‘बिट्टू तबाही’ की नदी सफाई की मुहिम से बदली किस्मत, डच CEO ने दिया नौकरी का प्रस्ताव
मध्य प्रदेश के सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें लोग ‘बिट्टू तबाही’ नाम से जानते हैं, ने अजनार नदी की सफाई की अपनी पहल से सभी का ध्यान खींचा है। मात्र 20 साल के इस युवक ने ऐसी मुहिम शुरू की है जो ना केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोर रही है। बिट्टू ने कचरे से भरी नदी को साफ करके एक मिसाल कायम की है। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें एक नई पहचान दी है।
तबाही मचाने वाले ‘बिट्टू’ ने बदली अजनार नदी की सूरत, डच CEO ने कहा- ‘हमारे साथ काम करो!’
दुनिया जिसे ‘पागल’ कहकर सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रही थी, आज उसी 20 साल के लड़के ने वो कारनामा कर दिखाया है कि सात समंदर पार से उसके लिए नौकरी का बुलावा आया है। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के रहने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ ‘बिट्टू तबाही’ की किस्मत रातों-रात बदल गई है। कचरे और प्लास्टिक से पटी बदबूदार अजनार नदी को अकेले दम पर साफ करने वाले बिट्टू को नीदरलैंड्स की मशहूर संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने खुद नौकरी का प्रस्ताव दिया है।
बिना संसाधनों के गंदे पानी में उतरे, लोग उड़ाते थे मजाक
सुरेंद्र ने अजनार नदी को साफ करने का बीड़ा उठाया था। शुरुआती दिनों में उनके पास न तो कोई टीम थी और न ही बड़ी मशीनें। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि उन्हें तैरना भी नहीं आता था। बिना दस्तानों और सुरक्षा जूतों के, बांस की डंडियों और जाल के सहारे वह नदी के गंदे पानी में उतर गए। उन्होंने अपनी जेब से करीब ₹30,000 खर्च किए। जब उन्होंने इसके वीडियो सोशल मीडिया पर डाले, तो लोगों ने उन्हें ‘दिखावटी’ और सिर्फ ‘चर्चा में आने का भूखा’ तक कहा, लेकिन बिट्टू ने हार नहीं मानी।
आनंद महिंद्रा से लेकर नीदरलैंड्स तक गूंजा नाम
This young man from Biaora, M.P, was criticised for claiming to have cleaned parts of a river just in order to gain social media views.
Well, we usually complain that social media rewards the trivial rather than the meaningful
So If a desire for ‘likes’ can become a force for… pic.twitter.com/ARgEhphuQN
— anand mahindra (@anandmahindra) March 30, 2026

