तमिलनाडु उपचुनाव में तेज हुई सियासी जंग, विजय बोले-मेरी मोटी चमड़ी आलोचनाओं से नहीं डरती

The CSR Journal Magazine

मदुरंतकम उपचुनाव में गरमाई सियासत, विजय बोले-‘आलोचनाओं से बेअसर हूं, पुराने भ्रष्टाचार पर सवाल पूछना नहीं छोड़ूंगा’,

तमिलनाडु में विधानसभा उपचुनाव से पहले सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने मदुरंतकम में अपनी पार्टी की उम्मीदवार मरगथम कुमारवेल के पक्ष में प्रचार करते हुए DMK पर तीखा हमला बोला। विजय ने कहा कि विपक्ष की आलोचनाओं से वह इसलिए प्रभावित नहीं होते क्योंकि उनकी “मोटी चमड़ी” है। उनके मुताबिक, राजनीति में आने से पहले करीब तीन दशक से अधिक समय तक सार्वजनिक जीवन और फिल्म जगत में रहने के कारण वह आलोचनाओं और व्यक्तिगत हमलों का सामना करने के आदी हैं।

मदुरंतकम विधानसभा उपचुनाव प्रचार

विजय ने यह टिप्पणी 6 अक्टूबर को होने वाले मदुरंतकम विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान की। उन्होंने अपने भाषण में DMK के पुराने राजनीतिक रिकॉर्ड और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों को फिर से उठाया और कहा कि जब वह अतीत के मुद्दों पर सवाल करते हैं तो उनके खिलाफ व्यक्तिगत और कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां की जाती हैं। उनका दावा था कि DMK यह मानकर चलती है कि युवा पीढ़ी को दशकों पुराने राजनीतिक विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों की जानकारी नहीं है। हालांकि, इन आरोपों को विजय के राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए। DMK की ओर से इन मुद्दों पर अलग राजनीतिक प्रतिक्रिया दी गई है और पार्टी ने विजय सरकार तथा TVK की राजनीति पर भी सवाल उठाए हैं। इसलिए पुराने भ्रष्टाचार मामलों का उल्लेख करते समय आरोप, जांच के निष्कर्ष और अदालतों के अंतिम फैसलों के बीच अंतर करना महत्वपूर्ण है।

‘पुरानी बातें उठाने पर मुझ पर हमला’

विजय ने कहा कि जब वह DMK के पुराने कामकाज और कथित भ्रष्टाचार के मामलों का उल्लेख करते हैं तो विपक्ष उन मुद्दों का जवाब देने के बजाय उनकी आलोचना करता है। उन्होंने कहा कि DMK युवा मतदाताओं के बीच अपनी साफ-सुथरी छवि बनाए रखने में इसलिए सफल होती रही है क्योंकि नई पीढ़ी को 50 वर्ष पहले के राजनीतिक घटनाक्रमों और विवादों की पूरी जानकारी नहीं है।  TVK प्रमुख ने अपने भाषण में DMK से कई सीधे सवाल भी किए। उन्होंने पूछा कि क्या पार्टी यह आश्वासन दे सकती है कि उसके नेता कभी सार्वजनिक धन का दुरुपयोग नहीं करेंगे और भविष्य में भी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने नेताओं से राजनीति में आने से पहले और बाद की संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने की चुनौती भी दी। विजय ने अपने भाषण में सरकारिया आयोग से जुड़े पुराने विवादों का भी उल्लेख किया। यह पहली बार नहीं है जब विजय ने विधानसभा और चुनावी मंच से DMK के पुराने रिकॉर्ड को अपने राजनीतिक अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाया हो। सितंबर की शुरुआत में विधानसभा में दिए गए अपने भाषण में भी उन्होंने सरकारिया आयोग, वीरानम परियोजना, एमआईएसए और पूर्व DMK शासन से जुड़े कई पुराने राजनीतिक प्रसंगों का उल्लेख किया था। इसके जवाब में विपक्ष ने सवाल उठाया कि वर्तमान सरकार को पुराने मामलों के बजाय मौजूदा शासन और वर्तमान समस्याओं पर भी जवाब देना चाहिए।

‘मेरी मोटी चमड़ी मुझे रोकती नहीं’

मदुरंतकम में विजय ने अपने राजनीतिक अनुभव और फिल्मी करियर का भी संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने से पहले वह लगभग 30-35 वर्षों तक लगातार लोगों और मीडिया की निगाह में रहे हैं। इसलिए आलोचना या व्यक्तिगत हमले उनके लिए कोई नई बात नहीं है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि उन्होंने अब तक जितना देखा है, उसके मुकाबले मौजूदा आलोचना उन्हें बहुत बड़ी नहीं लगती। विजय का यह बयान ऐसे समय आया है जब TVK पहली बार सत्ता में रहते हुए महत्वपूर्ण उपचुनाव का सामना कर रही है। मदुरंतकम और धारापुरम दोनों सीटों पर मुकाबला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों सीटें 2026 के विधानसभा चुनाव में AIADMK के खाते में गई थीं। बाद में यहां के विधायकों ने इस्तीफा देकर TVK का दामन थाम लिया, जिसके कारण उपचुनाव की स्थिति बनी।

मरगथम कुमारवेल को फिर मैदान में उतारा

मदुरंतकम से TVK ने मरगथम कुमारवेल को उम्मीदवार बनाया है। वह 2026 के विधानसभा चुनाव में AIADMK के टिकट पर इस सीट से निर्वाचित हुई थीं। बाद में उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दिया और TVK में शामिल हो गईं। उपचुनाव में TVK ने उन्हें ही दोबारा मैदान में उतारा है। कुमारवेल ने नामांकन दाखिल करते समय कहा था कि उन्होंने AIADMK छोड़कर TVK में शामिल होने का फैसला राजनीतिक परिस्थितियों और पार्टी के भीतर के मतभेदों के कारण किया। उन्होंने दावा किया था कि उनका TVK में शामिल होने का उद्देश्य जनता के लिए काम करना है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने उनके दल बदलने और दोबारा उसी क्षेत्र से चुनाव लड़ने को राजनीतिक रूप से मुद्दा बनाया है। मदुरंतकम में TVK और DMK के बीच सीधा मुकाबला दिखाई दे रहा है, लेकिन मैदान में अन्य दलों के उम्मीदवार भी हैं। DMK ने आई. पारंथामेन को उम्मीदवार बनाया है। दोनों प्रमुख उम्मीदवारों ने नामांकन के बाद अपनी-अपनी जीत का भरोसा जताया।

विजय ने चुनाव को TVK बनाम DMK के रूप में पेश किया

मदुरंतकम में विजय ने चुनावी मुकाबले को बहुकोणीय चुनाव के बजाय TVK और DMK के बीच सीधे संघर्ष के रूप में पेश करने की कोशिश की। उन्होंने TVK को “शुद्ध शक्ति” और DMK को “बुरी शक्ति” के रूप में संबोधित किया। यह विजय की चुनावी भाषा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है, जिसमें वह अपने दल को पुराने द्रविड़ राजनीतिक ढांचे से अलग नई राजनीतिक शक्ति के तौर पर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने DMK और BJP के बीच भी राजनीतिक समानता का आरोप लगाया और AIADMK को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। हालांकि, ये विजय के राजनीतिक दावे हैं और संबंधित दलों की अपनी राजनीतिक व्याख्या इससे अलग है। चुनावी भाषणों में इस्तेमाल किए गए ऐसे शब्दों को दलों के प्रचार अभियान के संदर्भ में देखना जरूरी है। विजय ने DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन को लेकर भी व्यक्तिगत अंदाज में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनसे पूछते हैं कि वह बार-बार स्टालिन को निशाना क्यों बनाते हैं। इसके जवाब में उन्होंने स्टालिन को अपना “अंकल” बताते हुए कहा कि वह चुनाव जीतें या हारें, उनके लिए अंकल ही रहेंगे। यह टिप्पणी विजय के भाषण की अपेक्षाकृत हल्की शैली का हिस्सा थी, लेकिन इसके साथ उन्होंने DMK नेतृत्व पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर अपने हमले भी जारी रखे।

DMK ने भी विजय सरकार पर उठाए सवाल

दूसरी ओर, DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने TVK सरकार और विजय की राजनीतिक शैली पर कई सवाल उठाए हैं। हालिया बयान में उन्होंने उपचुनावों की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि AIADMK से निर्वाचित विधायकों के इस्तीफे के बाद ये सीटें खाली हुईं और अब उन्हीं नेताओं को TVK ने उम्मीदवार बनाया है। DMK ने इसे राजनीतिक अवसरवाद बताया है, जबकि TVK की ओर से दल बदलने के पीछे अलग राजनीतिक कारण बताए गए हैं। स्टालिन ने कानून-व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, चुनावी वादों और सरकार की कार्यशैली जैसे मुद्दों को भी उठाया है। उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर प्रचार करने और वर्तमान सरकार के कामकाज को चुनावी मुद्दा बनाने की अपील की। इस तरह उपचुनाव में केवल उम्मीदवारों के बीच मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि दोनों प्रमुख दल इसे अपनी व्यापक राजनीतिक विचारधारा और नेतृत्व की स्वीकार्यता से जोड़कर पेश कर रहे हैं।

पुराने भ्रष्टाचार बनाम मौजूदा शासन का सवाल

विजय के अभियान में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि वह DMK के कई दशक पुराने राजनीतिक इतिहास को वर्तमान चुनावी बहस का हिस्सा बना रहे हैं। उनका तर्क है कि पुरानी घटनाओं को केवल इसलिए भुलाया नहीं जा सकता क्योंकि उन्हें हुए कई दशक बीत चुके हैं। दूसरी तरफ विपक्ष का जोर वर्तमान सरकार के कामकाज और मौजूदा मुद्दों पर है। यही अंतर आने वाले चुनाव अभियान की दिशा तय कर रहा है। TVK पुराने राजनीतिक विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों को सामने रखकर खुद को अलग विकल्प के रूप में प्रस्तुत कर रही है, जबकि विपक्ष विजय सरकार की वर्तमान नीतियों, प्रशासन और चुनावी वादों पर सवाल उठा रहा है। दोनों पक्षों के दावों की वास्तविकता समझने के लिए संबंधित मामलों के आधिकारिक दस्तावेज, जांच रिपोर्ट और न्यायिक फैसलों को अलग-अलग देखना जरूरी होगा।

6 अक्टूबर को मतदान

मदुरंतकम विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर को निर्धारित है। इस सीट के साथ धारापुरम में भी उपचुनाव होगा। दोनों सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं और दोनों में पहले AIADMK के विधायक निर्वाचित हुए थे, जिन्होंने बाद में इस्तीफा देकर TVK का रुख किया। मदुरंतकम में मरगथम कुमारवेल को फिर से मैदान में उतारना TVK की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वहीं DMK ने सीधे मुकाबले में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए आई. पारंथामेन को उम्मीदवार बनाया है। इस चुनावी माहौल में विजय का “मोटी चमड़ी” वाला बयान उनके राजनीतिक संदेश का प्रतीक बन गया है। वह यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि आलोचनाएं और व्यक्तिगत हमले उन्हें DMK के पुराने रिकॉर्ड पर सवाल उठाने से रोक नहीं सकते। दूसरी ओर DMK का जोर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री के रूप में विजय को अतीत के साथ-साथ वर्तमान शासन का भी जवाब देना चाहिए।
आखिरकार 6 अक्टूबर का मतदान यह तय करेगा कि मदुरंतकम के मतदाता इस चुनावी बहस में किन मुद्दों को महत्व देते हैं। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि उपचुनाव ने TVK और DMK के बीच राजनीतिक मुकाबले को और तीखा कर दिया है और विजय ने अपने अभियान को पुराने भ्रष्टाचार के आरोपों, दल बदल और वर्तमान शासन के सवालों के इर्द-गिर्द केंद्रित कर दिया है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/ app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/ apps/details?id=com. inventifweb.newspin& pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos