पार्किंग विवाद से शुरू हुआ पुलिस-वकील संघर्ष, 2 नवंबर को प्रदर्शन की तैयारी

The CSR Journal Magazine
नई दिल्ली: 23 अक्टूबर को रोहताश नगर में एक दुकान के सामने बाइक खड़ी करने को लेकर एक बड़ा विवाद हुआ। इस विवाद में दुकानदार और वकील पक्ष शामिल थे। झगड़ा इतना बढ़ गया कि मामला शाहदरा थाने तक पहुंच गया। एक वायरल वीडियो में देखा गया कि वकील गाली-गलौज कर रहे हैं और अचानक एक वकील पर दुकानदार पक्ष का युवक मेज पर रखी नेम प्लेट से हमला कर देता है।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब वकील के सिर पर चोट लगने की खबर फैली, तो शाहदरा बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भी थाने पहुंच गए। वकील ने पुलिस पर दबाव डाला कि मामला दर्ज किया जाए, और पुलिस ने जख्मी वकील के बयान पर मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद वकील ने दुकानदार पक्ष के युवक और महिलाओं की गिरफ्तारी की मांग की।

वकीलों का विरोध

वकील पक्ष का दावा था कि अगर आरोपियों को नहीं पकड़ा गया, तो वे 24 अक्टूबर को फिर से थाने जाएंगे। इस दौरान, शाहदरा बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के बीच बातचीत हुई, जिसका एक वीडियो भी वायरल हुआ। वीडियो में वकील एसएचओ अरुण कुमार के साथ बदसलूकी करते नजर आए। एसीपी ने इस पर विरोध जताया और बाद में कुछ वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया।

हड़ताल का आह्वान

26 अक्टूबर को जिला अदालतों की कोआर्डिनेशन कमेटी ने हड़ताल का आह्वान किया। वकील इस बात से नाराज थे कि एसीपी ने उन्हें धमकाया। इस घटना ने वकील समुदाय में असंतोष फैला दिया, जिससे हड़ताल की स्थिति उत्पन्न हुई।

28 अक्टूबर को मीटिंग

28 अक्टूबर को पुलिस के आला अफसरों और दिल्ली बार एसोसिएशन के बीच एक महत्वपूर्ण मीटिंग हुई। इस मीटिंग में एसीपी मनस्वी को स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर विमेन एंड चिल्ड्रेन में भेजा गया, जबकि एसएचओ अरुण को सिक्योरिटी ड्यूटी पर लगाया गया। वकीलों का आरोप था कि अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि एसीपी-एसएचओ के खिलाफ जांच दो महीने में पूरी की जाएगी।

पुलिसकर्मियों में असंतोष

हालांकि, एसीपी और एसएचओ के ट्रांसफर ऑर्डर से पुलिसकर्मियों में असंतोष फैल गया। निचले स्टाफ ने व्हाट्सऐप ग्रुपों में 2 नवंबर को सुबह 8 बजे पहुंचने के मैसेज भेजने शुरू कर दिए। यह मैसेज सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गए।

एसीपी का वीडियो संदेश

एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने अपने समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने खुद प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही, लेकिन अनुशासित फोर्स का हिस्सा होने के नाते खुली बातचीत का सुझाव भी दिया। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात करने की मांग की।

प्रदर्शन की तैयारी

2 नवंबर को होने वाले प्रदर्शन की तैयारी जोरों पर है। पुलिसकर्मी और वकील दोनों ही अपने-अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हो रहे हैं। यह स्थिति दिल्ली में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रही है।

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