Modi Cabinet Reshuffle History: मोदी सरकार में कब-कब हुआ बड़ा फेरबदल, कितने मंत्री हुए बाहर?

The CSR Journal Magazine
Modi Cabinet Reshuffle History: मोदी सरकार के तीन कार्यकाल में कई बार देखा गया है कि कैबिनेट में बड़े बदलाव हुए हैं। 2021 में 12 मंत्रियों के इस्तीफे के साथ सबसे बड़ा फेरबदल हुआ था। अब तीसरे कार्यकाल में भी कुछ मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। क्या आने वाले समय में और मंत्री हटाए जाएंगे? यह सवाल सभी के मन में है। हाल ही में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का गठन किया है, जिससे अटकलें बढ़ गई हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में जल्द फेरबदल हो सकता है।

पहले और दूसरे कार्यकाल का आंकड़ा

2014 से 2019 के कार्यकाल में कई मंत्री बाहर हुए। जुलाई 2016 में सबसे बड़ा बदलाव हुआ, जब पांच मंत्री जैसे निहाल चंद और मनसुखभाई वसावा को हटाया गया। इसके बाद 2017 में भी छह मंत्री इस्तीफा दे चुके थे। वहीं, दूसरी मोदी सरकार में 7 जुलाई 2021 को बड़ा फेरबदल हुआ, जिसमें 12 मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दिया। इनमें कैबिनेट मंत्री जैसे रविशंकर प्रसाद और हर्षवर्धन शामिल थे।

Modi Cabinet Reshuffle History: अभी तक का हाल

तीसरे कार्यकाल की बात करें तो अब तक कोई आधिकारिक कैबिनेट फेरबदल नहीं हुआ है, लेकिन तीन केंद्रीय मंत्रियों ने अपने पद छोड़े हैं। जॉर्ज कुरियन, रवनीत सिंह बिट्टू और धर्मेंद्र प्रधान जैसे मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है। यह इस्तीफे राज्यसभा के कार्यकाल खत्म होने या विभिन्न कारणों से हुए हैं।

कैबिनेट मसले का औसत कार्यकाल

अशोका यूनिवर्सिटी के त्रिवेदी सेंटर फॉर पॉलिटिकल डेटा के अनुसार, किसी मंत्री का औसत कार्यकाल लगभग 2 साल रहा है। यह आंकड़ा सिर्फ कैबिनेट मंत्रियों का नहीं है, बल्कि सभी मंत्रियों के लिए है। संसद में स्थिरता के दौरान कोई भी मंत्रालय लगभग 2 कैबिनेट मंत्रियों की मेज़बानी करता है।

कैबिनेट मंत्रियों की नियुक्ति के नियम

भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार, प्रधानमंत्री का चयन राष्ट्रपति करते हैं। अगर किसी मंत्री को हटाया जाना है, तो यह प्रधानमंत्री की सलाह पर होता है। यह जरूरी नहीं कि मंत्री को किसी गलती पर ही हटाया जाए, बल्कि प्रधानमंत्री राजनीतिक जरूरतों के अनुसार फेरबदल कर सकते हैं।

क्या गैर-सांसद भी बन सकते हैं मंत्री?

संविधान के तहत, किसी व्यक्ति का लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य होना सामान्य तरीका है, लेकिन गैर-सांसद को भी मंत्री बनने से नहीं रोका गया है। अगर कोई मंत्री नियुक्ति के समय संसद के सदस्य नहीं हैं, तो उन्हें अधिकतम 6 महीने के भीतर सदस्य बनना होगा। यह नियम भी ध्यान देने योग्य है कि कुल मंत्रियों की संख्या 15% से ज्यादा नहीं हो सकती।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos