Bihar: लखीसराय में जलजमाव का संकट, 8 महीने से पानी में जी रहे ग्रामीण

The CSR Journal Magazine
लखीसराय के हुसैना गांव में पिछले आठ महीनों से ग्रामीण जलजमाव में फंसे हुए हैं। यहां के घरों से लेकर गलियों तक में 6 से 7 फीट गंदा पानी भरा हुआ है। दरवाजे पर सड़ांध और पानी के ऊपर तैरते कचरे ने लोगों की जिंदगी को कठिन बना दिया है। बांस, थर्मोकोल और प्लास्टिक के ड्रम से बनाए गए नांव से लोग इस गंदे पानी को पार करने में मजबूर हैं।

दूसरी बस्ती: सुरक्षा की तलाश में सड़क किनारे झोपड़ियां

जलजमाव से बेघर हुए 12 से ज्यादा परिवार अब NH-80 पर फूस और प्लास्टिक की झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। परिवारों का कहना है कि जहां उनका घर था, अब वह सिर्फ पानी में डूबी एक ढांचा बन चुका है। यहां रहने से उनकी दैनिक जिंदगी में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक पानी में रहने के कारण घर के सामान खराब हो रहे हैं। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सड़क किनारे रहना भी सुरक्षित नहीं है, क्योंकि तेज रफ्तार वाहनों का खतरा और झोपड़ियों में रहना कठिन है। इसके बावजूद, कई परिवारों ने इसे अपनी जिंदगी का स्थायी ठिकाना बना लिया है।

निकासी की व्यवस्था का अभाव: वार्ड के हालात गंभीर

हुसैना वार्ड की सबसे बड़ी समस्या यह है कि निकासी व्यवस्था का अभाव है। आसपास के अन्य पांच वार्डों का पानी लगातार यहां जमा हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में यह जलजमाव और भी बढ़ जाता है। अगर कोई स्थायी नाला या पंपिंग व्यवस्था हो जाए, तो समस्या का समाधान हो सकता है।
पानी की गहराई के कारण कई जगह पैदल चलना संभव नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों ने जुगाड़ नावों का सहारा लिया है। ये नावें थर्मोकोल और प्लास्टिक के ड्रम से बनाई गई हैं। इन्हीं साधनों के जरिए लोग आवश्यक सामान लाते हैं। मगर, बच्चों के लिए यह बेहद खतरनाक है, क्योंकि डूबने का खतरा हमेशा बना रहता है।

स्वास्थ्य का खतरा: मच्छर और जहरीले जीवों की बढ़ती संख्या

जलजमाव के कारण मच्छरों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। रात में झोपड़ी में बैठना भी मुश्किल हो गया है। सबसे बड़ा खतरा सांपों का है, जो सुरक्षित स्थान की तलाश में घरों और झोपड़ियों की तरफ आ रहे हैं। हाल ही में, एक ग्रामीण को सांप ने काट लिया, जिससे स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।

पीने के पानी की किल्लत: जीवन कठिनाईयों का सामना

जलजमाव की स्थिति ने पीने के पानी की समस्या भी पैदा कर दी है। कई चापाकल पानी में डूबे हुए हैं, और लोग इनका इस्तेमाल करने से डरते हैं। उन्हें पीने के पानी के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है, जिससे बच्चों और महिलाओं को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थायी समाधान की आवश्यकता: प्रशासन का नजरिया

ग्रामीणों का आरोप है कि इतने लंबे समय से जलजमाव के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। बीडीओ का कहना है कि जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान बड़ी योजना से ही हो पाएगा। लेकिन ग्रामीण तत्काल राहत की मांग कर रहे हैं।

हुसैना वार्ड की कहानी: परिवारों की कठिनाइयों का नाटक

यहां की कहानी केवल जलजमाव की नहीं है, बल्कि उन परिवारों की भी है, जो अपने घर में सुरक्षित नहीं रह पा रहे हैं। उनके बच्चों को गंदे पानी के बीच पलना पड़ रहा है जबकि परिवार NH-80 के किनारे गुजरते वाहनों के बीच जीने पर मजबूर हैं। आने वाले समय में इस समस्या का समाधान जरूरी है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos