Indian Army की आर्टिलरी में बड़ा बदलाव, स्वदेशी तोपों से बढ़ेगी मारक क्षमता

The CSR Journal Magazine
भारतीय सेना अपनी तोपखाना शक्ति को बड़े पैमाने पर आधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसमें स्वदेशी 155 मिमी तोपों जैसे धनुष और ATAGS पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ‘फील्ड आर्टिलरी रेशनलाइजेशन प्लान’ के तहत यह पहल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण है। नए तोपों का समावेश सेना की मारक क्षमता और तैनाती की गति को बढ़ाएगा। ये नए सिस्टम हर क्षेत्र में कारगर साबित होंगे।

धनुष तोप की खासियत

धनुष होवित्जर भारत की पहली स्वदेशी 155 मिमी तोप है, जो बोफोर्स डिजाइन पर आधारित है। इसके तहत सेना को 114 तोपों की सप्लाई लगभग पूरी हो चुकी है, और 2026 तक अंतिम खेप प्राप्त होगी। सरकार अब 300 और तोपों का नया ऑर्डर देने की तैयारी कर रही है, जिससे συνοंख बार तक कुल संख्या करीब 414 हो जाएगी।

ATAGS का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

ATAGS प्रोजेक्ट ने काफी विकास किया है और 2025 में 307 तोपों का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। इसकी मारक क्षमता 48 किलोमीटर से ज्यादा है, और इसमें ऑल-इलेक्ट्रिक सिस्टम शामिल है, जिससे तेज तैनाती संभव होती है। पहली रेजिमेंट 2027 तक तैयार हो जाएगी।

नई Towed Gun System की खरीद

सेना ने 400 नई Towed Gun System खरीदने की मंजूरी दी है, जो बाद में 1200 तक बढ़ाई जा सकती है। यह हल्की और ज्यादा मोबाइल 155 मिमी तोप होगी, जो हर प्रकार के इलाके में कार्य कर सकेगी।

पुराने सिस्टम होंगे अपग्रेड

Sharang artillery upgrade योजना के अंतर्गत 130 मिमी की पुरानी तोपों को 155 मिमी में बदला जा रहा है। अब तक 159 तोपें अपग्रेड की जा चुकी हैं और बाकी काम भी फिर से शुरू हो गया है।

मोबाइल आर्टिलरी पर जोर

सेना 814 ट्रक-माउंटेड Mounted Gun System लेने की योजना बना रही है। यह सिस्टम 90 सेकंड में फायर कर के पोजीशन बदल सकता है, जिससे युद्ध में तेजी और सुरक्षा दोनों बढ़ती है।

ऊंचाई के लिए हल्की तोपें

ऊंचाई वाले इलाकों के लिए 105 मिमी की 200 हल्की गन लेने की मंजूरी मिली है। Garuda 105 इस श्रेणी में सबसे आगे मानी जा रही है, जो 5500 मीटर तक के इलाकों में कार्य कर सकती है।

K9 वज्र-टी की ताकत

K9 Vajra-T सेना की सबसे आधुनिक सेल्फ-प्रोपेल्ड तोप है। 100 तोपें पहले ही शामिल हो चुकी हैं, 100 और का ऑर्डर दिया गया है, और आगे 200 और लेने की योजना है। इससे सेना के पास विश्व की सबसे बड़ी सेल्फ-प्रोपेल्ड गन फोर्स में से एक होगी।

M777 की अहमियत

M777 howitzer अल्ट्रा-लाइट तोप है, जिसे हेलिकॉप्टर से पहाड़ों में आसानी से पहुंचाया जा सकता है। हाल ही में सेना में 145 तोपें शामिल की गई हैं, और ये ऊँचाई वाले इलाकों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं

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