पश्चिम बंगाल में वोटिंग का नया रिकॉर्ड: 92% से अधिक मतदान, पांच राज्यों ने दिखाई हुंकार

The CSR Journal Magazine
पश्चिम बंगाल की 254 विधानसभा सीटों में से बुधवार को 142 सीटों पर वोटिंग का आयोजन किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार, इस सेकंड फेज में कुल 92.32% मतदान हुआ। पहले फेज में 23 अप्रैल को रिकॉर्ड 93% वोटिंग हुई थी। दोनों फेज मिलाकर इस बार कुल 92.75% वोटिंग दर्ज की गई, जो कि बंगाल के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक है। इससे पहले 2011 में 84.72% मतदान हुआ था। यह आंकड़ा वास्तव में चुनावों में जनता के उत्साह को दर्शाता है।

अन्य राज्यों में भी मतदान का जोश

बंगाल के अलावा, तमिलनाडु में भी 23 अप्रैल को हुए चुनावों में रिकॉर्ड 85.14% मतदान हुआ। यह आंकड़ा 1967 के बाद का सबसे उच्चतम प्रतिशत है। असम के 126 सीटों पर 9 अप्रैल को 85.91% वोट पड़े। यहां 35 में से 26 जिलों में मतदान प्रतिशत 80% से ऊपर रहा। वहीं, पुडुचेरी में करीब 89.87% वोटिंग हुई, जिससे यह केंद्र शासित प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

हिंसक घटनाओं का सामना

हालांकि, बंगाल में सेकंड फेज की वोटिंग के दौरान कुछ हलचल भी देखने को मिली। कुछ स्थानों पर हिंसा और लाठीचार्ज की घटनाएं हुईं। कुल मिलाकर, इस चुनाव में चुनाव आयोग द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, फिर भी ऐसी घटनाओं की सूचना सामने आई। यह साफ है कि चुनावी माहौल में उत्साह के साथ-साथ चुनौतियाँ भी सामने आईं।

केरल में सबसे कम मतदान

वहीं, केरल में सीटों पर मतदान का प्रतिशत 78.03% रहा, जो कि पांचों राज्यों में सबसे कम रहा। यहां कुल 2.71 करोड़ मतदाता 890 उम्मीदवारों में से अपने प्रतिनिधि का चयन कर रहे हैं। केरल में 14 जिलों में से केवल दो जिलों में 80% से अधिक वोटिंग देखी गई। यह प्रतिशत चुनावों के प्रभाव को दर्शाता है।

भविष्य की परिकल्पना

चुनावों से जुड़ी भविष्यवाणियाँ भी सामने आ रही हैं। पश्चिम बंगाल में 7 एग्जिट पोल में से 5 में भाजपा की सरकार बनने की संभावना जताई गई है। अन्य राज्यों में भी विभिन्न दलों की वापसी के अनुमान लगाए जा रहे हैं। तमिलनाडु में DMK के सत्ता में लौटने की सूचनाएँ मिली हैं।

पुडुचेरी का मतदान उत्सव

पुडुचेरी में कुल 30 विधानसभा सीटों पर 10 लाख मतदाता मौजूद हैं। यहां की कुल वोटिंग प्रतिशत 89.87% रही, जिसमें पुडुचेरी जिले में सबसे ज्यादा 90.47% मतदान हुआ। कराईकल में भी 86.77% वोटिंग देखी गई। पुडुचेरी के इतिहास में इतनी ऊँचाई पर मतदान पहले कभी नहीं हुआ था।

चुनाव परिणामों का इंतजार

अब सभी की निगाहें 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं। सभी राज्यों के मतदाता अपनी पसंद के नेताओं का चयन करके खुद को सत्ता में देखने के लिए उत्सुक हैं। चुनावी प्रक्रिया ने यह साफ कर दिया है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण होती है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos