यमुनानगर: शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी ने बड़ा कदम उठाया है। मौजूदा एजेंसी का कार्यकाल 31 अगस्त को पूरा होने और नए बड़े टेंडर को मंजूरी नहीं मिलने के चलते निगम ने चार महीने की अवधि के लिए छोटा टेंडर फाइनल किया है। इसके लिए करीब 6 करोड़ 46 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। जल्द ही संबंधित एजेंसी को काम सौंप दिया जाएगा।
रोजाना 250 से 300 टन निकलता है कचरा
नगर निगम के 22 वार्डों से प्रतिदिन करीब 250 से 300 टन कचरा निकलता है। शहर में घर-घर से कचरा उठाने का काम दिन के साथ-साथ रात में भी किया जाता है। एकत्रित कचरे का निपटान कैल गांव स्थित प्लांट में किया जाता है। फिलहाल कचरा उठाने और उसके निपटान की जिम्मेदारी एक ही एजेंसी के पास है।
कचरा उठान और निपटान के लिए अलग एजेंसियां
नगर निगम अब सफाई व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित बड़े टेंडर में डोर-टू-डोर कचरा उठान और कचरा निपटान का काम अलग-अलग एजेंसियों को सौंपने की योजना है। इस संबंध में प्रस्ताव पिछले महीने शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलने के बाद नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
350 नए सफाई कर्मचारियों की होगी नियुक्ति
सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निगम ने 350 नए सफाई कर्मचारियों को एजेंसी के माध्यम से नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रशासनिक मंजूरी हेतु फाइल शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजी गई है। वर्तमान में निगम में 627 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि स्वीकृत पद 1197 हैं। इस हिसाब से बड़ी संख्या में पद खाली हैं।
184 वर्ग किलोमीटर में फैला निगम क्षेत्र
यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम का क्षेत्र करीब 184 वर्ग किलोमीटर में फैला है। निगम के गठन के समय 45 गांवों को भी इसमें शामिल किया गया था। बड़े क्षेत्रफल और कर्मचारियों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बना हुआ है। कई कर्मचारी अधिकारियों की कोठियों और अन्य कार्यों में भी तैनात हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग पर भी नजर
स्वच्छ सर्वेक्षण में निगम की स्थिति में पहले सुधार दर्ज किया गया है। वर्ष 2023 में 221वें स्थान के मुकाबले 2024 में निगम 47वें स्थान पर रहा था। इस बार के परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं। निगम को उम्मीद है कि बेहतर कचरा उठान और निपटान व्यवस्था से रैंकिंग में और सुधार होगाI नगर निगम कमिश्नर महाबीर प्रसाद के अनुसार नए टेंडर की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही एजेंसी को वर्क अलॉट कर दिया जाएगा।