Clean Drinking Water in Railways: पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशनों पर पानी की होगी कड़ी जांच

The CSR Journal Magazine
Clean Drinking Water in Railways: रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मिलने वाले पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे ने विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों, कॉलोनियों और कार्यालयों में लगे पानी की टंकियों, वाटर कूलर, नलों, फिल्टर, पाइप लाइनों और पानी वितरण केंद्रों की जांच की जा रही है। रेलवे का कहना है कि इसका मकसद यात्रियों और रेल कर्मचारियों को साफ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य निरीक्षक पानी की गुणवत्ता की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रहे हैं। इसमें पानी में क्लोरीन की मात्रा, बैक्टीरिया और दूसरे रासायनिक तत्वों की जांच शामिल है। जांच में कहीं कोई कमी मिलने पर उसे दूर करने के लिए तुरंत सुधार का काम भी किया जा रहा है।

Clean Drinking Water in Railways: वाराणसी मंडल में हजारों बार हुई पानी की जांच

पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में इस अभियान के तहत बड़े स्तर पर पानी की जांच की गई है। मंडल के 204 रेलवे स्टेशनों और 115 आवासीय कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था की जांच की गई। रेलवे के मुताबिक, 18 अगस्त से 20 सितंबर 2026 के बीच वाराणसी मंडल में कुल 2,915 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किए गए। इसके अलावा 415 जीवाणु परीक्षण और 46 रासायनिक परीक्षण भी किए गए। इन जांचों के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि यात्रियों और रेल कर्मचारियों को उपलब्ध कराया जा रहा पानी तय मानकों के मुताबिक साफ और सुरक्षित है या नहीं।

Clean Drinking Water in Railway: टंकी से लेकर नल तक होगी निगरानी

रेलवे प्रशासन सिर्फ पानी के नमूने लेने तक सीमित नहीं है। पानी की टंकियों, वाटर कूलर, नलों, फिल्टर और पानी की पाइप लाइनों की भी नियमित जांच की जा रही है। इसके अलावा पानी जहां से यात्रियों को उपलब्ध कराया जाता है, उन सभी जगहों पर साफ-सफाई और रखरखाव पर भी ध्यान दिया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर और लखनऊ मंडल में भी पानी की गुणवत्ता की जांच लगातार की जा रही है। स्वास्थ्य निरीक्षकों की टीम नियमित रूप से अलग-अलग पेयजल केंद्रों की जांच कर रही है।

Clean Drinking Water in Railway: कमी मिली तो तुरंत होगा सुधार

रेलवे के मुताबिक, जांच के दौरान अगर पानी की गुणवत्ता या पेयजल व्यवस्था में कोई कमी सामने आती है तो उसे दूर करने के लिए तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है। यह विशेष अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और कार्यालयों में मौजूद पेयजल स्थानों की जांच और जरूरी सुधार पूरा नहीं हो जाता। पूर्वोत्तर रेलवे का कहना है कि यात्रियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने पर लगातार काम किया जा रहा है। नियमित जांच के जरिए रेलवे यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यात्रियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप साफ और सुरक्षित पीने का पानी मिल सके।
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