इस्लामाबाद की गुस्ताखी पर दिल्ली का पलटवार: पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर चला बुलडोजर

The CSR Journal Magazine

दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर चली JCB: बैरिकेड-फेंसिंग हटाए गए, सुरक्षा के नाम पर ढांचों की हटाई गई दीवारें

नई दिल्ली में स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन (उच्चायुक्त) के बाहर बने अनधिकृत ढांचों, सुरक्षा बैरिकेड्स और फेंसिंग को भारतीय अधिकारियों ने जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से पूरी तरह हटा दिया है। यह त्वरित और सख्त कार्रवाई बुधवार देर रात और गुरुवार सुबह (20 अगस्त 2026) को चाणक्यपुरी के शांतिपथ इलाके में अंजाम दी गई। राजनयिक हलकों में इसे इस्लामाबाद में तीन दिन पहले भारतीय उच्चायोग के बाहर की गई पाकिस्तानी कार्रवाई के खिलाफ भारत का एक कड़ा और ‘जैसे को तैसा’ (Tit-for-Tat) वाला जवाब माना जा रहा है।

इस्लामाबाद की गुस्ताखी का दिल्ली में करारा जवाब: पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर चला बुलडोजर

भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार जारी राजनयिक गतिरोध के बीच देश की राजधानी दिल्ली से एक बड़ी खबर सामने आई है। चाणक्यपुरी स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के परिसर के बाहर सरकारी एजेंसियों ने अचानक एक बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी में तैनात की गई JCB मशीनों ने मिशन के स्वीकृत दायरे से बाहर बने सभी अवैध निर्माणों, लोहे के बड़े कतर-प्रबंधन (Queue-management) ढांचों, ट्रैफिक बोलार्ड्स और फेंसिंग को पूरी तरह से ध्वस्त कर सड़क को सामान्य कर दिया है।

निर्धारित सीमा का उल्लंघन और आधी रात का एक्शन

आधिकारिक सूत्रों और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान मिशन के वीजा सेक्शन के पास की सार्वजनिक गली में कई अनधिकृत कतार-प्रबंधक लाइनर्स, सफेद मेटल फेंसिंग और टिन की छतें लगी हुई थीं। ये सभी ढांचे दूतावास के लिए स्वीकृत आधिकारिक नक्शे और सीमा रेखा से काफी बाहर बने थे। भारतीय एजेंसियों ने आधी रात को इन ढांचों को ‘अवैध अतिक्रमण’ मानते हुए हटाने की प्रक्रिया शुरू की। कुछ ही घंटों के भीतर समूचे बाहरी सुरक्षा गलियारे को साफ कर दिया गया।

घटनास्थल की स्थिति: बिखरा पड़ा है मलबा

कार्रवाई के बाद की जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। उच्चायोग के वीजा सेक्शन के आसपास अब भारी मात्रा में टूटी हुई लोहे की रेलिंग, मुड़े हुए धातु के फ्रेम, कंक्रीट के टुकड़े, ईंटें और सीमेंट का मलबा बिखरा पड़ा है। मलबे के बीच वीजा काउंटर के साइनबोर्ड (जैसे ‘Window 1’ और ‘Pakistani Passport Only’) साफ नजर आ रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल बाहरी अनधिकृत निर्माणों तक ही सीमित थी। पाकिस्तान हाई कमीशन की मुख्य ऐतिहासिक इमारत, उसकी सफेद दीवारें, गुंबद और पाकिस्तानी राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह वाला मुख्य गेट पूरी तरह सुरक्षित और अछूता है।

इस्लामाबाद की कार्रवाई का ‘पलटवार’

राजनयिक विशेषज्ञों और सूत्रों का कहना है कि यह प्रशासनिक कदम असल में एक सोची-समझी जवाबी कार्रवाई (Reciprocal Move) है। दरअसल, तीन दिन पहले इस्लामाबाद में पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) के बाहर सुरक्षा के लिए लगाए गए पार्किंग पोल और अहम सुरक्षा बैरिकेड्स को जबरन हटा दिया था। भारत ने उसी तर्ज पर ‘राजनयिक समानता’ (Parity) स्थापित करने के उद्देश्य से दिल्ली में भी पाकिस्तान के बाहरी सुरक्षा रिंग-फेंसिंग को हटाने का फैसला लिया। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में इस तरह के प्रशासनिक फेरबदल देशों द्वारा एक-दूसरे को कड़ा राजनयिक संदेश देने के लिए किए जाते हैं।

अमेरिका के बयान से भी गरमाया है माहौल

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच कश्मीर मुद्दे को लेकर भी तनाव चरम पर है। अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने 19 अगस्त को अपने श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर को “भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा” करार दिया था। इस बयान पर पाकिस्तान ने तीखी आपत्ति जताई थी और इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर विरोध दर्ज कराया था। हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने इस डिमोलिशन ड्राइव का अमेरिकी दूत के बयान से सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इसे पूरी तरह नियमों के तहत की गई प्रशासनिक कार्रवाई बताया है।

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