परिवार को इम्प्रेस करने के लिए बनवाया फर्जी PMO कार्ड? मुंबई मॉल में एंट्री से पहले युवक ने खुद को बताया अधिकारी

The CSR Journal Magazine
मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स इलाके में फर्जी प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO पहचान पत्र का इस्तेमाल करने के मामले में गिरफ्तार 24 वर्षीय रोहन पारिख से पूछताछ में कई बातें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, पारिख ने दावा किया कि उसने अपने परिवार को प्रभावित करने के लिए खुद को PMO से जुड़ा बताने वाला फर्जी कार्ड बनवाया था। हालांकि, पुलिस उसके इस जवाब को पूरी तरह सच नहीं मान रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि फर्जी पहचान पत्र बनाने और उसका इस्तेमाल करने के पीछे कोई दूसरा मकसद तो नहीं था।

हथियार मिलने के बाद हुआ विवाद

पुलिस के अनुसार यह मामला 7 सितंबर का है। रोहन पारिख अपने साथ 49 वर्षीय दिलीप कुंडे और एक अन्य व्यक्ति प्रथेमेश बागुल के साथ जियो वर्ल्ड प्लाजा मॉल पहुंचा था। तीनों ने कथित तौर पर फर्जी PMO पहचान पत्र दिखाकर मॉल में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने वहां से एक परफ्यूम और वॉलेट खरीदा और बाहर निकल गए। इसी दौरान दिलीप कुंडे के पास हथियार मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद मॉल के सुरक्षा कर्मचारियों से उनका विवाद हो गया। विवाद के दौरान पारिख ने कथित तौर पर खुद को PMO अधिकारी बताया। इसके बाद सुरक्षा कर्मचारियों को उसके पहचान पत्र पर शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।

AI से बनाया गया था फर्जी कार्ड?

पुलिस को शक है कि रोहन पारिख ने डिजिटल PMO पहचान पत्र तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI टूल्स का इस्तेमाल किया हो सकता है। जांचकर्ता अब कथित फर्जी कार्ड की तकनीकी जानकारी की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कार्ड कहां और कैसे तैयार किया गया। इसके अलावा आरोपी ने जिस ईमेल का जिक्र किया है, उसकी भी जांच की जा रही है।

PMO में नौकरी के ईमेल का भी दावा

पूछताछ के दौरान पारिख ने पुलिस को बताया कि उसे वर्ष 2024 में PMO में किसी पद पर चयन की पुष्टि करने वाला ईमेल मिला था। अब पुलिस इस दावे की सत्यता जांच रही है। जांच का अहम हिस्सा यह भी है कि क्या वास्तव में उसे किसी सरकारी पद या चयन से संबंधित ईमेल मिला था या यह कहानी फर्जी पहचान पत्र के इस्तेमाल को सही ठहराने के लिए बनाई गई।

तीसरे आरोपी की तलाश जारी

पुलिस के मुताबिक, मामले में रोहन पारिख और दिलीप कुंडे को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीसरे आरोपी प्रथेमेश बागुल की तलाश जारी है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस अब फर्जी पहचान पत्र बनाने, उसके इस्तेमाल, हथियार से जुड़े पहलू और आरोपियों के वास्तविक मकसद की जांच कर रही है। खास बात यह है कि यह घटना ऐसे समय हुई, जब अगले दिन पास स्थित नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा कार्यक्रम होना था।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos