सितंबर में सूखा नहीं, बाढ़ का खतरा: बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर ने बदला मौसम का खेल

The CSR Journal Magazine
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सितंबर के महीने के लिए सामान्य से कम बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। जबकि, बंगाल की खाड़ी में बने एक लो प्रेशर सिस्टम के कारण उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में भारी वर्षा की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यह बदलाव कई क्षेत्रों में बाढ़ के हालात पैदा कर रहा है।

बंगाल की खाड़ी की भूमिका

इस बार सितंबर का मौसम अलग रूप में दिखाई दे रहा है। IMD के अनुसार, इस साल सितंबर में भारत भर में औसत वर्षा लगभग 91% तक रह सकती है। यह आंकड़ा सामान्य बारिश 167.9 मिलीमीटर से काफी कम है। जबकि पिछली कुछ वर्षों में सितंबर में बारिश सामान्य से अधिक रही थी। इसलिए यह सवाल उठता है कि हालात कैसे बिगड़ गए?

बाढ़ के हालात में तेजी

बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के कारण यह बारिश अधिक हो रही है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है, जिससे पूर्वी और मध्य भारत में बारिश बढ़ती जा रही है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश जैसे प्रदेशों को इससे विशेष रूप से प्रभावित किया जा रहा है।

विभिन्न राज्यों में बारिश की संभावना

IMD के अनुसार, सितंबर की शुरुआत में उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर में अधिक बारिश होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर सहित हरियाणा और चंडीगढ़ में भी भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि का खतरा बना हुआ है।

सामान्य से कम बारिश की चुनौतियां

भले ही पूरे महीने की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है, लेकिन कुछ राज्यों में संभावित बाढ़ जैसी स्थिति चिंताजनक है। इससे जलभराव, सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अगर किसी राज्य में बारिश की अवधि कम हो, लेकिन उसके दिन में काफी पानी गिरता है, तो यह स्थिति गंभीर बन सकती है।

जैविक बदलाव और बारिश का पैटर्न

इस साल सितंबर का विशेष बदलाव इसके समय और जगह में नजर आ रहा है। जबकि औसत बारिश कम हो सकती है, कुछ क्षेत्रों में अचानक भारी बारिश हो सकती है। यह मौसम का नया पैटर्न अनुभवदाता बन रहा है, जिससे बाढ़ की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

मानसून की विदाई का महीना

हालांकि सितंबर मानसून की विदाई का महीना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश समाप्त हो जाएगी। पिछली बार की तुलना में इस बार मानसून की सक्रियता कम दिखाई दे रही है। फिर भी, कुछ क्षेत्रों में मानसून का असर तब भी गहरा रह सकता है।

महत्वपूर्ण आंकड़े

सितंबर का औसत वर्षा आंकड़ा 167.9 मिलीमीटर है, लेकिन इस वर्ष बारिश का स्तर लगभग 91% तक रहने का अनुमान है। जबकि पूर्वोत्तर भारत और अन्य क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियाँ जारी रह सकती हैं। यह स्थिति राज्यों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है, जिससे बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos