Mumbai Auto Taxi Strike: मुंबई में ऑटो-टैक्सी चालकों का हड़ताल, 3 दिन सड़कों से दूर रहेंगे ड्राइवर

The CSR Journal Magazine
Mumbai Auto Taxi Strike: महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और कैब चालकों के लिए मराठी भाषा के ज्ञान को अनिवार्य किए जाने का विवाद अब सड़क पर उतर आया है। मुंबई में ऑटो-रिक्शा चालकों के एक वर्ग ने सोमवार से तीन दिन की हड़ताल शुरू कर दी। कांदिवली में प्रदर्शन के दौरान चालकों ने सड़क रोककर अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि भाषा की अनिवार्यता और इसके उल्लंघन पर कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो रहा है।

Mumbai Auto Taxi Strike: कांदिवली में सड़क पर उतरे ऑटो चालक

सोमवार को कांदिवली लिंक रोड पर बड़ी संख्या में ऑटो चालकों ने वाहन खड़े कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। चालकों ने सरकार से नियम और उसके तहत होने वाली कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे कुछ चालकों का कहना है कि वे उम्रदराज हैं और उन्हें औपचारिक शिक्षा का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। ऐसे में अचानक भाषा की परीक्षा और कार्रवाई का दबाव उनके लिए मुश्किल पैदा कर रहा है। एक चालक ने मीडिया से कहा कि कई चालक अब टूटी-फूटी मराठी सीखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें समय देने के बजाय दंडित किया जा रहा है।

Mumbai Auto Taxi Strike: आखिर क्या है महाराष्ट्र का मराठी भाषा नियम?

Marathi Language Rule: महाराष्ट्र सरकार ने ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और यात्री कैब चालकों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान जरूरी किया है। परिवहन विभाग ने इस नियम को लागू करने के लिए RTO के स्तर पर जांच शुरू की है। अधिकारियों की ओर से चालकों से रोजमर्रा के यात्री संवाद से जुड़े सवाल पूछकर यह देखा जा रहा है कि वे मराठी में सामान्य बातचीत कर सकते हैं या नहीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, नई व्यवस्था में मराठी की जानकारी को सार्वजनिक परिवहन सेवा में काम जारी रखने की शर्त से जोड़ा गया है। सरकार का तर्क है कि यात्रियों से बेहतर संवाद और सुरक्षित-सुविधाजनक यात्रा के लिए स्थानीय भाषा का व्यावहारिक ज्ञान जरूरी है।

जांच में सैकड़ों चालक नहीं दिखा पाए मराठी का ज्ञान

नियम लागू होने के बाद RTO ने राज्यभर में जांच अभियान शुरू किया है। 22 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन में 5,211 व्यावसायिक चालकों की जांच की गई, जिनमें 777 चालक अपेक्षित व्यावहारिक मराठी ज्ञान प्रदर्शित नहीं कर सके। इनमें 722 चालक मुंबई महानगर क्षेत्र से थे। इन चालकों को एक महीने के भीतर मराठी सीखने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बाद भी नियम का पालन नहीं करने पर बैज या परमिट के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसी कार्रवाई को लेकर चालक संगठनों और सरकार के बीच टकराव बढ़ता नजर आ रहा है।

Mumbai Auto Taxi Strike: भाषा बनाम रोजी-रोटी की बहस

इस विवाद ने मुंबई में भाषा, रोजगार और प्रवास को लेकर पुरानी बहस को फिर हवा दे दी है। विरोध कर रहे चालकों का कहना है कि स्थानीय भाषा सीखना गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए पर्याप्त समय और प्रशिक्षण मिलना चाहिए। वहीं सरकार का पक्ष है कि महाराष्ट्र में सार्वजनिक परिवहन से जुड़े चालकों के लिए यात्रियों से स्थानीय भाषा में संवाद करने की क्षमता जरूरी है। इस बीच हड़ताल का असर यात्रियों पर पड़ने की आशंका भी है। मीडिया रिपोर्ट्स में पहले ही मुंबई और MMR के कई इलाकों में ऑटो-टैक्सी की उपलब्धता घटने और यात्रियों को परेशानी होने की बात सामने आई है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारी चालक इस टकराव का समाधान बातचीत से निकालते हैं या तीन दिन की हड़ताल के बाद आंदोलन और व्यापक रूप लेता है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 
Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos