कैसे ‘छर्रों’ ने Tamilnadu के CM थलपति विजय की नींद उड़ाई, केरल के सीएम सतीशन भी चिंतित

The CSR Journal Magazine
समुद्री पर्यावरण की स्थिति बेहद नाजुक होती है। एक छोटी सी घटना भी समुद्र के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुँचा सकती है। ऐसा ही कुछ पिछले साल हुआ जब कोच्चि के पास ‘MSC एल्सा 3’ नामक एक जहाज डूब गया। इसके चलते अरब सागर में ईंधन, कंटेनर और अरबों प्लास्टिक के छर्रे फैल गए हैं। हर बार जब मौसम खराब होता है या ज्वार-भाटे उठते हैं, तो ये नर्डल्स केरल और तमिलनाडु के तटों पर बहकर आ रहे हैं, जिससे पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पर्यावरणीय खतरों का सामना

24 मई, 2025 को लाइबेरियाई झंडे वाला MSC Elsa 3 जहाज करीब 38 नॉटिकल मील दूर डूब गया। ऐसा होने से समुद्र में तेल फैल गया और अरबों ‘नर्डल्स’ समुद्री पर्यावरण में मिल गए। एक साल बाद भी, मानसून और तूफानी लहरों से ये प्लास्टिक के छर्रे तट पर आ रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन छोटे दानों को पूरी तरह से इकट्ठा करना लगभग असंभव है, क्योंकि ये समुद्र की रेत में दफन हो जाते हैं और जीव-जंतुओं द्वारा खा लिए जाते हैं।

मछली पकड़ने वाले समुदायों की दिक्कतें

मछुआरों ने बताया है कि उनके जालों में नर्डल्स फंस जाते हैं, जिससे उनकी आय पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। सीफ़ूड की सुरक्षा और मछली पकड़ने के खराब हुए इलाकों पर चिंता उनके जीवनयापन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। इस समुद्री प्रदूषण ने मछुआरा समुदायों के लिए बड़ा आर्थिक बोझ बना दिया है।

ग्रीनपीस की चेतावनी

इंटरनेशनल संस्था ग्रीनपीस ने इस घटना को भारत की समुद्री गवर्नेंस के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ बताया है। उन्होंने प्लास्टिक पेलेट प्रदूषण की लंबे समय तक निगरानी, जवाबदेही के मजबूत सिस्टम और शिपिंग कंपनियों की अधिक जवाबदेही की मांग की है। ग्रीनपीस ने पुराने कार्गो जहाजों के लगातार उपयोग पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि इन जहाजों के प्रदूषण के लिए मल्टीनेशनल कंपनियों को अधिक जिम्मेदार होना चाहिए।

तटीय क्षेत्रों पर प्रभाव

तटीय इलाकों की स्थिति यहां हो रही बहस से अलग नहीं है। विझिनजाम में तटीय भू-आकृति विज्ञानी एजे विजयन का कहना है कि बंदरगाहों का आकलन पृथक रूप से नहीं होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया है कि ब्रेकवाटर और ड्रेजिंग जैसे तत्वों का सम्मिलित अध्ययन होना चाहिए। इससे तटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकेगा।

सीएम का आश्वासन

केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा है कि प्रस्ताव का मूल्यांकन जनहित और राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने भी चेताया है कि केरल के हितों से कोई समझौता नहीं होगा। वहीं, अडानी पोर्ट्स ने 30 जून को घोषणा की कि वो TiL में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेंगे, जिससे कंपनी की वैल्यू करीब 27,000 करोड़ रुपये हो जाएगी।

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