अयोध्या: 5500 में से कैसे चुने गए तीन नाम? राम मंदिर CEO चयन की Inside Story

The CSR Journal Magazine
अयोध्या में राम मंदिर के पहले CEO का चयन अब अंतिम चरण में पहुँच गया है। चयन समिति ने ट्रस्ट को तीन नाम सौंप दिए हैं, जिसमें से कल एक नाम की आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है। 5500 आवेदन में से तीन नाम कैसे चुने गए, यह जानना दिलचस्प होगा। चयन प्रक्रिया को लेकर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने बताया कि एक उत्तम CEO की खोज के लिए न्यायपालिका एवं विशेषज्ञों की मदद ली गई।

चयन प्रक्रिया की शुरुआत

इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत 6 तारीख को हुई थी, जब ट्रस्ट ने CEO के चयन के लिए एक सर्च कमेटी बनाई थी। इस समिति में जस्टिस प्रमोद कोहली, चतुर्वेदी जी और सुरेश हावरे जी शामिल थे। उन्होंने 5500 आवेदनों में से पहले 3000 को छांटा। इसके बाद, इन 3000 में से 16 लोगों का साक्षात्कार लिया गया, जिसमें से 1500 व्यक्तियों को और छांटा गया।

गूगल फॉर्म और स्क्रूटनी का महत्त्व

अब तक 5585 आवेदनों में से, चयन समिति ने गूगल फॉर्म का उपयोग करते हुए योग्य उम्मीदवारों का चयन किया। 600 अंकों के इस फॉर्म में 470 अंक लाने वालों का चयन किया गया। इस प्रक्रिया में 3,577 व्यक्तियों ने गूगल फॉर्म का उत्तर दिया, जिनमें से 108 व्यक्तियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शॉर्टलिस्ट किया गया। यह प्रक्रिया चार दिन तक चली।

साक्षात्कार का अंतिम चरण

शॉर्टलिस्ट किए गए 17 लोगों में से 16 को अयोध्या में आमने-सामने साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। चयन समिति ने इन 16 लोगों में से तीन को अंतिम चयन के लिए चुना। यह चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया, ताकि राम मंदिर के लिए एक उपयुक्त CEO का चुनाव किया जा सके। चयन समिति के सदस्यों ने अपनी कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

नया CEO कौन होगा?

अभिजीत ठाकुर का चयन राम मंदिर के पहले CEO के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। दिल्ली विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर, अभिजीत ने Zee Media और ETV भारत जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया है। अब यह देखना है कि ट्रस्ट की तरफ से इन तीन नामों में से कौन सा नाम निर्णय लिया जाएगा। यह निर्णय राम मंदिर की और प्रमुखता बढ़ाने में मदद करेगा।

समाज का विश्वास और अपेक्षा

राम मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि CEO चयन की प्रक्रिया पूरी निष्पक्षता के साथ की गई है। उम्मीद की जा सकती है कि नया CEO न केवल मंदिर का सफल प्रबंधन करेगा, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाएगा। राम मंदिर का सही प्रबंधन करना और उसकी छवि को बनाए रखना इस नए CEO के लिए सबसे बड़ा चुनौती होगी।

कल का दिन बनेगा एतिहासिक

दो सितंबर का दिन अयोध्या के लिए एतिहासिक बनने जा रहा है, जब राम मंदिर का पहला CEO जनता के बीच लाया जाएगा। चयन समिति की मेहनत और ट्रस्ट की दिशा में यह कदम निश्चित रूप से राम भक्तों के लिए खुशी का विषय होगा। अब सिर्फ़ कल की घोषणा का इंतज़ार है।
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