Kailaras Sugar Mill Revival: बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल फिर होगी गुलजार, Madhya Pradesh सरकार ने शुरू की दोबारा चालू करने की कवायद

The CSR Journal Magazine
Kailaras Sugar Mill Revival: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले (Muraina Sugar Mill) में लंबे समय से बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को फिर से शुरू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मिल के पुनरुद्धार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एमएसएमई विभाग ने मिल को ‘जैसी है, जहां है’ के आधार पर लीज पर देने के लिए रुचि की अभिव्यक्ति यानी Expression of Interest (EOI) आमंत्रित की है। सरकार को उम्मीद है कि मिल दोबारा शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। Madhya Pradesh Sugar Industry
Kailaras Sugar Mill Revival: 15 सितंबर तक दे सकेंगे प्रस्ताव
एमएसएमई विभाग के आयुक्त दिलीप कुमार के अनुसार इच्छुक कंपनियां 15 सितंबर 2026 की शाम 5 बजे तक ऑनलाइन प्रस्ताव जमा कर सकती हैं। प्राप्त प्रस्तावों को 16 सितंबर को शाम 5 बजे खोला जाएगा। शुगर और उससे जुड़े उप-उत्पादों के निर्माण में सक्षम कंपनियां मध्य प्रदेश ई-टेंडर पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। योजना की विस्तृत जानकारी एमएसएमई विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। Morena Sugar Mill News

31 अगस्त और 1 सितंबर को साइट विजिट

सरकार ने इच्छुक निवेशकों और कंपनियों को मिल की वास्तविक स्थिति समझने के लिए साइट विजिट का मौका भी दिया है। इच्छुक पक्ष 31 अगस्त और 1 सितंबर को सुबह 11 बजे से कैलारस शुगर मिल का निरीक्षण कर सकेंगे। मिल को लीज पर देने से जुड़ी शर्तों और प्रक्रिया पर 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे विंध्याचल भवन में बैठक होगी। इच्छुक पक्ष इस संबंध में अपने लिखित सवाल 7 सितंबर शाम 5 बजे तक जमा कर सकेंगे।

1,250 टन गन्ना रोजाना पेराई की क्षमता

कैलारस शुगर मिल की लोकेशन भी इसे उद्योग के लिए महत्वपूर्ण बनाती है। यह मिल NH-552 पर स्थित है और कैलारस रेलवे स्टेशन से 3 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। मिल की प्रतिदिन 1,250 टन गन्ना पेराई की क्षमता बताई गई है। लीज में केवल फैक्ट्री भवन ही नहीं, बल्कि प्लांट-मशीनरी, गोदाम, वर्कशॉप और 12.86 हेक्टेयर जमीन भी शामिल होगी।

Kailaras Sugar Mill Revival: 30 साल की होगी लीज

सरकार मिल को 30 वर्ष की लीज पर देने की तैयारी कर रही है। संतोषजनक कामकाज और निर्धारित शर्तों के आधार पर लीज अवधि को आगे बढ़ाने का विकल्प भी रखा गया है। सरकार की योजना मिल की मौजूदा परिसंपत्तियों का उपयोग कर इसे दोबारा उत्पादन में लाने की है। इससे स्थानीय स्तर पर गन्ना किसानों को बाजार, युवाओं को रोजगार और आसपास के क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इलाके की अर्थव्यवस्था को मिल सकता है नया सहारा

कैलारस शुगर मिल के दोबारा शुरू होने का असर केवल मिल तक सीमित नहीं रहने वाला है। चीनी उद्योग से जुड़े परिवहन, श्रमिक, कृषि और छोटे कारोबारों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है। मिल के संचालन से गन्ने की खरीद, परिवहन और प्रसंस्करण से जुड़ी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 19 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कैलारस चीनी मिल की जमीन एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया था। अब EOI प्रक्रिया शुरू होने के बाद सरकार का अगला लक्ष्य उपयुक्त निवेशक का चयन कर बंद मिल को फिर से उत्पादन की दिशा में ले जाना है।
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