सेप्टिक टैंक की सफाई में जान का जोखिम, 1,223 सफाई कर्मचारियों की मौत पर मिला मुआवजा

The CSR Journal Magazine
नई दिल्ली: राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) ने देश भर में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हुई 1,377 मौतों में से 1,223 परिवारों को मुआवजा देने का निर्णय लिया है। इस गंभीर मुद्दे पर जानकारियों के अनुसार, हर साल आयोग को 1,200 से अधिक शिकायतें प्राप्त होती हैं। आयोग इन मामलों को हल करने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर काम करता है।

सफाई कर्मचारियों की गरिमा का सम्मान

एनसीएसके ने रविवार को दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में अपना 33वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर 900 से अधिक सफाई कर्मचारियों के साथ केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस समारोह में सफाई कर्मियों के योगदान का सम्मान किया गया। कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन हमारे सफाई कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण को मान्यता देने का अवसर है।

खतरनाक सफाई के तरीकों पर अंकुश

मंत्री ने इस अवसर पर खतरनाक तरीके से सफाई करने की प्रथा को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मशीनों का उपयोग बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि सफाई कर्मियों की जान को खतरे में नहीं डाला जाए। साथ ही, उन्होंने सफाई कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरण प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया।

भविष्य की दिशा में मजबूती

मेघवाल ने बताया कि भारत के विकास के साथ, स्वच्छता प्रणाली को भी आधुनिक और वैज्ञानिक बनाना चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मानव जीवन को ऐसे कार्यों के लिए जोखिम में नहीं डालना चाहिए, जिन्हें मशीनें सुरक्षित तरीके से कर सकती हैं। इस संदर्भ में, प्रमुख लक्ष्य खतरनाक मैन्यूअल सफाई के मामलों को समाप्त करना होना चाहिए।

सफाई कर्मचारियों के समर्पण की सराहना

इस दौरान उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने सफाई कर्मचारियों के योगदान की सराहना की। मंत्री ने यह भी कहा कि हर दुर्घटना या मौत के मामले में संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता, मुआवजा और पुनर्वास मिल सके।

सेप्टिक टैंक की समस्याओं का समाधान

समारोह में मंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए गरिमापूर्ण और सुरक्षित जीवन का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने इसके लिए सभी अधिकारियों से अपील की कि वे इस दिशा में ठोस कदम उठाएं। मेघवाल ने यह निर्देश भी दिया कि सबको मिलकर प्रसार करना चाहिए कि कोई भी सख्त तरीके से निपटने वाली सफाई व्यवस्था का हिस्सा न बने।

हम सबकी ज़िम्मेदारी

समाज के प्रत्येक तबके को इस दिशा में जागरूक होना चाहिए। सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण पर ध्यान देना हम सभी की जिम्मेदारी है। यह सुनिश्चित करना जरुरी है कि कोई भी अपने जीवन को खतरों में डालने के अभ्यस्त न हो, और हम सब मिलकर इसके लिए प्रयास करें।

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