नवी मुंबई में पानी की मांग और आपूर्ति में 50 MLD का अंतर, CIDCO ने उठाया 15 फीसदी कटौती का कदम

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नवी मुंबई में 15% पानी की कटौती लागू, उलवे और द्रोणागिरी में एक दिन छोड़कर होगी सप्लाई; जानिए किन इलाकों पर पड़ेगा असर

शहर में आने वाले महीनों में पानी की संभावित किल्लत को देखते हुए सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CIDCO) ने अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में 15 प्रतिशत पानी की कटौती लागू कर दी है। यह व्यवस्था 2 नवंबर 2026 से शुरू हुई है और अगले आदेश तक जारी रहेगी। इसके तहत कुछ इलाकों में सप्ताह में एक बार लगातार 24 घंटे पानी की आपूर्ति बंद रहेगी, जबकि उलवे और द्रोणागिरी के कई सेक्टरों में एक दिन छोड़कर पानी मिलेगा। इस फैसले से खारघर, तलोजा, पनवेल, कलंबोली, कामोठे और करंजाडे सहित कई क्षेत्रों के निवासियों को अपनी पानी की जरूरतों के लिए पहले से तैयारी करनी होगी।

मांग और आपूर्ति के बीच 50 एमएलडी का अंतर

CIDCO के जलापूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्राधिकरण को प्रतिदिन लगभग 311 मिलियन लीटर पानी मिल रहा है, जबकि अनुमानित आवश्यकता 361 मिलियन लीटर प्रतिदिन है। इस तरह मांग और उपलब्ध आपूर्ति के बीच लगभग 50 मिलियन लीटर प्रतिदिन का अंतर है। इसी कमी को देखते हुए पानी का नियोजित वितरण करने और उपलब्ध जल भंडार का इस्तेमाल सावधानी से करने के लिए कटौती का निर्णय लिया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने 5 अक्टूबर 2026 को जारी शासनादेश के जरिए संबंधित विभागों और जलापूर्ति एजेंसियों को उपलब्ध जल संसाधनों का नियोजन के साथ उपयोग करने के निर्देश दिए थे। इस व्यवस्था में पेयजल की उपलब्धता को प्राथमिकता देने और पानी की बर्बादी तथा रिसाव रोकने पर जोर दिया गया है। इसी पृष्ठभूमि में CIDCO ने अपने क्षेत्रों में आपूर्ति नियंत्रित करने के कदम उठाए हैं।

किन इलाकों में किस दिन 24 घंटे पानी बंद रहेगा?

CIDCO ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए सप्ताह के अलग-अलग दिन जलापूर्ति बंद रखने की व्यवस्था बनाई है। इसका उद्देश्य पानी की उपलब्धता के अनुसार वितरण को नियंत्रित करना है।
सोमवार- खारघर और नया पनवेल (पूर्व), इन क्षेत्रों में सप्ताह में एक बार 24 घंटे जलापूर्ति बंद रहेगी।
मंगलवार- नया पनवेल (पश्चिम) और उलवे के निर्धारित सेक्टर, उलवे के सेक्टर 2, 3, 5, 6, 19, 20, 21, 23, 24, 25 और 25A के साथ गव्हाण, कोपर तथा मोरावे प्रभावित होंगे।
बुधवार- कलंबोली, निर्धारित 24 घंटे की जलापूर्ति बंदी लागू रहेगी।
गुरुवार- करंजाडे, साप्ताहिक जलापूर्ति बंदी का दिन।
शुक्रवार- तलोजा, कालुंद्रे और कामोठे, इन क्षेत्रों में सप्ताह में एक बार 24 घंटे पानी की आपूर्ति बंद रहेगी।
स्रोत: CIDCO की जल कटौती व्यवस्था से संबंधित 2–3 नवंबर 2026 की प्रकाशित जानकारी।

उलवे और द्रोणागिरी में एक दिन छोड़कर मिलेगा पानी

सामान्य साप्ताहिक बंदी के अलावा उलवे और द्रोणागिरी के कुछ हिस्सों में वैकल्पिक दिनों में जलापूर्ति की व्यवस्था लागू की गई है। इससे प्रभावित इलाकों के निवासियों को पानी जमा करने और घरेलू जरूरतों की योजना पहले से बनानी होगी।
उलवे के प्रभावित इलाके: सेक्टर 8, 9, 10B, 15C, 16, 17 और 18। इसके अलावा शेलघर, बामनडोंगरी, न्हावा, शिवाजीनगर और न्हावा खाड़ी में भी एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति होगी।
द्रोणागिरी के प्रभावित इलाके: सेक्टर 1, 2, 11, 12, 15, 30, 47, 48, 50, 51, 52, 53, 54 और 55। इसके साथ धुतुम, भेंडखल, पागोटे, फुंडे, नवघर, नवघर पाड़ा, बोकडवीरा और कुंडे भी इस व्यवस्था के दायरे में हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि उलवे के कुछ अन्य सेक्टरों में मंगलवार की साप्ताहिक बंदी अलग से लागू होगी। इसलिए निवासियों को अपने संबंधित सेक्टर और सोसायटी के लिए जारी जलापूर्ति कार्यक्रम की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

खारघर और तलोजा में पहले से पानी की समस्या

पानी की कमी का असर खारघर और तलोजा जैसे तेजी से विकसित हो रहे आवासीय क्षेत्रों में पहले से दिखाई दे रहा है। इन दोनों क्षेत्रों की अनुमानित जरूरत लगभग 104 मिलियन लीटर प्रतिदिन बताई गई है। यहां कुछ आवासीय सोसायटियों के निवासियों ने कम दबाव और पर्याप्त पानी नहीं मिलने की शिकायतें की हैं। CIDCO को खारघर और तलोजा के लिए हेटवणे बांध, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल और नवी मुंबई महानगरपालिका से पानी मिलता है। प्रकाशित जानकारी के मुताबिक, महानगरपालिका से CIDCO को खारघर, तलोजा और कामोठे के लिए मिलने वाली आपूर्ति में भी कमी आई है। ऐसे में मांग और उपलब्ध पानी के बीच अंतर को कम करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। द्रोणागिरी में भी पानी की कमी के कारण कुछ आवासीय सोसायटियों को निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे परिवारों और सोसायटियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। हालांकि, हर क्षेत्र में कमी की स्थिति एक जैसी नहीं है और इसका असर स्थानीय आपूर्ति व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

नागरिकों से पानी बचाने की अपील

CIDCO ने लोगों से पेयजल का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक करने और अनावश्यक खपत रोकने की अपील की है। प्राधिकरण ने पानी की बर्बादी रोकने के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने को कहा है।
पीने के पानी का इस्तेमाल वाहन धोने के लिए न करें।
घर की पानी की टंकियों को जरूरत से ज्यादा भरकर पानी बहने न दें।
नल, पाइप और टंकियों में रिसाव होने पर तुरंत मरम्मत कराएं।
पानी की उपलब्धता के अनुसार घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त भंडारण रखें।
पानी का इस्तेमाल सफाई और अन्य कार्यों में सोच-समझकर करें।
CIDCO ने चेतावनी दी है कि पेयजल का दुरुपयोग पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

आगे की अनिश्चितता

फिलहाल 15 प्रतिशत पानी की कटौती अगले आदेश तक लागू रहेगी। इसका मतलब है कि यह व्यवस्था किसी निश्चित समाप्ति तिथि के साथ घोषित नहीं की गई है। आगे जल भंडार, मांग और प्रशासन के निर्देशों के अनुसार स्थिति की समीक्षा की जा सकती है, लेकिन कटौती हटाने की कोई निश्चित तारीख उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है। नवी मुंबई के निवासियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे अपने क्षेत्र में लागू बंदी और वैकल्पिक आपूर्ति के दिन की जानकारी लें। खासकर उलवे और द्रोणागिरी की प्रभावित सोसायटियों को पानी की उपलब्धता के अनुसार दैनिक जरूरतों की योजना बनानी होगी।
निष्कर्ष: CIDCO का यह फैसला संभावित जल संकट से निपटने के लिए उठाया गया एहतियाती कदम है। हालांकि, 15 प्रतिशत कटौती और कुछ क्षेत्रों में 24 घंटे की बंदी या एक दिन छोड़कर आपूर्ति से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। ऐसे में जल संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना और स्थानीय जलापूर्ति कार्यक्रम का पालन करना जरूरी होगा।

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