पात्र लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे भेजी जा सकेगी। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ लाभार्थियों को भी आसानी होगी।

UP Samuhik Vivah Yojana 2026: हर जोड़े को मिलती है एक लाख रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें 64 हजार रुपये गृहस्थी बसाने के लिए, 21 हजार रुपये वैवाहिक उपहार सामग्री के लिए और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की जरूरी व्यवस्थाओं के लिए निर्धारित हैं।

बेटियों के सम्मान और परिवारों की राहत पर जोर

सरकार का फोकस केवल विवाह कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि योजना के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ने वाले विवाह के खर्च के बोझ को कम करना भी है। आवेदन, सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल से योजना को ज्यादा पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है। 2026-27 में तय 72,448 विवाह के लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिलों में सामूहिक विवाह कार्यक्रमों की रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद है।

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