IIT बॉम्बे सुसाइड केस पर शमा मोहम्मद की सफाई, बोलीं- ‘मैंने दलितों के खिलाफ कुछ नहीं कहा’

The CSR Journal Magazine

सामने आया विवाद

नई दिल्ली: आईआईटी बॉम्बे सुसाइड केस में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला का समर्थन करने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद को तुरंत सफाई देनी पड़ी। उन्होंने पहले इस मामले में प्रोफेसर डूला का समर्थन किया था। लेकिन जब दलित एक्टिविस्ट ने राहुल गांधी से उन्हें हटाने की मांग की, तो उन्होंने बिना समय गंवाए स्पष्टीकरण जारी किया। शमा ने कहा, ‘मैंने दलितों के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा।’ उनके मुताबिक, उन्होंने सिर्फ परीक्षा में चोरी के बारे में बात की थी।

शमा की सफाई

अपने बयान में शमा मोहम्मद ने कहा, ‘जब कोई छात्र परीक्षा में चोरी करते पकड़ा जाता है, उसे चेतावनी देना इनविजिलेटर का अधिकार है। हम छात्रों को परीक्षा में कॉपी करने की अनुमति नहीं दे सकते।’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर जातिवादी टिप्पणी की गई है, तो छात्रों को एससी-एसटी डिपार्टमेंट में शिकायत करनी चाहिए। शमा ने अपील की कि ‘दलितों के साथ खड़े रहने वालों को गाली न दें, बल्कि असली मुद्दे पर ध्यान दें।’

राहुल गांधी से मांग

एक ट्विटर यूजर ने सूरज कुमार बुद्ध नाम से सीधे राहुल गांधी से शमा मोहम्मद को हटाने की मांग की। ट्वीट में लिखा गया, ‘कांग्रेस ने दलित स्टूडेंट साहिल वकोडे के हत्यारे का समर्थन किया है।’ इस मांग के बाद शमा को और भी अधिक स्पष्टीकरण देने पड़े।

जातिवाद पर उठे सवाल

शमा मोहम्मद ने कहा, ‘न्याय के मामले में दलित हमेशा मुसलमानों का साथ देते हैं, लेकिन वापसी में उन्हें यह मिलता है।’ उन्होंने लोगों से पूछा कि कब तक वे अपने जातिवादी हिंदू दोस्तों का तुष्टिकरण करते रहेंगे और इस तरह की भेदभाव वाली मानसिकता को अपनाएंगे।

साहिल वकोडे का मामला

20 वर्षीय साहिल रविंद्र वकोडे आईआईटी बॉम्बे के बी टेक सेकंड ईयर के छात्र थे। उन्हें अपने होस्टल में मृत पाया गया। यह घटना उस समय हुई जब उन्हें मिड-सेमिस्टर एग्जाम के दौरान कथित रूप से मोबाइल के जरिए चीटिंग करते पकड़ा गया था। इस मामले में 400 से ज्यादा छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।

छात्रों की प्रतिक्रियाएँ

छात्रों द्वारा उठाई गई चिंताओं में शामिल है कि साहिल वकोडे को पिछले तीन महीनों से जातिगत उत्पीड़न और धमकियों का सामना करना पड़ा। वरिष्ठ फैकल्टी मेंबर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है। छात्रों के परिजनों ने पुलिस के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

दमकती युवा पीढ़ी

शमा मोहम्मद ने कहा कि जब हम बच्चे थे, हमारी गलतियों के लिए हमें टीचर और पेरेंट्स द्वारा चेतावनी दी जाती थी। उन्होंने कॉलेजों से अपील की कि वे छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य के लिए थेरपी करवाएं। इस प्रकार के सवाल और विवाद भारतीय शिक्षा प्रणाली पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।

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