Hockey World Cup: भारत ने जर्मनी को 3-1 से हराया, 52 साल बाद दर्ज किया ऐतिहासिक प्रदर्शन

The CSR Journal Magazine
एम्सटेलवीन में खेले गए पांचवें-छठे स्थान के मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए विश्व रैंकिंग में पांचवें स्थान पर मौजूद जर्मनी को 3-1 से मात दी। इस जीत के साथ भारत ने विश्व कप अभियान का अंत जीत के साथ किया और पांचवां स्थान अपने नाम किया। भारत की शुरुआत मुकाबले में थोड़ी धीमी रही। पहले 43 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और महज कुछ मिनटों में मैच का रुख बदल दिया।

43वें मिनट में खुला भारत का खाता

भारत के लिए पहला गोल इशिका ने 43वें मिनट में किया। इसके ठीक एक मिनट बाद नवनीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद नवनीत ने 47वें मिनट में एक और गोल दागकर भारत को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। जर्मनी ने आखिरी मिनटों में वापसी की कोशिश की। लिन क्रिंग्स ने 59वें मिनट में गोल कर अंतर कम किया, लेकिन भारतीय डिफेंस ने इसके बाद कोई और मौका नहीं दिया। भारत ने 3-1 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

52 साल बाद भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

इस जीत की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि भारतीय महिला टीम ने विश्व कप में 52 साल बाद अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। भारत ने 1974 के पहले महिला हॉकी विश्व कप में चौथा स्थान हासिल किया था। 2026 में पांचवें स्थान के साथ टीम ने लंबे समय बाद फिर शीर्ष पांच में जगह बनाई है। भारत इस टूर्नामेंट में सिर्फ एक मुकाबला हारा। उसे दूसरे दौर में ओलंपिक चैंपियन और मेजबान नीदरलैंड्स के खिलाफ 0-2 से हार मिली थी। वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के कारण भारतीय टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई थी।

नवनीत कौर बनीं जीत की स्टार

जर्मनी के खिलाफ मुकाबले में नवनीत कौर भारतीय टीम की सबसे बड़ी स्टार रहीं। उन्होंने 44वें और 47वें मिनट में दो गोल करके टीम की जीत की नींव मजबूत की। इशिका के गोल ने भी भारत को निर्णायक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। खास बात यह भी है कि जर्मनी ने विश्व कप से पहले भारत के खिलाफ खेले गए दोनों अभ्यास मैचों में जीत हासिल की थी। लेकिन विश्व कप के अहम मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार रणनीति, पासिंग और फिनिशिंग के दम पर जर्मनी को कोई मौका नहीं दिया।

भारतीय डिफेंस भी रहा मजबूत

भारत की जीत में सिर्फ आक्रमण ही नहीं, बल्कि गोलकीपर और डिफेंस का भी अहम योगदान रहा। जर्मनी को मुकाबले में पांच पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय रक्षण ने इन मौकों को गोल में बदलने नहीं दिया। तीसरे क्वार्टर में लगातार तीन गोल करने के बाद भारत ने आखिरी मिनटों में अपनी बढ़त को संभाले रखा। जर्मनी का एक गोल आने के बावजूद भारतीय टीम दबाव में नहीं आई और मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया।

बड़ी तस्वीर

भारतीय महिला हॉकी टीम भले ही सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी, लेकिन विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करना उसके लिए बड़ी उपलब्धि है। 1974 के बाद यह उसका सर्वश्रेष्ठ विश्व कप प्रदर्शन है। इस अभियान ने भारतीय महिला हॉकी के बढ़ते स्तर और अंतरराष्ट्रीय मंच पर टीम की मजबूती को एक बार फिर दिखाया है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos