यूपी में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, 5 लाख चालान से वसूला 172 करोड़; योगी सरकार का Zero Death लक्ष्य

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ने के साथ सड़क सुरक्षा सरकार की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और शून्य मृत्युदर का लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दे चुके हैं। इसी के तहत परिवहन विभाग ने यातायात नियमों का पालन कराने के लिए प्रदेशभर में प्रवर्तन अभियान तेज किया है। नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई के साथ विभाग का जोर लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी और अनुशासन बढ़ाने पर है। अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर के मुताबिक सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाना भी है।

15 लाख चालान से वसूले गए 474 करोड़ रुपये

वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवहन विभाग के प्रवर्तन दल ने करीब 15 लाख चालान किए। इन कार्रवाई के जरिए 474 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला गया। प्रदेशभर में बड़े स्तर पर हुई इस कार्रवाई का मकसद सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करना और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर लगाम लगाना रहा। विभाग की लगातार निगरानी से यातायात नियमों को लेकर सख्ती का संदेश भी दिया जा रहा है।

चार महीने में 5 लाख चालान, 172 करोड़ का जुर्माना

चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में ही करीब 5 लाख चालान किए जा चुके हैं। इन कार्रवाई के जरिए 172 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क लगाया गया है। आंकड़े बताते हैं कि नए वित्तीय वर्ष में भी परिवहन विभाग का प्रवर्तन अभियान तेजी से जारी है। सड़क पर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की जांच और कार्रवाई लगातार की जा रही है।

ओवरस्पीडिंग से लेकर ओवरलोडिंग तक पर नजर

परिवहन विभाग की कार्रवाई में यातायात नियमों के अलग-अलग उल्लंघनों पर नजर रखी जा रही है। इनमें तेज गति से वाहन चलाना, जरूरी दस्तावेजों के बिना वाहन चलाना, क्षमता से अधिक सवारी बैठाना और तय सीमा से ज्यादा माल ढोना जैसे मामले शामिल हैं। नियमों का पालन होने से सड़क पर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। खासकर तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और लापरवाही से वाहन चलाने जैसी वजहों पर नियंत्रण सड़क सुरक्षा के लिए अहम है।

सिर्फ चालान नहीं, लोगों में अनुशासन बढ़ाना

परिवहन विभाग का कहना है कि प्रवर्तन कार्रवाई का मकसद केवल जुर्माना वसूलना नहीं है। इसके जरिए वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। सड़क सुरक्षा तभी मजबूत होगी जब वाहन चालक खुद नियमों का पालन करेंगे। हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना और वाहन के जरूरी कागजात साथ रखना जैसी छोटी सावधानियां भी हादसों को रोकने में बड़ी भूमिका निभाती हैं।

शून्य मृत्युदर के लक्ष्य की ओर यूपी

योगी सरकार का लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम से कम करते हुए शून्य मृत्युदर की दिशा में आगे बढ़ना है। परिवहन विभाग की सख्त प्रवर्तन कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। आने वाले समय में नियमों का पालन, बेहतर निगरानी और वाहन चालकों की जिम्मेदारी मिलकर प्रदेश की सड़कों को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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