बंगाल में शुरू हुआ कच्चे तेल का व्यावसायिक उत्पादन, अशोकनगर से हल्दिया भेजी गई पहली खेप

The CSR Journal Magazine
पश्चिम बंगाल के अशोकनगर में कच्चे तेल के व्यावसायिक उत्पादन की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार को बैगाछी तेल क्षेत्र से 1,200 लीटर कच्चे तेल की पहली खेप टैंकर के जरिए हल्दिया के लिए रवाना की गई। अशोकनगर के विधायक डॉ. सुमय हीरा ने नारियल फोड़कर और हरी झंडी दिखाकर टैंकर को रवाना किया। इस दौरान ओएनजीसी के निदेशक (एक्सप्लोरेशन) ओम प्रकाश सिन्हा समेत कंपनी के कई अधिकारी मौजूद रहे।

रोज करीब 20 क्यूबिक मीटर तेल का उत्पादन

ओएनजीसी के अनुसार, फिलहाल संबंधित कुएं से प्रतिदिन करीब 20 क्यूबिक मीटर कच्चे तेल का उत्पादन हो रहा है। कुएं से तेल पानी के साथ बाहर निकलता है। इसके बाद सेपरेटर और ईटीपी की मदद से तेल को पानी से अलग और शुद्ध किया जाता है। प्रसंस्करण के बाद कच्चे तेल को रिफाइनरी भेजा जा रहा है। पहली खेप का हल्दिया जाना इसी उत्पादन प्रक्रिया की अहम शुरुआत माना जा रहा है।

पहले भी शुरू हुआ था उत्पादन, तकनीकी समस्या से रुक गया

अशोकनगर क्षेत्र में इससे पहले भी एक कुएं से तेल का उत्पादन शुरू किया गया था। हालांकि, तकनीकी समस्या के कारण कुछ समय बाद उत्पादन रोकना पड़ा था। बाद में समस्या को दूर किया गया और अब दोबारा उत्पादन शुरू किया गया है। नए सिरे से उत्पादन शुरू होने के बाद ओएनजीसी को इस क्षेत्र से आगे भी अच्छी उम्मीदें हैं।

उम्मीद से ज्यादा तेल भंडार मिलने का दावा

ओएनजीसी ने अशोकनगर क्षेत्र में नए सिरे से खोजबीन की है। इसमें क्षेत्र में और कच्चा तेल मिलने की संभावना सामने आई है। ओएनजीसी के निदेशक ओम प्रकाश सिन्हा ने बताया कि अशोकनगर क्षेत्र में कंपनी की शुरुआती उम्मीद से अधिक तेल भंडार मौजूद है। नए कुएं में उत्पादन भी अच्छा मिल रहा है, इसलिए आने वाले समय में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।

पांच-छह और कुएं खोदने की तैयारी

अशोकनगर में तेल की संभावनाओं को देखते हुए ओएनजीसी अब यहां पांच से छह और कुएं खोदने की तैयारी कर रही है। नए कुओं की खुदाई और उनसे मिलने वाले उत्पादन से क्षेत्र की तेल क्षमता का और बेहतर आकलन हो सकेगा। अगर नए कुओं से भी उम्मीद के मुताबिक तेल मिलता है तो आने वाले समय में अशोकनगर से कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ सकता है।

2018 में पहली बार चला था तेल का पता

अशोकनगर के बैगाछी इलाके में पहली बार वर्ष 2018 में कच्चे तेल की मौजूदगी का पता चला था। इसके बाद वर्ष 2020 में परीक्षण के तौर पर एक कुएं से करीब 375 बैरल कच्चा तेल निकाला गया था। अब कई चरणों की खोज और तकनीकी प्रक्रिया के बाद यहां व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन शुरू किया गया है। इससे अशोकनगर तेल क्षेत्र की संभावनाओं को लेकर उम्मीद बढ़ी है।

मुंबई हाई के तेल जैसी बताई जा रही गुणवत्ता

विशेषज्ञों के अनुसार, अशोकनगर क्षेत्र से मिलने वाले कच्चे तेल की गुणवत्ता की तुलना मुंबई हाई से की जा सकती है। यदि आगे होने वाली खोज में भी बेहतर गुणवत्ता और पर्याप्त मात्रा में तेल मिलता है तो यह क्षेत्र तेल उत्पादन के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

आगे की योजना

फिलहाल ओएनजीसी का फोकस उत्पादन को स्थिर रखने और नए कुओं की खुदाई पर है। पांच-छह नए कुओं से मिलने वाले नतीजे यह तय करने में अहम होंगे कि अशोकनगर क्षेत्र में भविष्य में कच्चे तेल का उत्पादन किस स्तर तक बढ़ाया जा सकता है।

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