Asian Games 2026: अलीगढ़ के गांव से एशियन गेम्स तक गुलवीर सिंह की कहानी, सेना की नौकरी से एथलेटिक्स में रचा इतिहास

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के सिरसा गांव में जन्मे गुलवीर सिंह ने अपनी मेहनत से भारतीय एथलेटिक्स में खास मुकाम बनाया है। 1 जून 1998 को किसान परिवार में जन्मे गुलवीर का बचपन गांव के माहौल में बीता। उनके गांव में सेना में भर्ती होने की परंपरा रही है, इसलिए उनका शुरुआती सपना भी देश की सेवा करना था। आगे चलकर यही सपना उन्हें भारतीय सेना तक ले गया और सेना ने उनके एथलेटिक्स करियर को नई दिशा दी। गुलवीर वर्ष 2018 में स्पोर्ट्स कोटे के जरिए भारतीय सेना में शामिल हुए। उन्हें ग्रेनेडियर्स रेजीमेंट में जगह मिली। सैन्य जीवन की कठिन दिनचर्या, अनुशासन और शारीरिक प्रशिक्षण ने उनकी दौड़ने की क्षमता को मजबूत किया। बाद में वह आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट और भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर से जुड़े, जहां उन्होंने लंबी दूरी की दौड़ की तकनीक और प्रतिस्पर्धी तैयारी पर काम किया।

Asian Games 2026: सीमाओं की ड्यूटी के साथ एथलेटिक्स की तैयारी

गुलवीर का सफर सिर्फ ट्रैक पर अभ्यास करने तक सीमित नहीं रहा। सेना में रहते हुए उन्हें सुरक्षा और गश्त जैसी जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ीं। अरुणाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती के दौरान कठिन भौगोलिक परिस्थितियों ने उनकी शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति को मजबूत किया। हालांकि, सेना की जिम्मेदारियों और एथलेटिक्स प्रशिक्षण के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था। शुरुआती वर्षों में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। वर्ष 2022 में कालीकट में आयोजित फेडरेशन कप में 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने बड़ी प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनानी शुरू की।

एशियन गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में सफलता

Asian Games 2026: गुलवीर सिंह की अंतरराष्ट्रीय पहचान एशियाई खेलों में उनके प्रदर्शन से मजबूत हुई। 2023 के एशियन गेम्स में उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। इसके बाद एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर दौड़ में भी कांस्य पदक हासिल किया। वर्ष 2025 में उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। इससे लंबी दूरी की दौड़ में उनकी स्थिति और मजबूत हुई। 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने 10,000 मीटर में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा। वह इस स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बने।

अमेरिका में ट्रेनिंग ने बदला प्रदर्शन

गुलवीर के करियर में वर्ष 2024 का समय महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने अमेरिकी कोच स्कॉट सिमंस के मार्गदर्शन में कोलोराडो स्प्रिंग्स के ऊंचाई वाले प्रशिक्षण केंद्र में अभ्यास शुरू किया। हाई-एल्टीट्यूड ट्रेनिंग से उनकी सहनशक्ति और रेस रणनीति पर काम हुआ। मार्च 2024 में कैलिफोर्निया में आयोजित ‘द टेन’ प्रतियोगिता में उन्होंने 10,000 मीटर दौड़ 27:41.81 मिनट में पूरी कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। बाद में जापान में उन्होंने इस रिकॉर्ड को सुधारकर 27:14.88 मिनट किया। वर्ष 2025 में उन्होंने 27:00.22 मिनट के समय के साथ नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज किया।

रिकॉर्ड बनाने वाला धावक

Asian Games 2026: गुलवीर ने 5,000 मीटर में भी शानदार प्रदर्शन किया है। फरवरी 2025 में बोस्टन यूनिवर्सिटी के इंडोर मुकाबले में 12:59.77 मिनट का समय निकालकर वह 13 मिनट से कम समय में 5,000 मीटर पूरा करने वाले पहले एशियाई एथलीट बने। उनके नाम 5,000 मीटर, 10,000 मीटर और अन्य लंबी दूरी की स्पर्धाओं में राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। गुलवीर सिंह की कहानी बताती है कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच भी लगातार मेहनत, अनुशासन और सही प्रशिक्षण से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। अलीगढ़ के गांव से शुरू हुआ उनका सफर अब भारतीय एथलेटिक्स की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन चुका है।

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